बकरियों के ज़्यादातर नुकसान रोके जा सकते हैं: हर दिन अपनी बकरियों को देखें, समय पर टीके लगवाएं, बारिश से पहले और बाद में पेट के कीड़ों की दवा दें (कृमिनाशन), बाड़ा साफ़ और सूखा रखें, और नई या बीमार बकरियों को अलग रखें। इस पेज में सिर्फ़ बीमारी से बचाव और खतरे के लक्षणों की बात है। बकरी बीमार हो, तो अपने पशु चिकित्सक को या टोल-फ़्री पशु हेल्पलाइन 1962 पर कॉल करें।
हर दिन अपनी बकरियों को देखें
सुबह-शाम अपनी बकरियाँ गिनें, और खिलाते समय उन पर नज़र रखें। स्वस्थ बकरी:
- चौकन्नी रहती है, झुंड के साथ रहती है और खाने के लिए उत्साह से आती है;
- आराम करते समय जुगाली करती है;
- उसकी आँखें चमकदार, नाक साफ़ और बाल चिकने होते हैं;
- सख्त, सूखी मेंगनी करती है;
- बिना लँगड़ाए चलती है।
ICAR-CIRG की सलाह है कि हर किसान बकरियों की आम बीमारियों के शुरुआती लक्षण पहचानना सीखे, ताकि पशु चिकित्सक को समय पर बुलाया जा सके (ICAR-CIRG)।
बीमार बकरी के खतरे के लक्षण
इनमें से कोई भी लक्षण दिखे, तो उसी दिन पशु चिकित्सक को बुलाएं (TNAU, TNAU):
- खाना न खाना, या जुगाली न करना;
- बुखार — बकरी सिर झुकाए, सुस्त होकर अलग खड़ी रहती है;
- नाक या आँखों से स्राव, या मुँह में छाले;
- पतली या खून वाली मेंगनी;
- खाँसी, या तेज़ और मुश्किल से साँस लेना;
- मुँह, अयन या पैरों पर छाले, या लँगड़ाना;
- पलकें अंदर से फीकी पड़ना, वज़न घटना या जबड़े के नीचे सूजन;
- लगातार खुजलाना और बाल झड़ना।
बकरी को तुरंत अलग बाड़े में ले जाएं, और उसे छाँव में पानी के साथ रखें। इंतज़ार न करें और अंदाज़े न लगाएं — जल्दी मदद मिलने से बकरियाँ बचती हैं।
टीकाकरण कैलेंडर
यह कैलेंडर ICAR-CIRG के सालाना बकरी स्वास्थ्य कैलेंडर से है (ICAR-CIRG):
| बीमारी | पहला टीका | बूस्टर (दूसरा टीका) | दोबारा |
|---|---|---|---|
| पीपीआर (बकरी प्लेग) | 3 महीने पर | ज़रूरत नहीं | हर 3 साल पर |
| खुरपका-मुंहपका रोग (FMD) | 3–4 महीने पर | पहले टीके के 3–4 हफ़्ते बाद | हर 6 या 12 महीने पर |
| बकरी चेचक | 3–4 महीने पर | पहले टीके के 3–4 हफ़्ते बाद | हर 12 महीने पर |
| आंत विषाक्तता (एंटरोटॉक्सीमिया, ET) | 3–4 महीने पर | पहले टीके के 3–4 हफ़्ते बाद | हर 6 या 12 महीने पर |
| गलघोंटू (HS) | 3–4 महीने पर | पहले टीके के 3–4 हफ़्ते बाद | हर 6 या 12 महीने पर |
- दोबारा टीका कितने समय बाद लगे, यह इस्तेमाल हुए टीके पर निर्भर करता है, जैसा कैलेंडर में लिखा है; आपके लिए कौन-सा लागू है, यह पशु चिकित्सक बताएंगे (ICAR-CIRG)।
- जन्म के तुरंत बाद खीस पीने वाले मेमने करीब पहले 3 महीने तक सुरक्षित रहते हैं (ICAR-CIRG)।
- टीका लगवाने से कम से कम 15 दिन पहले पेट के कीड़ों की दवा दें (ICAR-CIRG)।
- आंत विषाक्तता और गलघोंटू के टीके बारिश का मौसम आने से पहले पूरे कर लें (TNAU)।
- जहाँ कोई बीमारी आपके इलाके में आम हो, जैसे एंथ्रेक्स (तिल्ली ज्वर), वहाँ पशु चिकित्सक दूसरे टीके भी जोड़ सकते हैं (TNAU)।
