डेयरी किसानों को मदद किसान क्रेडिट कार्ड, लोन, बीमा और सरकारी योजनाओं से मिलती है। 25 अक्टूबर 2026 तक तमिलनाडु की ज़्यादातर नई डेयरी योजनाओं में आवेदन के नियम प्रकाशित नहीं हुए थे। कोई भी आपको लोन या सब्सिडी का वादा नहीं कर सकता: फ़ैसला बैंक या विभाग करता है।
योजनाएं एक नज़र में
| योजना | कौन चलाता है | किसके लिए | स्थिति (25 अक्टूबर 2026 को जाँची गई) |
|---|---|---|---|
| मुफ़्त दुधारू गायें | तमिलनाडु सरकार | हर साल 10,000 पात्र ग्रामीण महिलाएं | बजट तय है; नियम अभी प्रकाशित नहीं |
| तमिलनाडु की दूसरी योजनाएं | पशुपालन विभाग, Aavin | भैंसों का चारा-दाना, देखभाल सहायता, चारा काटने की मशीनें, बछड़ा कार्यक्रम, लोन | ज़्यादातर नियम अभी प्रकाशित नहीं |
| कालनडैगल काप्पोम | पशुपालन विभाग, Aavin | पशुधन बीमा | बजट तय है; शर्तें अभी प्रकाशित नहीं |
| NLM पशुधन बीमा | राज्यों के पशुपालन विभाग | बीमा; प्रीमियम का 15% आप देते हैं | पूछें कि अभी कौन-सी योजना खुली है |
| किसान क्रेडिट कार्ड | बैंक, दुग्ध समितियाँ | चलाने का खर्च | चालू; 1 जनवरी 2027 से नए नियम |
| दुधारू पशुओं के लिए लोन | बैंक, दुग्ध समितियाँ | पशु, शेड, सामान | खुला; फ़ैसला लोन देने वाला करता है |
| राष्ट्रीय गोकुल मिशन | भारत सरकार | 13 जिलों में मुफ़्त कृत्रिम गर्भाधान (AI); सेक्स-सॉर्टेड वीर्य में मदद | 2026-27 के लिए बजट तय है |
| NADCP (राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम) | भारत सरकार | खुरपका-मुंहपका (FMD) और ब्रुसेलोसिस के टीके | चालू |
| VB-G RAM G | ग्राम पंचायतें | पशुओं के शेड | 1 जुलाई 2026 से चालू |
NADCP के तहत खुरपका-मुंहपका और ब्रुसेलोसिस के टीकों का खर्च, टीका लगाने वाले की फ़ीस समेत, भारत सरकार देती है (DAHD)। दूसरे टीकों के लिए अपने पशु चिकित्सक से पूछें; गाय-भैंस की सेहत: टीकाकरण कैलेंडर और खतरे के लक्षण देखें।
तमिलनाडु की योजनाएं
जिन योजनाओं के नियम 25 अक्टूबर 2026 तक प्रकाशित नहीं हुए थे, उनका सिर्फ़ सरकारी बजट दिया गया है।
मुफ़्त दुधारू गायें और राज्य की दूसरी योजनाएं
- सरकारी नाम: अभी प्रकाशित नहीं; पशुपालन पॉलिसी नोट 2026-27 में घोषित (पॉलिसी नोट 2026-27)।
- कौन चलाता है: तमिलनाडु सरकार।
- कौन आवेदन कर सकता है: अभी प्रकाशित नहीं।
- क्या मिलता है (25 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया): हर साल 10,000 पात्र ग्रामीण महिलाओं को मुफ़्त दुधारू गायें (₹56.75 करोड़); भैंस की 1,000 बछियों (पड़िया) और 1,000 गाभिन भैंसों के लिए चारे-दाने की मदद (₹2.04 करोड़); महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों के 5,000 देसी पशुओं के लिए देखभाल सहायता के तौर पर हर पशु पर ₹5,000 (₹2.50 करोड़); 3,000 लोगों के लिए बिजली से चलने वाली चारा काटने की मशीनें (₹4.83 करोड़)।
- आवेदन कैसे करें और कागज़: अभी प्रकाशित नहीं; अपने पशु औषधालय से पूछें।
- सरकारी पेज: https://cms.tn.gov.in/cms_migrated/document/docfiles/ah_e_pn_2026_27.pdf
नियम बदलते रहते हैं — अपने नज़दीकी पशु चिकित्सालय या पशुपालन विभाग के कार्यालय से पुष्टि कर लें।
दुग्ध समिति के सदस्यों के लिए Aavin के कार्यक्रम
