एक छोटी बकरी यूनिट में पैसा दो बार लगता है: एक बार शुरू करने के लिए (पशु, बाड़ा, उपकरण), और फिर हर महीने उसे चलाने के लिए (चारा-दाना, मज़दूरी, देखभाल)। नीचे 10 बकरियाँ + 1 बकरा और 20 बकरियाँ + 1 बकरा वाली यूनिट का एक उदाहरण है, जो तमिलनाडु के लिए NABARD की 2026-27 की सांकेतिक लागत पर बना है, और साथ में यह जाँचने का आसान तरीका कि आपके बेचे गए मेमनों से आपका खर्च निकल सकता है या नहीं। यह सीखने के लिए एक उदाहरण है, लाभ का वादा नहीं। आपके अपने आँकड़े अलग होंगे।
शुरू करने का एक बार का खर्च
लोन देने से पहले बैंक NABARD की “सांकेतिक यूनिट लागत” देखते हैं। 2026-27 के लिए NABARD का तमिलनाडु कार्यालय बाड़े में खिलाकर पाली जाने वाली बकरी यूनिट की लागत मोटे तौर पर इतनी रखता है (NABARD, जून 2026):
| किस चीज़ पर खर्च | 10 बकरियाँ + 1 बकरा | 20 बकरियाँ + 1 बकरा |
|---|---|---|
| बकरियाँ (15–18 महीने की, ब्याने के करीब) और एक बकरा | ₹1,45,000 | ₹2,75,000 |
| बड़ी बकरियों और मेमनों के लिए कच्चे फ़र्श वाला बाड़ा | ₹1,04,650 | ₹1,82,455 |
| ढुलाई, उपकरण, खाद का गड्ढा और पहले साल का बीमा (20+1 में चारा काटने की मशीन भी) | ₹13,000 | ₹45,400 |
| पहले 9 महीने का चलाने का खर्च | ₹87,094 | ₹1,68,713 |
| कुल (मोटे तौर पर) | ₹3,50,000 | ₹6,72,000 |
- NABARD बकरियों की कीमत गर्भ के आखिरी महीने वाली बकरियों के हिसाब से लगाता है, इसलिए खरीदने के कुछ ही समय बाद पहले मेमने आ जाते हैं।
- प्लास्टिक की पट्टियों वाले फ़र्श का मचान वाला बाड़ा हो, तो कुल खर्च ज़्यादा आता है: ₹4,39,000 (10+1) और ₹8,32,000 (20+1)। NABARD ऐसे बाड़े की लागत ₹600–650 प्रति वर्ग फुट लगाता है, जबकि कच्चे फ़र्श वाले बाड़े की ₹300–350। लकड़ी की पट्टियों वाले फ़र्श का खर्च प्लास्टिक वाले का करीब 70–80% होता है।
- अगर बड़ी बकरियों के लिए आपके पास पहले से बाड़ा है, तो कुल खर्च घटकर करीब ₹3,00,000 (10+1) और ₹5,90,000 (20+1) रह जाता है।
हर साल का चलाने का खर्च
मेमनों को बिकने लायक होने में कई महीने लगते हैं, इसलिए NABARD बाड़े में खिलाने वाले फ़ार्म की यूनिट लागत में 9 महीने का चलाने का खर्च जोड़ता है। इस पैसे में ये शामिल हैं (NABARD):
- दाना (₹22 प्रति किलो के हिसाब से), हरा चारा और सूखा चारा: सबसे बड़ा हिस्सा
- पशु चिकित्सा, बिजली और छोटे-मोटे खर्च
- मज़दूरी: हर 50 बड़ी बकरियों पर ₹15,000 महीने का एक मज़दूर, झुंड के आकार के हिसाब से बाँटकर
- पशुओं का बीमा, हर साल उनकी कीमत का 4%
पूरे साल का हिसाब मोटे तौर पर यह बनता है:
| हर साल का चलाने का खर्च (बाड़े में खिलाकर) | 10 बकरियाँ + 1 बकरा | 20 बकरियाँ + 1 बकरा |