मुफ़्त सरकारी अभियान। पीपीआर का राष्ट्रीय कार्यक्रम 4 महीने से बड़ी उन स्वस्थ बकरियों और भेड़ों को टीका लगाता है जो गाभिन न हों, और इसका लक्ष्य 2030 तक पीपीआर को खत्म करना है (ICAR-NIVEDI)। राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NADCP) के तहत खुरपका-मुंहपका का टीका हर छह महीने पर लगता है (PIB); अपने पशु चिकित्सालय में पूछें कि क्या आपके इलाके की बकरियाँ इसमें शामिल हैं, और टीके का कैंप आपके गाँव में कब आएगा।
कृमिनाशन (पेट के कीड़ों की दवा)
- ICAR-CIRG की सलाह है कि 3 महीने की उम्र से बकरियों को साल में दो बार — बारिश के मौसम से पहले और बाद में — पेट के कीड़ों की दवा दें, और जब कीड़े ज़्यादा हों या बारिश लंबी चले, तो और ज़्यादा बार (ICAR-CIRG)।
- मेमनों और नमी वाले इलाकों की बकरियों को अक्सर इसकी ज़्यादा बार ज़रूरत होती है: TNAU 6 महीने तक के मेमनों के लिए हर महीने, और उसके बाद हर 3 महीने पर सुझाता है (TNAU)।
- मेंगनी की जाँच से ही सबसे सही पता चलता है। पशु चिकित्सक से मेंगनी के नमूने जँचवाएं, और वही तय करें कि दवा कब और कौन-सी दें (ICAR-CIRG, TNAU)।
- पेट के कीड़े कम रखें: बकरियों को बारी-बारी से अलग-अलग टुकड़ों में चराएं, गड्ढों और उथले पानी वाली गीली ज़मीन से बचें, और मेमनों को बड़ी बकरियों के बाड़े से दूर रखें (TNAU, ICAR-CIRG)।
किलनी, जूँ और माइट
- हफ़्ते में एक बार हर बकरी को ध्यान से देखें: कानों के अंदर, गर्दन, पूँछ के नीचे, टाँगों के बीच और अयन के आसपास।
- किलनी बारिश के महीनों में सबसे ज़्यादा होती है; जूँ सर्दी से पहले और बाद में (ICAR-CIRG)।
- बाड़ा सूखा रखें। मेंगनी हटाएं, नम अँधेरे कोने और रुका हुआ पानी खत्म करें, और दीवारों और फ़र्श की दरारें भर दें, जिनमें किलनी और माइट अंडे देते हैं (TNAU)।
- अगर किलनी या जूँ ज़्यादा दिखें, तो पशु चिकित्सक से पूछें कि क्या इस्तेमाल करें। फ़सल वाले कीटनाशक बकरियों पर कभी न छिड़कें — खेती के रसायन पशुओं के लिए ज़हर बन सकते हैं (TNAU)।
नई बकरियों को अलग रखें
- ऐसी बकरियाँ खरीदें जिन्हें पहले से पीपीआर का टीका लगा हो (ICAR-CIRG)।
- नई बकरियों को अपने झुंड से दूर, अलग बाड़े में कम से कम 30 दिन रखें (TNAU)। NABARD के मॉडल फ़ार्म में इसके लिए अलग बाड़ा होता है (NABARD)।
- उन पर रोज़ नज़र रखें, और झुंड में मिलाने से पहले पशु चिकित्सक की सलाह से उन्हें पेट के कीड़ों की दवा दें और टीके लगवाएं।
- गर्भ के आखिरी दिनों वाली बकरियों, 1 महीने से छोटे मेमनों, या बीमार और कमज़ोर बकरियों को कहीं न ले जाएं (ICAR-CIRG)।
पैसे देने से पहले सेहत की जाँच के लिए पढ़ें: बकरी सुरक्षित कैसे खरीदें: सेहत, उम्र और ठगी से बचाव।
बीमार बकरियों को अलग रखें
- बीमार बकरी को तुरंत उसके अपने अलग बाड़े में ले जाएं, उसकी अपनी चारे और पानी की बाल्टी के साथ (TNAU)।
- पहले स्वस्थ बकरियों की देखभाल करें और बीमार बकरियों की सबसे बाद में, और फिर हाथ धोएं।
- अगर कई बकरियाँ बीमार पड़ें: बकरियों, गाड़ियों और बाहर के लोगों का आना-जाना रोकें, साझा चराई की ज़मीन का इस्तेमाल बंद करें, और पशु चिकित्सक को बुलाएं (TNAU)।
- अगर कोई बकरी अचानक मर जाए, तो उसे चीरें नहीं; पशु चिकित्सक को बुलाएं, वे बताएंगे कि उसे सुरक्षित तरीके से कैसे दफ़नाएं (TNAU)।
- बकरियों की कुछ बीमारियाँ इंसानों में भी फैल सकती हैं। गर्भ गिरे मेमने या जेर को छूते समय दस्ताने पहनें (TNAU)।