- कौन चलाता है: Aavin और जिला दुग्ध संघ (डेयरी पॉलिसी नोट 2026-27)।
- कौन आवेदन कर सकता है: वे सदस्य जो समिति में दूध डालते हैं।
- क्या मिलता है (25 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया): 4,000 संकर जर्सी बछियों के लिए चारा-दाना, खनिज, सेक्स-सॉर्टेड वीर्य, टीकाकरण, कृमिनाशन और बीमा, जिसका कुछ हिस्सा किसान देता है; 12 संघों में भैंस की 2,000 बछियों (पड़िया) के लिए मदद; समय पर गाभिन न होने वाली 50,000 गायों के लिए प्रजनन में मदद।
- लोन: पशुओं के रख-रखाव के लिए KCC लोन; दुधारू पशु खरीदने के लिए लोन; मिनी डेयरी योजना, जिसमें अक्टूबर 2025 से राज्य 4% ब्याज में मदद देता है; और सलेम, नामक्कल, कोयंबटूर, कडलूर, धर्मपुरी, तिरुप्पुर, नीलगिरि, डिंडीगुल और तंजावुर में TABCEDCO के कम ब्याज वाले लोन। सहकारी बैंक भी पशुपालन के लिए लोन देते हैं (पॉलिसी नोट 2026-27)।
- आवेदन कैसे करें और कागज़: अपनी समिति के सचिव से पूछें कि आपका संघ कौन-से कार्यक्रम चलाता है।
नियम बदलते रहते हैं — अपने नज़दीकी पशु चिकित्सालय या पशुपालन विभाग के कार्यालय से पुष्टि कर लें।
पशुधन बीमा
कालनडैगल काप्पोम (तमिलनाडु)
- सरकारी नाम: कालनडैगल काप्पोम, पशुधन बीमा की एक नई योजना।
- कौन चलाता है: पशुपालन विभाग और Aavin (पॉलिसी नोट 2026-27)।
- कौन आवेदन कर सकता है: प्रकाशित नहीं।
- क्या मिलता है (25 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया): 2026-27 के लिए ₹31 करोड़। किन पशुओं का बीमा होगा, प्रीमियम कितना होगा और आपका हिस्सा कितना होगा, यह प्रकाशित नहीं हुआ।
- आवेदन कैसे करें: अपने पशु औषधालय या दुग्ध समिति से पूछें कि यह शुरू हुई या नहीं।
नियम बदलते रहते हैं — अपने नज़दीकी पशु चिकित्सालय या पशुपालन विभाग के कार्यालय से पुष्टि कर लें।
NLM पशुधन बीमा
- सरकारी नाम: पशुधन बीमा, राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM)।
- कौन चलाता है: राज्यों के पशुपालन विभाग; तमिलनाडु में पशु चिकित्सा इकाइयों और Aavin समितियों के ज़रिए (TNLDA)।
- कौन आवेदन कर सकता है: दुधारू गायों और भैंसों के मालिक; सब्सिडी हर परिवार के 10 पशुओं तक मिलती है (NLM दिशानिर्देश, जनवरी 2025)।
- क्या मिलता है: प्रीमियम का 15% आप देते हैं। तमिलनाडु की आखिरी प्रकाशित दरों (2023-24) में, नीलगिरि के बाहर, ₹40,000 के बीमे पर किसान का हिस्सा एक साल के लिए ₹75 या तीन साल के लिए ₹189 था (TNLDA)। 2026-27 में इसमें नाम लिखे जा रहे हैं या नहीं, यह पक्का नहीं हुआ: पूछें कि अभी कौन-सी योजना खुली है।
- आवेदन कैसे करें और कागज़: अपने पशु औषधालय या दुग्ध समिति में; पशु की कीमत पशु चिकित्सक की मौजूदगी में बीमा कंपनी के साथ तय होती है। आपको 12 अंकों वाला कान का टैग और दो फ़ोटो चाहिए: एक में पशु आपके साथ हो, और एक में उसका टैग दिखे।
- दावा (क्लेम): पहले 21 दिनों में कोई दावा नहीं। अगर पशु मर जाए, तो तुरंत बीमा कंपनी को बताएं और पॉलिसी, दावा फ़ॉर्म और पोस्टमार्टम रिपोर्ट भेजें। अगर आप पशु बेचते हैं, तो पॉलिसी खरीदार के नाम चली जाती है।
नियम बदलते रहते हैं — अपने नज़दीकी पशु चिकित्सालय या पशुपालन विभाग के कार्यालय से पुष्टि कर लें।
