मारवाड़ी घोड़ा राजस्थान के मारवाड़ इलाके का सवारी का घोड़ा है, जो सबसे ज़्यादा अपने कानों के लिए जाना जाता है: कानों के सिरे अंदर की ओर इतने मुड़ते हैं कि अक्सर आपस में छू जाते हैं। राजपूत शासकों ने इसे अपनी घुड़सवार सेना के लिए तैयार किया था, और आज इसे सवारी, पुलिस के काम, समारोहों और शादियों के लिए रखा जाता है (NBAGR डेटाबेस)। NBAGR ने इसे राजस्थान की घोड़ा नस्ल के रूप में दर्ज किया है (NBAGR रजिस्टर)।
कैसे पहचानें
- कान: मध्यम आकार के और मुलायम, सिरों पर अंदर की ओर मुड़े हुए, जो अक्सर आपस में छू जाते हैं; घोड़ा इन्हें 180 डिग्री तक घुमा सकता है (NBAGR डेटाबेस)। NRCE के अनुसार सिरे नुकीले और हँसिये की तरह मुड़े होते हैं, और घोड़ा जब कान घुमाता है तो वे मिल जाते हैं या एक-दूसरे पर चढ़ जाते हैं (ICAR-NRCE)।
- सिर: लंबा, सपाट और चौड़ा माथा, लंबी और सपाट नाक की हड्डी, और नरम थूथन (NBAGR डेटाबेस)।
- रंग: कई रंग। NBAGR के रिकॉर्ड में गहरा भूरा, कत्थई (बे), गहरा कत्थई, लाल-भूरा (चेस्टनट), मटमैला (डन), स्लेटी, छींटदार स्लेटी, सफ़ेद-भूरा चितकबरा और सफ़ेद-काला चितकबरा दर्ज हैं (NBAGR डेटाबेस); NRCE के अनुसार भूरा रंग सबसे आम है (ICAR-NRCE)।
- शरीर: साफ़ उभरी नसों वाली मज़बूत टाँगें, चौकोर ढाँचा और शरीर पर बालों की पतली परत (NBAGR डेटाबेस)।
- ऊँचाई और वज़न: NBAGR के औसत के अनुसार कंधे तक ऊँचाई घोड़ों की करीब 156 सेमी और घोड़ियों की 154 सेमी है, और वज़न घोड़ों का करीब 361 किलो और घोड़ियों का करीब 339 किलो (NBAGR डेटाबेस)। NRCE के अनुसार ऊँचाई 152–160 सेमी होती है (ICAR-NRCE)।
यह किस काम आता है
- सवारी। NBAGR के रिकॉर्ड में इस नस्ल का काम सवारी लिखा है, और यह भी कि आज मारवाड़ी घोड़े पुलिस की सवारी के लिए, समारोहों और शादियों के लिए रखे जाते हैं, और ऐसे मालिक भी इन्हें रखते हैं जो इन्हें शौक से पालते हैं (NBAGR डेटाबेस)।
- गर्म, सूखा इलाका। यह नस्ल शुष्क और अर्ध-शुष्क इलाके से आती है। बालों की पतली परत की वजह से यह शरीर का ज़्यादा पानी गँवाए बिना गर्मी और सर्दी झेल लेती है, और इसके सूँघने और सुनने की शक्ति तेज़ होती है (NBAGR डेटाबेस)।
- सफ़ारी। राजस्थान में कुछ मारवाड़ी घोड़ा पालक पर्यटकों को घुड़सफ़ारी और ट्रेक पर ले जाते हैं (ICAR-NRCE)।
- बच्चे। एक बार में एक। घोड़ी औसतन 5 साल से थोड़ी ज़्यादा उम्र में पहला बच्चा देती है, और फिर करीब हर 21 महीने में एक (NBAGR डेटाबेस)।
यह नस्ल कहाँ की है
इस नस्ल का नाम मारवाड़ के नाम पर है, और इसका एक और नाम मालानी है। NBAGR के नस्ल रिकॉर्ड में राजस्थान के उदयपुर, सीकर, पाली, झुंझुनू, बाड़मेर और अजमेर जिलों के नाम हैं, जिनमें बाड़मेर जिले का मालानी इलाका इस नस्ल का गढ़ है, और यह भी लिखा है कि गुजरात के बनासकांठा और मेहसाणा जिलों में भी मारवाड़ी घोड़े मिलते हैं (NBAGR डेटाबेस)। NRCE की सूची में जोधपुर, जालौर, नागौर, सिरोही, जैसलमेर और राजसमंद भी हैं (ICAR-NRCE)।
2013 के नस्ल सर्वे में 38,696 मारवाड़ी घोड़े गिने गए (NBAGR डेटाबेस), और NBAGR की 2022 की नस्ल वॉचलिस्ट में यह नस्ल “खतरे में नहीं” वाले समूह में है (नस्ल वॉचलिस्ट), हालाँकि ICAR के अनुसार अब इनकी संख्या घट रही है (ICAR)। बीकानेर में NRCE का परिसर इस नस्ल को बचाने का काम करता है: 2023 में वहाँ भ्रूण स्थानांतरण से भारत का पहला मारवाड़ी बछेड़ा (घोड़े का बच्चा) पैदा हुआ, और मारवाड़ी भ्रूणों को जमाकर रखना शुरू हुआ (ICAR)।
मारवाड़ी घोड़ा चाहिए?