|---|---|---|
| मज़दूर रखकर | करीब ₹1,20,000 | करीब ₹2,35,000 |
| मज़दूर की जगह परिवार के लोग काम करें तो | करीब ₹85,000 | करीब ₹1,63,000 |
अगर बकरियाँ दिन का कुछ हिस्सा चरती हैं, तो NABARD के अनुसार बाड़े में खिलाने वाले चलाने के खर्च का 50–80% ही माना जा सकता है, क्योंकि सबसे बड़ा खर्च चारे-दाने का है। पहले 9 महीनों के बाद का चलाने का खर्च बैंक किसान क्रेडिट कार्ड के ज़रिए दे सकते हैं।
आमदनी: आप क्या बेच सकते हैं
मेमने ही आमदनी का मुख्य ज़रिया हैं। जिन बूढ़ी बकरियों को आप बदलते हैं, उनसे और खाद से थोड़ी और आमदनी होती है।
- बकरियाँ करीब हर 8 महीने में ब्याती हैं, इसलिए किसी साल दो ब्यांत होते हैं और किसी साल एक। झुंड चल पड़ने के बाद, 10 बकरियों वाले NABARD के मॉडल में साल में करीब 10–18 मेमने बिकते हैं। इसमें 15% मेमनों के मरने का, और हर साल बूढ़ी बकरियों की जगह 2 जवान बकरियाँ रखने का हिसाब पहले से जुड़ा है; मॉडल में हर साल 2 बूढ़ी बकरियाँ भी बेची जाती हैं (NABARD मॉडल, 2017)।
- नस्ल और फ़ार्म के हिसाब से फ़र्क पड़ता है। तमिलनाडु के अध्ययनों में टेलीचेरी बकरियों के हर ब्यांत में करीब 1.1–1.25 मेमने हुए (TANUVAS अध्ययन, 2017), और कोडी बकरियाँ करीब हर 7.7 महीने में ब्याईं (TANUVAS अध्ययन, 2020)।
- खाद के गड्ढे की खाद अपने खेतों में डाल सकते हैं, या बेच सकते हैं। बकरी की खाद के लिए भी आप मुफ़्त विज्ञापन डाल सकते हैं।
मेमना कितने में बिकेगा, यह नस्ल, वज़न, मौसम और बेचने की जगह पर निर्भर करता है: पढ़ें बकरी कैसे बेचें: सही समय, सही दाम और सुरक्षित पेमेंट। नीचे के बॉक्स में कट्टुतरै पर किसानों के बकरी के विज्ञापनों में माँगी गई कीमतें हैं।
1 नवंबर 2026 को कट्टुतरै पर
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क्या मेमनों की बिक्री से खर्च निकलेगा?
खरीदने से पहले हिसाब लगाएं कि हर मेमने से कम से कम कितना पैसा आना चाहिए: अपने साल भर के चलाने के खर्च को उन मेमनों की संख्या से भाग दें जिन्हें आप बेचने की उम्मीद करते हैं।
| उदाहरण: 10 बकरियाँ + 1 बकरा | साल भर का चलाने का खर्च | हर मेमने पर, 14 मेमने बिकें तो | हर मेमने पर, 10–18 मेमने बिकें तो |
|---|---|---|---|
| बाड़े में खिलाकर, मज़दूर रखकर | करीब ₹1,20,000 | करीब ₹8,600 | करीब ₹6,700–₹12,000 |
| बाड़े में खिलाकर, परिवार के लोग काम करें तो | करीब ₹85,000 | करीब ₹6,100 | करीब ₹4,700–₹8,500 |
फिर लोन जोड़ें। जैसे, अगर आप ₹3,00,000 उधार लेते हैं और 5 साल में चुकाते हैं, तो सिर्फ़ मूलधन ही ₹60,000 साल का बनता है। 14 मेमने बेचें तो यह हर मेमने पर करीब ₹4,300 और है, ऊपर से ब्याज। हर साल बेची जाने वाली 2 बूढ़ी बकरियाँ इस रकम को थोड़ा कम कर देती हैं।