किसान क्रेडिट कार्ड
- सरकारी नाम: किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), संशोधित ब्याज अनुदान योजना के तहत ब्याज में मदद के साथ।
- कौन चलाता है: बैंक; तमिलनाडु में दुग्ध समितियाँ भी KCC लोन दिलाती हैं (डेयरी पॉलिसी नोट 2026-27)।
- कौन आवेदन कर सकता है: किसान, जिनमें डेयरी किसान और बटाईदार किसान भी शामिल हैं, स्वयं सहायता समूह और संयुक्त देयता समूह (PIB, 11 मार्च 2026)।
- क्या मिलता है (25 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया): चारे-दाने, पशु चिकित्सा, मज़दूरी, पानी और बिजली के लिए कर्ज़: तमिलनाडु के 2026-27 के वित्त मान (स्केल ऑफ़ फ़ाइनेंस) में हर गाय के लिए साल में ₹20,000 (SLBC तमिलनाडु)। ब्याज 7% है, और समय पर चुकाने पर 3% तक की छूट मिलती है (PIB, 28 मई 2025)। सिर्फ़ डेयरी वाले लोन के लिए 2025-26 में यह मदद ₹2 लाख तक बताई गई थी, और बाद में आम सीमा बढ़कर ₹5 लाख हो गई, इसलिए अपने बैंक से पूछें कि अभी कौन-सी सीमा लागू है। ₹2 लाख तक कोई गिरवी नहीं (RBI)।
- 1 जनवरी 2027 से: नए KCC लोन फ़सल, डेयरी और निवेश के लिए छह साल का एक ही कार्ड बन जाएंगे (RBI, 19 जून 2026)। डेयरी की सीमा आपके जिले के प्रति पशु वित्त मान के हिसाब से होगी; शेड बनाना और पशु खरीदना भी इसमें शामिल हो सकता है; ₹2 लाख तक कोई गिरवी नहीं (अगर बैंक माने, तो चुकाने के टाई-अप के साथ ₹3 लाख तक); और बीमा प्रीमियम कार्ड से भरा जा सकता है। पुराने लोन नवीनीकरण तक पुराने नियमों पर चलेंगे।
- आवेदन कैसे करें और कागज़: अपने बैंक, दुग्ध समिति या KCC शिविर में; कॉमन सर्विस सेंटर फ़ॉर्म भरने में मदद करते हैं। आधार, एक फ़ोटो, अपनी पासबुक और ज़मीन के कागज़, अगर हों, तैयार रखें।
नियम बदलते रहते हैं — अपने नज़दीकी पशु चिकित्सालय या पशुपालन विभाग के कार्यालय से पुष्टि कर लें।
दुधारू पशुओं के लिए बैंक लोन
- कौन देता है: व्यावसायिक, सहकारी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक; तमिलनाडु में दुग्ध समितियाँ और TABCEDCO भी।
- कौन आवेदन कर सकता है: यह हर बैंक खुद तय करता है।
- क्या मिलता है: पशुओं, शेड और सामान के लिए टर्म लोन, जो NABARD की सांकेतिक इकाई लागत और आपके कोटेशन के आधार पर तय होता है; डेयरी (गाय-भैंस पालन) का खर्च और आमदनी: एक उदाहरण देखें।
- आवेदन कैसे करें और कागज़: KYC के कागज़, ज़मीन या पट्टे के कागज़, कोटेशन और डेयरी की एक आसान योजना लेकर अपनी बैंक शाखा जाएं।
नियम बदलते रहते हैं — अपने नज़दीकी पशु चिकित्सालय या पशुपालन विभाग के कार्यालय से पुष्टि कर लें।
राष्ट्रीय गोकुल मिशन
- सरकारी नाम: राष्ट्रीय गोकुल मिशन (RGM), राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम (NAIP) के साथ।
- कौन चलाता है: भारत सरकार, राज्यों की एजेंसियों के ज़रिए।
- क्या मिलता है (25 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया): 2026-27 के लिए RGM का बजट ₹800 करोड़ है (केंद्रीय बजट 2026-27)। NAIP आपके दरवाज़े पर मुफ़्त AI देता है (PIB, 19 मार्च 2025); तमिलनाडु में यह 13 जिलों में चलता है: तिरुवन्नामलई, विरुधुनगर, विल्लुपुरम, चेन्नई, कडलूर, कांचीपुरम, नागपट्टिनम, पुदुक्कोट्टई, रामनाथपुरम, शिवगंगई, वेल्लोर, नीलगिरि और तिरुवल्लूर (पॉलिसी नोट 2026-27)। गर्भ ठहरने पर RGM सेक्स-सॉर्टेड वीर्य की कीमत का 50% तक भी देता है (PIB, 5 अगस्त 2025)।