कट्टुतरै पूरे भारत में चलता है। मारवाड़ी घोड़ों के लिए ऐप में “मारवाड़ी” खोजें, या अपने पास के बिकाऊ घोड़े देखें। नस्ल विक्रेता बताता है और कट्टुतरै उसकी जाँच नहीं करता, इसलिए पैसे देने से पहले घोड़े को खुद देखें।
पालने के सुझाव
- पूरा ध्यान। मूल इलाके में मारवाड़ी घोड़े 2–3 के छोटे समूहों में, कभी-कभी 20 तक, रखे जाते हैं; उन्हें चारा और दाना दिया जाता है, और दिन में दो बार उनका खरहरा (मालिश और सफ़ाई) होता है; NBAGR के अनुसार मालिक उनकी देखभाल अपने बच्चों की तरह करते हैं (NBAGR डेटाबेस)।
- अस्तबल, चारा और खुर। सूखा, हवादार अस्तबल, अच्छा चारा, हर समय साफ़ पानी और खुरों की नियमित देखभाल दें: देखें घोड़े कैसे पाले जाते हैं।
- फुर्तीला घोड़ा। NRCE के अनुसार मारवाड़ी घोड़े चुस्त होते हैं, और उनके मिज़ाज का अंदाज़ा लगाना मुश्किल होता है (ICAR-NRCE)। उन्हें शांति से सँभालें, और सधाने का काम किसी अनुभवी सवार पर छोड़ें।
- सेहत। पशु चिकित्सक से टीके लगवाएं, और नए खरीदे घोड़े को शुरू के कुछ हफ़्ते अपने बाकी पशुओं से अलग रखें: देखें घोड़ों को स्वस्थ रखें।
खरीदने के सुझाव
- कान और सिर देखें: कानों के सिरे अंदर की ओर मुड़कर मिलते हों या लगभग मिलते हों, और सिर लंबा हो, माथा चौड़ा और सपाट (NBAGR डेटाबेस)।
- मारवाड़ी या काठियावाड़ी? दोनों के कान अंदर की ओर मुड़े होते हैं। NRCE के अनुसार मारवाड़ी घोड़े ज़्यादा ऊँचे होते हैं, उनके कान, चेहरा, पेस्टर्न (खुर के ठीक ऊपर का हिस्सा) और गर्दन लंबे होते हैं और नाक की रेखा बाहर को उभरी होती है, जबकि काठियावाड़ी घोड़ों का चेहरा धँसा हुआ और कान छोटे होते हैं (ICAR-NRCE)। देखें काठियावाड़ी घोड़ा: नस्ल, ऊँचाई और कैसे पहचानें।
- संकर आम हैं। NRCE के अनुसार मूल इलाके में अंधाधुंध संकरण की वजह से शुद्ध मारवाड़ी घोड़े कम ही बचे हैं (ICAR-NRCE)। विज्ञापन में नस्ल का नाम विक्रेता का बताया हुआ होता है, और कट्टुतरै उसकी जाँच नहीं करता। माता-पिता के बारे में पूछें, और घोड़े को खुद जाँचें।
- उम्र, सेहत और कागज़: दाँत देखकर उम्र परखें, घोड़े की जाँच पशु चिकित्सक से करवाएं, और आपका राज्य जो कागज़ माँगता है, वे लें: देखें घोड़ा खरीदना।
- सुरक्षित पेमेंट करें। जो घोड़ा आपने खुद नहीं देखा, उसके लिए कभी एडवांस न दें: देखें सुरक्षित पेमेंट।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मारवाड़ी घोड़े के कान आपस में क्यों छूते हैं?
इसके कान सिरों पर अंदर की ओर मुड़े होते हैं, और सिरे अक्सर आपस में मिल जाते हैं। यही इस नस्ल की सबसे जानी-मानी पहचान है, और घोड़ा अपने कान 180 डिग्री तक घुमा सकता है (NBAGR डेटाबेस)।
मारवाड़ी घोड़ा कितना ऊँचा होता है?
औसतन घोड़े की कंधे तक ऊँचाई करीब 156 सेमी और घोड़ी की 154 सेमी होती है; घोड़ों का वज़न करीब 361 किलो और घोड़ियों का करीब 339 किलो होता है (NBAGR डेटाबेस)।
क्या मारवाड़ी और काठियावाड़ी एक ही नस्ल हैं?
नहीं। ये दो अलग पंजीकृत नस्लें हैं, एक राजस्थान की और एक गुजरात की (NBAGR रजिस्टर)। दोनों दिखने में मिलती-जुलती हैं, पर मारवाड़ी ज़्यादा ऊँचा होता है और उसके कान लंबे होते हैं (ICAR-NRCE)।
क्या पहली बार घोड़ा पालने वाले के लिए मारवाड़ी ठीक है?
हो सकता है, अगर आप शांत, सधा हुआ घोड़ा खरीदें और किसी अनुभवी सवार से सीखें। मारवाड़ी घोड़े फुर्तीले होते हैं (ICAR-NRCE), और घोड़े को कई साल तक रोज़ देखभाल चाहिए।
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मारवाड़ी की तुलना गुजरात के काठियावाड़ी घोड़े से करें। देखभाल, खरीद और सेहत के बारे में घोड़ा पालन: दक्षिण भारत में देखभाल, खरीद और सेहत पढ़ें, और बिकाऊ घोड़े देखें।

