काठियावाड़ी घोड़ा: नस्ल, ऊँचाई और कैसे पहचानें

काठियावाड़ी, गुजरात के सौराष्ट्र का सवारी का घोड़ा, जिसके कानों के सिरे एक-दूसरे पर चढ़े होते हैं: पहचान, ऊँचाई, वज़न, रंग, मूल और खरीदने के सुझाव।

अपडेट: 24 अक्टूबर 2026जाँचा गया: 24 अक्टूबर 2026कट्टुतरै टीम ने लिखा

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मूल इलाका
गुजरात
बड़े होने पर वज़न
घोड़ा 337 किलोघोड़ी 321 किलो
ऊँचाई
घोड़ा 151 सेमीघोड़ी 148 सेमी
हर ब्यांत में बच्चे
आम तौर पर एक
किस लिए पालते हैं
सवारी
रंग
लाल-भूरा या कत्थई, चेहरे पर सफ़ेद निशान
नस्ल पंजीकरण
पंजीकृत नस्ल (ICAR-NBAGR)
इस पेज पर
  1. कैसे पहचानें
  2. यह किस काम आता है
  3. यह नस्ल कहाँ की है
  4. पालने के सुझाव
  5. खरीदने के सुझाव
  6. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
  7. आगे पढ़ें

काठियावाड़ी सवारी का घोड़ा है, जो गुजरात के काठियावाड़ प्रायद्वीप से आता है; इस इलाके को सौराष्ट्र भी कहते हैं। यह अपनी सहनशक्ति और मज़बूत बनावट के लिए जाना जाता है; इसके छोटे कान अंदर की ओर इतने मुड़ते हैं कि उनके सिरे एक-दूसरे पर चढ़ जाते हैं, और रीढ़ के साथ-साथ भूरी धारी इस नस्ल की खास पहचान है (NBAGR डेटाबेस)। NBAGR ने इसे गुजरात की घोड़ा नस्ल के रूप में दर्ज किया है (NBAGR रजिस्टर), और NRCE इसे भारत की सबसे पुरानी घोड़ा नस्ल बताता है (ICAR-NRCE)।

कैसे पहचानें

  • कान: छोटे और पतले, अंदर की ओर इतने मुड़े हुए कि सिरे एक-दूसरे पर चढ़ जाते हैं (NBAGR डेटाबेस)। घोड़ा इन्हें 180 डिग्री तक घुमा सकता है (ICAR-NRCE)।
  • सिर: चौड़ा माथा, जो आँखों के ऊपर उभरा होता है, और अंदर की ओर धँसा चेहरा (NBAGR डेटाबेस); बड़ी, भावपूर्ण आँखें, छोटी थूथन और बड़े नथुने (ICAR-NRCE)।
  • रंग: ज़्यादातर लाल-भूरा (चेस्टनट) या कत्थई (बे), अक्सर चेहरे पर सफ़ेद तारा और पट्टी, और पैरों पर छोटे या लंबे सफ़ेद मोज़े जैसे निशान (NBAGR डेटाबेस)। NRCE के अनुसार सबसे आम रंग लाल-भूरा है, फिर कत्थई, स्लेटी और मटमैला (डन) (ICAR-NRCE)।
  • अयाल, पूँछ और पीठ: अयाल और पूँछ के बाल लंबे और घुंघराले, और रीढ़ के साथ-साथ भूरी धारी (NBAGR डेटाबेस)। पूँछ लंबी होती है और ज़मीन तक पहुँचती है (ICAR-NRCE)।
  • शरीर: लंबी गर्दन, छोटी टाँगें, चौकोर पुट्ठे और गोल, चौड़े खुर (ICAR-NRCE)।
  • ऊँचाई और वज़न: NBAGR के औसत के अनुसार कंधे तक ऊँचाई घोड़ों की करीब 151 सेमी और घोड़ियों की 148 सेमी है, और वज़न घोड़ों का करीब 337 किलो और घोड़ियों का करीब 321 किलो (NBAGR डेटाबेस)। NRCE के अनुसार औसत ऊँचाई 147 सेमी है (ICAR-NRCE)।