- कौन और कैसे आवेदन करे: अपने पशु औषधालय, AI कार्यकर्ता या दुग्ध समिति से पूछें। गाय-भैंस को गाभिन कराना: गर्मी के लक्षण, AI और ब्याना देखें।
नियम बदलते रहते हैं — अपने नज़दीकी पशु चिकित्सालय या पशुपालन विभाग के कार्यालय से पुष्टि कर लें।
VB-G RAM G के तहत पशुओं के शेड
- सरकारी नाम: विकसित भारत – रोज़गार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण), VB-G RAM G: ग्रामीण रोज़गार की वह योजना, जिसने 1 जुलाई 2026 से मनरेगा (MGNREGS) की जगह ली (PIB, 11 मई 2026)।
- कौन चलाता है: ग्राम पंचायतें और ब्लॉक कार्यालय।
- कौन आवेदन कर सकता है: निजी काम पहले अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), महिला मुखिया वाले और दूसरे प्राथमिकता वाले परिवारों को मिलते हैं, फिर जॉब कार्ड वाले छोटे और सीमांत किसानों को (तमिलनाडु गज़ट, 29 जून 2026)।
- क्या मिलता है: पशुओं के शेड इसके कामों की सूची में हैं। 2026-27 की लागत प्रकाशित नहीं हुई; मनरेगा में शेड की पुरानी लागत अब लागू नहीं है।
- आवेदन कैसे करें: अपनी ग्राम पंचायत या ब्लॉक कार्यालय से पूछें।
नियम बदलते रहते हैं — अपने नज़दीकी पशु चिकित्सालय या पशुपालन विभाग के कार्यालय से पुष्टि कर लें।
कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना
- कर्नाटक: KMF की समितियों में डाले गए दूध पर क्षीरधारे प्रोत्साहन राशि KMF के पेज पर ₹5 प्रति लीटर है, जो 19.11.2016 से नहीं बदली (KMF)। मौजूदा रकम अपनी समिति से पूछें।
- केरल: डेयरी विकास विभाग अपनी सालाना योजनाओं, जैसे गाय यूनिट और शेड, के लिए https://ksheerasree.kerala.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन लेता है (2026-27 के लिए 23 अक्टूबर से 7 नवंबर 2026 तक); अपने ब्लॉक की डेयरी विकास इकाई से संपर्क करें (केरल डेयरी विकास विभाग)।
- आंध्र प्रदेश: 25 अक्टूबर 2026 को हमें राज्य की कोई सरकारी दूध प्रोत्साहन योजना या दुधारू पशु योजना नहीं मिली; अपने जिले के पशुपालन कार्यालय से पूछें।
- तेलंगाना: एक जिले के बिना तारीख वाले पेज पर विजया समितियों में डाले गए दूध पर ₹4 प्रति लीटर नकद प्रोत्साहन लिखा है (महबूबनगर जिला); अपनी समिति से पूछें कि यह अभी मिल रहा है या नहीं।
- केंद्र की योजनाएं (KCC, RGM, NADCP, और जहाँ खुला हो वहाँ NLM बीमा) हर राज्य में लागू होती हैं।
तमिलनाडु से बाहर हैं? वहाँ की योजनाओं के बारे में अपने राज्य के पशुपालन विभाग या नज़दीकी सरकारी पशु चिकित्सालय से पूछें।
नियम बदलते रहते हैं — अपने नज़दीकी पशु चिकित्सालय या पशुपालन विभाग के कार्यालय से पुष्टि कर लें।
सुरक्षित तरीके से आवेदन करें
- आवेदन सिर्फ़ अपने बैंक, दुग्ध समिति, पशु औषधालय, पशुपालन कार्यालय या किसी सरकारी पोर्टल पर करें, और पावती नंबर सँभालकर रखें।
- सब्सिडी मंज़ूर होने से पहले उसकी उम्मीद में पैसा खर्च न करें। पहले डेयरी (गाय-भैंस पालन) का खर्च और आमदनी: एक उदाहरण में अपना हिसाब लगाएं।
