बकरी पालकों को मदद चार जगहों से मिलती है: राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM), किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), NABARD के सहयोग से मिलने वाले बैंक लोन, और राज्यों की योजनाएं। पहले बड़ी खबर: 23 अक्टूबर 2026 को, योजना में बदलाव होने तक, NLM की प्रजनन फ़ार्म सब्सिडी बकरी की नई परियोजनाएं नहीं ले रही थी। लोन या सब्सिडी का वादा कोई नहीं कर सकता; फ़ैसला बैंक या विभाग करता है।
सभी योजनाएं एक नज़र में
| योजना | कौन चलाता है | किस काम के लिए | 23 अक्टूबर 2026 को स्थिति |
|---|---|---|---|
| NLM प्रजनन फ़ार्म सब्सिडी | भारत सरकार (DAHD) | 100–500 बकरियों के फ़ार्म | नए प्रस्ताव बंद; योजना में संशोधन चल रहा है |
| पशुधन बीमा | राज्यों के पशुपालन विभाग, NLM के तहत | अपनी बकरियों का बीमा | जनवरी 2025 के दिशानिर्देशों में है; अपने इलाके में पूछें कि चालू है या नहीं |
| किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) | बैंक | चारा-दाना, देखभाल और चलाने के दूसरे खर्च | चालू; ताज़ा शर्तें 2025-26 के लिए बताई गई हैं |
| बकरी यूनिट के लिए बैंक लोन | बैंक, NABARD से पुनर्वित्त | पशु, बाड़ा और उपकरण | चालू; फ़ैसला बैंक करता है |
| वेत्री मगलिर बकरी पालन योजना | तमिलनाडु सरकार | कुछ वर्गों को मुफ़्त बकरियाँ या भेड़ें | 5 अगस्त 2026 को घोषित; आवेदन का तरीका अभी जारी नहीं हुआ |
राष्ट्रीय पशुधन मिशन: प्रजनन फ़ार्म सब्सिडी
- सरकारी नाम: राष्ट्रीय पशुधन मिशन — उद्यमिता विकास कार्यक्रम (NLM-EDP)।
- कौन चलाता है: भारत सरकार का पशुपालन और डेयरी विभाग (DAHD), हर राज्य की एक एजेंसी के साथ; तमिलनाडु में तमिलनाडु पशुधन विकास निगम (TNLDC), जो पहले तमिलनाडु पशुधन विकास एजेंसी (TNLDA) था।
- स्थिति: DAHD के 24 सितंबर 2026 के आदेश के अनुसार मौजूदा कार्यक्रम में अब कोई नया प्रस्ताव मंज़ूर नहीं होगा, और बकरी और भेड़ के लंबित प्रस्ताव लौटाए जा रहे हैं। योजना “फ़िलहाल संशोधन के अधीन” है; DAHD के नए दिशानिर्देश जारी करने और पोर्टल दोबारा खुलने पर आप फिर से आवेदन कर सकते हैं (DAHD आदेश)। 23 अक्टूबर 2026 को पोर्टल पर लिखा था कि ऑनलाइन आवेदन “जल्द ही शुरू किए जाएंगे”, और तारीख वहीं बताई जाएगी (NLM पोर्टल)।
- पहले से मंज़ूरी मिल चुकी है? परियोजना पूरी करें और 31 दिसंबर 2026 तक कागज़ भेज दें; पोर्टल के अनुसार इसके बाद समय और नहीं बढ़ेगा।
- पिछले संस्करण में क्या मिलता था: 50% की एकमुश्त पूँजी सब्सिडी, जो आपके बैंक के ज़रिए दो बराबर किस्तों में मिलती थी (NLM दिशानिर्देश, जनवरी 2025):
| प्रजनन यूनिट (बकरियाँ + बकरे) | ज़्यादा से ज़्यादा सब्सिडी |
|---|---|
| 100 + 5 | ₹10 लाख |