यह किस काम आता है

  • सवारी। NBAGR के रिकॉर्ड में इस नस्ल का काम सवारी लिखा है, और इसकी सहनशक्ति और मज़बूत बनावट का ज़िक्र है (NBAGR डेटाबेस)। NRCE इसमें सुरक्षा के काम और सफ़ारी भी जोड़ता है (ICAR-NRCE)।
  • खास चाल। काठियावाड़ी अपनी खास चाल के लिए मशहूर है, जिसे रेवाल कहते हैं (NBAGR डेटाबेस)।
  • समारोह। काठियावाड़ी घोड़े समारोहों में भी इस्तेमाल होते हैं (ICAR-NRCE)।
  • बच्चे। एक बार में एक। घोड़ी करीब 55 महीने, यानी 4.5 साल की उम्र में पहला बच्चा देती है (NBAGR डेटाबेस)।

यह नस्ल कहाँ की है

इस नस्ल का नाम काठियावाड़ से पड़ा है, और यह गुजरात के सौराष्ट्र इलाके की देसी नस्ल है। NBAGR के नस्ल रिकॉर्ड में सुरेंद्रनगर, राजकोट, जूनागढ़, भावनगर और अमरेली जिलों के नाम हैं, और यह भी लिखा है कि राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में भी काठियावाड़ी घोड़े मिलते हैं (NBAGR डेटाबेस)। NBAGR के अनुसार इस नस्ल में शायद अरबी घोड़ों का और मटमैले (डन) रंग के मंगोलियाई घोड़ों का खून है (NBAGR डेटाबेस), जबकि NRCE इसकी जड़ें काठियावाड़ के जंगली घोड़ों और अरबी घोड़ों में बताता है (ICAR-NRCE)।

2013 के नस्ल सर्वे में 57,112 काठियावाड़ी घोड़े गिने गए (NBAGR डेटाबेस), और NBAGR की 2022 की नस्ल वॉचलिस्ट में यह नस्ल “खतरे में नहीं” वाले समूह में है (नस्ल वॉचलिस्ट)।

काठियावाड़ी घोड़ा चाहिए?

कट्टुतरै पूरे भारत में चलता है। काठियावाड़ी घोड़ों के लिए ऐप में “काठियावाड़ी” खोजें, या अपने पास के बिकाऊ घोड़े देखें। नस्ल विक्रेता बताता है और कट्टुतरै उसकी जाँच नहीं करता, इसलिए पैसे देने से पहले घोड़े को खुद देखें।

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पालने के सुझाव

  • देखभाल और प्रशिक्षण। मूल इलाके में काठियावाड़ी को अस्तबल में चारा और दाना देकर रखा जाता है, बहुत ध्यान से देखभाल और नियमित प्रशिक्षण के साथ (NBAGR डेटाबेस)।
  • अस्तबल, चारा और खुर। सूखा, हवादार अस्तबल, अच्छा चारा, हर समय साफ़ पानी और खुरों की नियमित देखभाल दें: देखें घोड़े कैसे पाले जाते हैं।
  • सेहत। पशु चिकित्सक से टीके लगवाएं, और नए खरीदे घोड़े को शुरू के कुछ हफ़्ते अपने बाकी पशुओं से अलग रखें: देखें घोड़ों को स्वस्थ रखें।

खरीदने के सुझाव

  • पहचान देखें: छोटे कान, जिनके सिरे एक-दूसरे पर चढ़े हों, आँखों के ऊपर उभरा चौड़ा माथा, धँसा हुआ चेहरा, रीढ़ के साथ-साथ भूरी धारी, और लंबी, घुंघराली अयाल और पूँछ (NBAGR डेटाबेस)।
  • काठियावाड़ी या मारवाड़ी? दोनों के कान अंदर की ओर मुड़े होते हैं। NRCE के अनुसार काठियावाड़ी के कान छोटे और पतले, माथा चौड़ा, चेहरा और पीठ छोटे, और चेहरे की रेखा अंदर को धँसी होती है, जबकि मारवाड़ी ज़्यादा ऊँचा होता है, उसके कान लंबे और नाक की रेखा बाहर को उभरी होती है (ICAR-NRCE)। देखें मारवाड़ी घोड़ा: नस्ल, ऊँचाई और कैसे पहचानें।
  • शुद्ध घोड़े को परखना पड़ता है। NRCE चेतावनी देता है कि योजना बनाकर प्रजनन न होने से भारत की देसी घोड़ा नस्लों की गुणवत्ता गिर रही है (ICAR-NRCE)। विज्ञापन में नस्ल का नाम विक्रेता का बताया हुआ होता है, और कट्टुतरै उसकी जाँच नहीं करता। माता-पिता के बारे में पूछें, और घोड़े को खुद जाँचें।
  • उम्र, सेहत और कागज़: दाँत देखकर उम्र परखें, घोड़े की जाँच पशु चिकित्सक से करवाएं, और आपका राज्य जो कागज़ माँगता है, वे लें: देखें घोड़ा खरीदना।
  • सुरक्षित पेमेंट करें। जो घोड़ा आपने खुद नहीं देखा, उसके लिए कभी एडवांस न दें: देखें सुरक्षित पेमेंट।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