अगर आपके पास के खरीदार आपकी इस रकम से कम देते हैं, तो पैसा लगाने से पहले योजना बदलें: छोटी शुरुआत करें, अपना बाड़ा और अपनी मेहनत लगाएं, चारा उगाएं, या बकरियों को चराएं।
अपना बजट खुद बनाएं
- लिखें कि आपके पास पहले से क्या है: ज़मीन, बाड़ा, पानी, चारा, और परिवार के वे लोग जो काम कर सकते हैं।
- बकरियों, बकरे, बाड़े के सामान, चारे-दाने और मज़दूरी के स्थानीय दाम पता करें।
- मेमनों की गिनती ईमानदारी से करें। NABARD के मॉडल में हर बकरी से साल में करीब 1–1.8 मेमने बिकते हैं; जब तक आपके अपने रिकॉर्ड ज़्यादा न दिखाएं, कम वाली संख्या से योजना बनाएं।
- चलाने का खर्च महीने-दर-महीने जोड़ें, सूखे महीनों का भी, जब आपको ज़्यादा चारा खरीदना पड़ता है।
- पहले 9 महीनों का चलाने का खर्च हाथ में रखें या लोन में जोड़ें, जैसे NABARD करता है।
- भाग दें, खरीदार जो देते हैं उससे तुलना करें, और फिर फ़ैसला करें।
आँकड़े किन बातों से बदलते हैं
- पशुओं की कीमत: नस्ल, उम्र और खरीदने का मौसम।
- बाड़े में खिलाना या चराना: चलाने के खर्च में सबसे बड़ा हिस्सा चारे-दाने का है।
- काम कौन करता है: NABARD के आँकड़ों में 10+1 यूनिट के लिए मज़दूरी साल में करीब ₹36,000 है।
- बाड़ा: कच्चे फ़र्श का खर्च प्लास्टिक की पट्टियों वाले फ़र्श का करीब आधा है।
- मेमनों की मौत: हर मरा मेमना, गई हुई आमदनी है। पढ़ें: बकरी के मेमनों की देखभाल: खीस, क्रीप फ़ीड और दूध छुड़ाना।
- आप कब बेचते हैं: त्योहारों की माँग से दाम बदलते हैं। देखें कब बेचें।
- बीमारी: टीकाकरण और कृमिनाशन पूरे झुंड को बचाते हैं। पढ़ें: बकरी की सेहत: टीकाकरण कैलेंडर और कृमिनाशन।
बैंक जो प्रोजेक्ट रिपोर्ट माँगेगा
बैंक देखते हैं कि योजना व्यावहारिक है, हिसाब ठीक बैठता है, और आप लोन चुका सकते हैं (NABARD मॉडल, 2017)। प्रोजेक्ट रिपोर्ट में आम तौर पर ये होता है:
- आपके बारे में: नाम, उम्र, पता, पढ़ाई, खेती-पशुपालन का अनुभव, बकरी पालन की कोई ट्रेनिंग, बैंक खाते की जानकारी।
- फ़ार्म के बारे में: नस्ल और पशुओं की संख्या, गाँव, ज़मीन (अपनी या पट्टे पर) और उसका रकबा, पानी, बिजली, पशु चिकित्सालय और बाज़ार की दूरी।
- खर्च: एक बार का खर्च और चलाने का खर्च, कोटेशन के साथ।
- पैसों की योजना: आपका अपना हिस्सा, लोन, और कोई सब्सिडी जिसके लिए आप आवेदन कर रहे हैं।
- 5 साल का झुंड का चार्ट: कितने मेमने पैदा हुए, कितने मरे, कितने बिके, कितने पशु बदले गए।
- 5 साल की आमदनी और खर्च, पैसों के आने-जाने (कैश फ़्लो) और लोन चुकाने की योजना के साथ।