| 200 + 10 | ₹20 लाख |
| 300 + 15 | ₹30 लाख |
| 400 + 20 | ₹40 लाख |
| 500 + 25 | ₹50 लाख |
- इसमें शामिल नहीं: ज़मीन, किराया या लीज़, कार्यशील पूँजी, निजी वाहन।
- कौन आवेदन कर सकता था: व्यक्ति, स्वयं सहायता समूह (SHG), किसान उत्पादक संगठन (FPO), किसानों की सहकारी समितियाँ, संयुक्त देयता समूह (JLG) और सेक्शन 8 कंपनियाँ। इसके लिए ट्रेनिंग या अनुभव, अपनी या लीज़ पर ली गई ज़मीन, लागत का कम से कम 10% अपना हिस्सा, और बैंक से लोन की मंज़ूरी (या बैंक गारंटी) चाहिए थी, और फ़ार्म 3 साल चलाना होता था।
- कागज़: विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट, ज़मीन या लीज़ का कागज़, जगह की फ़ोटो, पैन, आधार, पते का सबूत, 6 महीने की बैंक स्टेटमेंट, एक कैंसल किया हुआ चेक, एक फ़ोटो, और ट्रेनिंग या अनुभव के प्रमाणपत्र (NLM के कागज़ों की सूची)।
- सरकारी पेज: https://nlm.udyamimitra.in
नियम बदलते रहते हैं — अपने नज़दीकी पशु चिकित्सालय या पशुपालन विभाग के कार्यालय से पुष्टि कर लें।
पशुधन बीमा
- सरकारी नाम: पशुधन बीमा, NLM का हिस्सा।
- कौन चलाता है: आपके राज्य का पशुपालन विभाग, पशु चिकित्सालयों के ज़रिए।
- क्या मिलता है: जनवरी 2025 के दिशानिर्देशों में प्रीमियम का 15% आप देते हैं और बाकी सरकारें देती हैं, हर परिवार के लिए 10 “पशु इकाई” (कैटल यूनिट) तक। एक पशु इकाई 10 बकरियाँ या भेड़ें होती है, यानी 100 बकरियों तक (NLM दिशानिर्देश)।
- आवेदन कैसे करें: अपने पशु चिकित्सालय में। पशु चिकित्सक हर बकरी की जाँच करते हैं और बीमा कंपनी के साथ उसकी कीमत तय करते हैं; बकरी को 12 अंकों वाला कान का टैग लगता है, और फ़ॉर्म के साथ दो फ़ोटो लगती हैं: एक में बकरी आपके साथ हो, और दूसरी में बकरी का टैग दिखे।
- क्लेम: पहले 21 दिनों में कोई क्लेम नहीं। बीमा वाली बकरी मर जाए, तो तुरंत बीमा कंपनी और अपने पशु चिकित्सक को बताएं। क्लेम के लिए चार कागज़ चाहिए: कंपनी को दी गई आपकी सूचना, पॉलिसी, क्लेम फ़ॉर्म और पोस्टमार्टम रिपोर्ट।
- तमिलनाडु: 2023-24 की दर-सूची में बकरियों का बीमा 10 के समूहों में होता था; 10 बकरियों पर ₹40,000 के बीमा के लिए ज़्यादातर जिलों में किसान का हिस्सा साल का ₹99.60 था (TNLDA)। राज्य ने 5 अगस्त 2026 को एक नई पशुधन बीमा योजना, “कालनडैगल काप्पोम”, की घोषणा भी की (तमिलनाडु बजट भाषण); 23 अक्टूबर 2026 तक इसकी जानकारी जारी नहीं हुई थी।
नियम बदलते रहते हैं — अपने नज़दीकी पशु चिकित्सालय या पशुपालन विभाग के कार्यालय से पुष्टि कर लें।
पशुपालन के लिए किसान क्रेडिट कार्ड
- सरकारी नाम: किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), संशोधित ब्याज अनुदान योजना (MISS) के तहत ब्याज में मदद के साथ।