काठियावाड़ी घोड़ा कितना ऊँचा होता है?

औसतन घोड़े की कंधे तक ऊँचाई करीब 151 सेमी और घोड़ी की 148 सेमी होती है; घोड़ों का वज़न करीब 337 किलो और घोड़ियों का करीब 321 किलो होता है (NBAGR डेटाबेस)।

रेवाल चाल क्या है?

यह वह खास चाल है, जिसके लिए काठियावाड़ी मशहूर है (NBAGR डेटाबेस)। खरीदने से पहले विक्रेता से कहें कि घोड़े को सवार के साथ चलाकर दिखाए।

काठियावाड़ी और मारवाड़ी में फ़र्क कैसे पहचानें?

सिर देखें: काठियावाड़ी के कान छोटे, माथा चौड़ा और चेहरा धँसा हुआ होता है, जबकि मारवाड़ी ज़्यादा ऊँचा होता है, उसके कान लंबे और नाक की रेखा उभरी हुई होती है (ICAR-NRCE)।

क्या पहली बार घोड़ा पालने वाले के लिए काठियावाड़ी ठीक है?

हो सकता है, अगर आप शांत, सधा हुआ घोड़ा खरीदें और किसी अनुभवी सवार से सीखें। मूल इलाके में इसे पूरे ध्यान से देखभाल और नियमित प्रशिक्षण के साथ रखा जाता है (NBAGR डेटाबेस)।

आगे पढ़ें

काठियावाड़ी की तुलना राजस्थान के मारवाड़ी घोड़े से करें। देखभाल, खरीद और सेहत के बारे में घोड़ा पालन: दक्षिण भारत में देखभाल, खरीद और सेहत पढ़ें, और बिकाऊ घोड़े देखें।

स्रोत

  1. ICAR-National Bureau of Animal Genetic Resources (NBAGR), Karnal — page archived on 14 Oct 2024 (the old nbagr.icar.gov.in site no longer resolves; nbagr.res.in has no horse register page) — Registered Breeds of Horse & Pony · पढ़ा गया 24 अक्टूबर 2026
  2. ICAR-National Bureau of Animal Genetic Resources (NBAGR), Karnal — Information System of Animal Genetic Resources of India (AnGR database): Breed Descriptor of Kathiawari (Horse) · पढ़ा गया 24 अक्टूबर 2026
  3. ICAR-National Research Centre on Equines (NRCE), Hisar; page archived on 23 Feb 2024 — Equine Breeds of India · पढ़ा गया 24 अक्टूबर 2026
  4. ICAR-National Research Centre on Equines (NRCE), Hisar — Yash Pal, Bhardwaj A, Sharma P, Tripathi B N; copy archived on 14 Aug 2025 — Equines farming and agri-entrepreneurship development · पढ़ा गया 24 अक्टूबर 2026
  5. ICAR-National Research Centre on Equines (NRCE), Hisar — Equine Health and Production Management booklet (2019); copy archived on 14 Aug 2025 — Equine Health and Production Management: Indigenous breeds of horses — Kathiawari · पढ़ा गया 24 अक्टूबर 2026
  6. ICAR-National Bureau of Animal Genetic Resources (NBAGR), Karnal — Breed Watchlist 2022 (poster; data from the breed-wise report of the 20th Livestock Census) · पढ़ा गया 24 अक्टूबर 2026

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