मुफ़्त मदद: 1962 और मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयाँ
- अपने इलाके की मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई (MVU) से संपर्क के लिए टोल-फ़्री नंबर 1962 पर कॉल करें। MVU पशु चिकित्सक को किसान के दरवाज़े तक लाती हैं, और 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चलती हैं (PIB)।
- तमिलनाडु में राज्य सरकार की मुफ़्त मोबाइल पशु चिकित्सा सेवा 1962 पर मिलती है (डिंडीगुल जिला)।
- आपका नज़दीकी सरकारी पशु चिकित्सालय या पशु औषधालय भी टीके लगाता है और सलाह देता है।
सेहत का रिकॉर्ड रखें
ICAR-CIRG प्रजनन, चारे-दाने और सेहत का रिकॉर्ड रखने की सलाह देता है (ICAR-CIRG)। हर बकरी के लिए लिखें:
- उसके कान के टैग का नंबर या नाम, और जन्म की तारीख;
- हर टीका, तारीख और बीमारी के नाम के साथ;
- पेट के कीड़ों की दवा देने की हर तारीख;
- बीमारियाँ और पशु चिकित्सक के आने की तारीखें;
- मेल, ब्याने की तारीखें और वज़न।
एक कॉपी या फ़ोन का नोट्स ऐप काफ़ी है। रिकॉर्ड से पता चलता है कि अगला टीका कब लगना है, और बेचते समय आप इन्हें खरीदार को दिखा सकते हैं — पढ़ें: बकरी कैसे बेचें: सही समय, सही दाम और सुरक्षित पेमेंट।
आम गलतियाँ
- बीमारी फैलने का इंतज़ार करना, फिर टीका लगवाना।
- पशु चिकित्सक से पूछे बिना कमज़ोर, बीमार या गाभिन बकरियों को टीका लगवाना।
- नई बकरियों को आने के दिन ही झुंड में मिला देना।
- पशु चिकित्सक को जल्दी बुलाने के बजाय इंतज़ार करना और अंदाज़े लगाना।
- टीकों और पेट के कीड़ों की दवा की तारीखों का कोई रिकॉर्ड न रखना।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मेमनों को किस उम्र में टीके लगवाने चाहिए?
करीब 3 महीने से: ICAR-CIRG के अनुसार पीपीआर 3 महीने पर, और खुरपका-मुंहपका, बकरी चेचक, आंत विषाक्तता और गलघोंटू 3–4 महीने पर। तब तक खीस मेमनों को बचाती है। पीपीआर का राष्ट्रीय अभियान 4 महीने से बड़ी बकरियों को टीका लगाता है।
बकरियों को कितनी बार पेट के कीड़ों की दवा देनी चाहिए?
ICAR-CIRG के अनुसार साल में कम से कम दो बार, बारिश से पहले और बाद में; मेमनों और नमी वाले इलाकों की बकरियों को अक्सर ज़्यादा बार ज़रूरत होती है। पशु चिकित्सक से मेंगनी की जाँच कराएं।
क्या गाभिन बकरी को टीका लगवा सकते हैं?
पहले पशु चिकित्सक से पूछें। पीपीआर का राष्ट्रीय अभियान सिर्फ़ उन्हीं बकरियों को टीका लगाता है जो गाभिन न हों।
नई बकरियों को कितने दिन अलग रखना चाहिए?
TNAU की सलाह के अनुसार कम से कम 30 दिन, अलग बाड़े में।
क्या 1962 हेल्पलाइन मुफ़्त है?
1962 पर कॉल टोल-फ़्री है। तमिलनाडु में 1962 वाली मोबाइल पशु चिकित्सा सेवा मुफ़्त है।
आगे क्या करें
अच्छा चारा-दाना और साफ़, सूखा बाड़ा कई दिक्कतें रोकते हैं: पढ़ें बकरी का चारा-दाना: हरा-सूखा चारा, दाना मिश्रण और पानी और बकरी का बाड़ा (शेड): हर बकरी की जगह, फ़र्श और छत। गर्भ और नवजात मेमनों के लिए पढ़ें: बकरी पालन में प्रजनन: गर्मी के लक्षण, मेल और ब्याना और बकरी के मेमनों की देखभाल: खीस, क्रीप फ़ीड और दूध छुड़ाना। बकरियाँ खरीद रहे हैं? पैसे देने से पहले हर बकरी की सेहत जाँचें, और अपने पास की बिकाऊ बकरियाँ देखें।