- कौन चलाता है: व्यावसायिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और सहकारी बैंक; ब्याज में मदद भारत सरकार देती है।
- कौन आवेदन कर सकता है: किसान — किराएदार किसान और बटाईदार भी — और SHG और JLG (PIB, 11 मार्च 2026)।
- क्या मिलता है: चलाने के खर्च, जैसे दाना, चारा, पशु चिकित्सा और मज़दूरी, के लिए कम समय का कर्ज़। 2025-26 के लिए सरकार ने 7% ब्याज बताया, जिसमें समय पर चुकाने पर 3% तक की छूट है (यानी 4%); सिर्फ़ पशुपालन के लोन पर यह फ़ायदा ₹2 लाख तक मिलता है (PIB, 28 मई 2025)। मार्च 2026 में सरकार ने बताया कि MISS की सामान्य सीमा बढ़ाकर ₹5 लाख कर दी गई है। 2026-27 का फ़ैसला हमें नहीं मिला, इसलिए अपने बैंक से पूछें कि अभी कौन-सी सीमा लागू है।
- गिरवी: RBI ने बैंकों से कहा है कि 1 जनवरी 2025 से ₹2 लाख तक के खेती के लोन पर गिरवी (कोलैटरल) या मार्जिन मनी न माँगें (RBI)।
- आवेदन कैसे करें: अपनी बैंक शाखा में, या पशुपालन विभाग के KCC कैंप में। फ़ॉर्म भरने में कॉमन सर्विस सेंटर मदद कर सकते हैं।
- कागज़: अपने बैंक से उसकी सूची माँगें; आधार, एक फ़ोटो, अपनी पासबुक, ज़मीन या लीज़ के कागज़ (अगर हों), और अपनी बकरियों और बाड़े की जानकारी तैयार रखें।
नियम बदलते रहते हैं — अपने नज़दीकी पशु चिकित्सालय या पशुपालन विभाग के कार्यालय से पुष्टि कर लें।
बकरी यूनिट के लिए बैंक लोन
- कौन देता है: व्यावसायिक, सहकारी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक। NABARD किसानों को सीधे लोन नहीं देता; वह बैंकों को पुनर्वित्त (रीफ़ाइनेंस) देता है, और बकरी पालन इसके लिए योग्य काम है (NABARD मॉडल, 2017)।
- क्या मिलता है: पशु, बाड़ा और उपकरण के लिए टर्म लोन (मियादी लोन)। NABARD के मॉडल में आपका अपना हिस्सा 10–25%, 5–7 साल में चुकाना और शुरू में कुछ समय की छूट (ग्रेस पीरियड), बैंक का तय किया ब्याज, और लोन की रकम चरणों में मिलना माना गया है।
- कितना: 2026-27 के लिए NABARD का तमिलनाडु कार्यालय कच्चे फ़र्श वाले बाड़े के साथ 10 बकरियाँ + 1 बकरा वाली यूनिट करीब ₹3,50,000 की, और 20 बकरियाँ + 1 बकरा वाली यूनिट करीब ₹6,72,000 की मानता है (NABARD, जून 2026)। पढ़ें: बकरी पालन की लागत और आमदनी: एक उदाहरण से हिसाब।
- आवेदन और कागज़: प्रोजेक्ट रिपोर्ट, KYC, ज़मीन या लीज़ के कागज़ और कोटेशन लेकर अपनी नज़दीकी शाखा में जाएं; देखें रिपोर्ट में क्या होता है।
नियम बदलते रहते हैं — अपने नज़दीकी पशु चिकित्सालय या पशुपालन विभाग के कार्यालय से पुष्टि कर लें।
तमिलनाडु: वेत्री मगलिर बकरी पालन योजना
- सरकारी नाम: वेत्री मगलिर बकरी पालन योजना (Vetri Magalir Goat Rearing Scheme)।
- कौन चलाता है: तमिलनाडु सरकार; 5 अगस्त 2026 को संशोधित बजट अनुमान 2026-27 के भाषण में घोषित (तमिलनाडु बजट भाषण)।