आम तौर पर ये कागज़ लगते हैं: ज़मीन के कागज़ या पट्टानामा (लीज़ डीड), जगह की फ़ोटो, पैन और आधार, पते का सबूत, पिछले 6 महीने की बैंक स्टेटमेंट, और ट्रेनिंग या अनुभव का प्रमाणपत्र (NLM की मॉडल रिपोर्ट और कागज़ों की सूची)।
NABARD की मॉडल योजना के हिसाब से उम्मीद रखें कि आपका अपना हिस्सा (मार्जिन मनी) 10–25% होगा, लोन 5–7 साल में चुकाना होगा और शुरू में कुछ समय की छूट (ग्रेस पीरियड) मिलेगी, ब्याज बैंक तय करेगा, और लोन की रकम चरणों में मिलेगी, जैसे-जैसे आप बाड़ा बनाते और पशु खरीदते हैं। ₹2 लाख तक के खेती के लोन के लिए RBI ने बैंकों से कहा है कि 1 जनवरी 2025 से वे कोई गिरवी (कोलैटरल) या मार्जिन मनी न माँगें (RBI, 6 दिसंबर 2024)।
आम गलतियाँ
- पैदा होने से पहले ही मेमने गिन लेना: अच्छे से अच्छे हाल में जितने मेमने हों, उससे कम मानकर योजना बनाएं।
- सूखे महीनों में मज़दूरी और चारे का खर्च भूल जाना।
- बाड़ा, चारा और समय जितने पशु संभाल सकें, उससे ज़्यादा पशु खरीद लेना।
- सारा पैसा बाड़े पर लगा देना और चारे-दाने के लिए कुछ न बचाना।
- बेचे गए मेमनों से जितना चुक सके, उससे ज़्यादा उधार लेना।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
10 बकरियों से शुरू करने के लिए कितना पैसा चाहिए?
NABARD के तमिलनाडु के 2026-27 के आँकड़ों में, बाड़े में खिलाकर पाली जाने वाली 10 बकरियों और 1 बकरे की यूनिट करीब ₹3,50,000 की पड़ती है, जिसमें कच्चे फ़र्श वाला बाड़ा और 9 महीने का चलाने का खर्च शामिल है। अगर आपके पास पहले से बाड़ा है, आप चारा उगाते हैं या बकरियाँ चराते हैं, तो खर्च कम होता है।
क्या बकरी पालन में मुनाफ़ा है?
हो सकता है, लेकिन इसका वादा कोई नहीं कर सकता। यह इस पर निर्भर है कि पशुओं, चारे-दाने और मज़दूरी पर आपका कितना खर्च होता है, कितने मेमने मरते हैं, और आपको क्या दाम मिलता है। खरीदने से पहले अपने आँकड़ों से खर्च निकलने का हिसाब लगाएं।
क्या 5 बकरियों से शुरू कर सकते हैं?
हाँ। NABARD 5 बकरियों की यूनिट का खर्च कच्चे फ़र्श वाले बाड़े के साथ करीब ₹1,59,000 बताता है, जिसमें गाँव के बकरे से या कृत्रिम गर्भाधान से गाभिन कराया जाता है। कई किसान छोटी शुरुआत करते हैं और अपने ही मेमनों से झुंड बढ़ाते हैं।
क्या बैंक गिरवी माँगेगा?
₹2 लाख तक के खेती के लोन पर RBI के अनुसार बैंकों को गिरवी या मार्जिन मनी नहीं माँगनी चाहिए। उससे ज़्यादा पर हर बैंक खुद तय करता है। पढ़ें: बकरी पालन सब्सिडी, लोन और बीमा 2026।
आगे क्या करें
लोन, बीमा और योजनाओं के लिए पढ़ें: बकरी पालन सब्सिडी, लोन और बीमा 2026; सही दाम पाने के लिए: बकरी कैसे बेचें: सही समय, सही दाम और सुरक्षित पेमेंट। बकरियाँ बिकने के लिए तैयार हों, तो मुफ़्त विज्ञापन डालें या बिकाऊ बकरियाँ देखें।