- कौन आवेदन कर सकता है: गाँवों में रहने वाली बेसहारा विधवाएं, परित्यक्त महिलाएं, ट्रांसजेंडर व्यक्ति और दिव्यांग व्यक्ति।
- क्या मिलता है: 100% सब्सिडी पर पाँच बकरियाँ या भेड़ें, करीब 30,000 लोगों के लिए; इसके लिए ₹110 करोड़ रखे गए हैं।
- आवेदन और कागज़: 23 अक्टूबर 2026 को हमें किसी सरकारी पेज पर यह जानकारी नहीं मिली। अपने नज़दीकी पशु चिकित्सालय या जिले के पशुपालन कार्यालय से पूछें।
नियम बदलते रहते हैं — अपने नज़दीकी पशु चिकित्सालय या पशुपालन विभाग के कार्यालय से पुष्टि कर लें।
कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना
23 अक्टूबर 2026 को हम किसी सरकारी पेज से इन राज्यों की कोई चालू बकरी योजना पक्की नहीं कर सके। राज्यों की योजनाएं हर बजट के साथ बदलती हैं, इसलिए अपने जिले के पशुपालन कार्यालय या नज़दीकी पशु चिकित्सालय से पूछें कि इस साल क्या चालू है, और क्या आपके जिले में NLM का पशुधन बीमा चल रहा है।
तमिलनाडु से बाहर हैं? वहाँ की योजनाओं के बारे में अपने राज्य के पशुपालन विभाग या नज़दीकी सरकारी पशु चिकित्सालय से पूछें।
नियम बदलते रहते हैं — अपने नज़दीकी पशु चिकित्सालय या पशुपालन विभाग के कार्यालय से पुष्टि कर लें।
सुरक्षित तरीके से आवेदन करें
- सिर्फ़ सरकारी पोर्टल पर, अपने बैंक में या पशुपालन कार्यालय में आवेदन करें। कॉपी और पावती नंबर संभालकर रखें, और जब तक सब्सिडी मंज़ूर न हो, उसकी उम्मीद में पैसा खर्च न करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या बकरी पालन पर 50% सब्सिडी मिलती है?
2021-22 से चला NLM का संस्करण 100–500 बकरियों वाले प्रजनन फ़ार्म को ₹50 लाख तक की 50% पूँजी सब्सिडी देता था। 23 अक्टूबर 2026 को, DAHD के योजना में संशोधन करने तक, कोई नया प्रस्ताव मंज़ूर नहीं हो रहा था। नए दिशानिर्देशों के लिए https://nlm.udyamimitra.in देखते रहें।
क्या 10 या 20 बकरियों के लिए सब्सिडी मिल सकती है?
NLM के पिछले संस्करण में नहीं, जो 100 बकरियों से शुरू होता था। बैंक लोन और किसान क्रेडिट कार्ड देखें, योग्य हों तो तमिलनाडु की वेत्री मगलिर योजना, और राज्य की योजनाओं के बारे में अपने जिले के कार्यालय से पूछें।
क्या बकरियों का बीमा हो सकता है?
हाँ, जहाँ NLM का बीमा चल रहा है: अपने पशु चिकित्सालय से पूछें। हर परिवार की 100 बकरियों तक प्रीमियम का 15% आप देते हैं, और हर बकरी को कान का टैग लगना ज़रूरी है।
आगे क्या करें
आवेदन करने से पहले अपना हिसाब लगाएं: बकरी पालन की लागत और आमदनी: एक उदाहरण से हिसाब। बकरियाँ बिकने को तैयार हों, तो पढ़ें: बकरी कैसे बेचें: सही समय, सही दाम और सुरक्षित पेमेंट, और मुफ़्त विज्ञापन डालें, या बिकाऊ बकरियाँ देखें।
