अच्छा बाड़ा आपकी बकरियों को सूखा, ठंडा और रात में सुरक्षित रखता है, और इससे ज़्यादा मेमने बचते हैं। महँगी इमारत की ज़रूरत नहीं: ऊँची जगह पर एक सादा बाड़ा, जिसमें हर बकरी के लिए काफ़ी जगह, हवा का अच्छा आना-जाना और सूखा फ़र्श हो, काफ़ी है। इस अध्याय में ICAR-CIRG, TANUVAS, TNAU और NABARD की बताई जगह, नाप और सामान की जानकारी है।
सही जगह चुनें
- ऊँची ज़मीन पर बनाएं, जहाँ से पानी अच्छी तरह निकल जाए और बारिश का पानी कभी न रुके। दलदली या गीली ज़मीन पर बकरियाँ ठीक नहीं रहतीं (TNAU)।
- ICAR-CIRG, TNAU और NABARD की सलाह के अनुसार बाड़े की लंबाई पूर्व से पश्चिम की ओर रखें (ICAR-CIRG)। तब लंबी दीवारें उत्तर और दक्षिण की ओर होती हैं, और अंदर धूप कम पड़ती है।
- पानी, सड़क और अपने घर के पास बनाएं, ताकि रात में बकरियों पर नज़र रख सकें।
- बाड़े के चारों ओर छायादार पेड़, झाड़ियाँ या चारे वाले पेड़ लगाएं। इनसे गर्मी कम होती है और अतिरिक्त चारा भी मिलता है (TNAU)।
हर बकरी के लिए फ़र्श की जगह
हर बकरी को बाड़े के अंदर कम से कम इतनी ढकी हुई जगह दें। अगर बकरियाँ दिन भर अंदर रहती हैं, तो ढकी जगह से करीब दोगुना खुला आँगन भी जोड़ें (ICAR-CIRG)। अगर वे दिन में चरती हैं और सिर्फ़ रात को बाड़े में सोती हैं, तो ढकी जगह काफ़ी है (ICAR-CIRG)।
| बकरी | ढकी जगह | खुला आँगन |
|---|---|---|
| 3 महीने तक का मेमना | 0.2–0.25 वर्ग मीटर (2–3 वर्ग फुट) | 0.4–0.5 वर्ग मीटर |
| 3–6 महीने का मेमना | 0.5–0.75 वर्ग मीटर (5–8 वर्ग फुट) | 1.0–1.5 वर्ग मीटर |
| 6–12 महीने की जवान बकरी | 0.75–1.0 वर्ग मीटर (8–11 वर्ग फुट) | 1.5–2.0 वर्ग मीटर |
| बड़ी बकरी | 1.5 वर्ग मीटर (16 वर्ग फुट) | 3.0 वर्ग मीटर |
| गाभिन या दूध देने वाली बकरी, बकरा | 1.5–2.0 वर्ग मीटर (16–21 वर्ग फुट) | 3.0–4.0 वर्ग मीटर |
ऊँचे, पट्टियों वाले फ़र्श पर तनुवास (TANUVAS) ने कम जगह रखी: हर बकरी के लिए करीब 10 वर्ग फुट, हर बकरे के लिए 15 वर्ग फुट और हर मेमने के लिए 4 वर्ग फुट (TANUVAS)।
मचान वाला बाड़ा या ज़मीन पर बाड़ा?
| बात | कच्चे फ़र्श वाला बाड़ा | मचान वाला (पट्टियों के फ़र्श का) बाड़ा |
|---|---|---|
| किसके लिए ठीक | सूखे इलाके | ज़्यादा बारिश, नमी या बाढ़ वाले इलाके |
| खर्च | कम | शुरू में ज़्यादा |
| सफ़ाई | रोज़ झाड़ू, ऊपर की मिट्टी बदलें | मेंगनी और पेशाब नीचे गिर जाते हैं, काम कम |
कच्चा फ़र्श। ICAR-CIRG भारत में बकरियों के लिए आम तौर पर मिट्टी के सख्त फ़र्श की सलाह देता है (ICAR-CIRG)। एक छोटी चबूतरा दीवार (प्लिंथ) बनाकर इसे आँगन से 15–30 सेमी ऊँचा रखें (TNAU)। सिर्फ़ सीमेंट का खाली फ़र्श न बनाएं: NABARD चेताता है कि उस पर बकरियों को खड़े होने और लेटने में दिक्कत होती है (NABARD)।
मचान। ICAR-CIRG और NABARD इसे गीले और नमी वाले इलाकों के लिए सुझाते हैं।
- ऊँचाई: ज़मीन से करीब 1 मीटर (3 फुट) (TANUVAS)।
- पट्टियाँ: 7.5–10 सेमी चौड़े और 2.5–4 सेमी मोटे लकड़ी के तख्ते, जिनके किनारे गोल हों, या बाँस या प्लास्टिक की पट्टियाँ (TNAU, ICAR-CIRG)।
- दरार: पट्टियों के बीच 1–1.5 सेमी — इतनी चौड़ी कि मेंगनी नीचे गिर जाए, और इतनी पतली कि छोटे खुर न फँसें (TNAU)।
- बकरियों के ऊपर चढ़ने के लिए ढलान (रैंप) या लकड़ी की सीढ़ियाँ।
- नीचे सीमेंट या पक्का फ़र्श हो, तो मेंगनी और पेशाब इकट्ठा करना आसान रहता है (NABARD)।
तनुवास के एक परीक्षण में, किसानों के मचान वाले पट्टीदार बाड़े में जाने के बाद मेमनों की मौत 7% से घटकर 3% रह गई (TANUVAS)।
ऊँचाई, दीवारें, छत और हवा
- चौड़ाई: 6 मीटर (20 फुट) से ज़्यादा नहीं, ताकि हवा आर-पार जा सके (ICAR-CIRG)। लंबाई कितनी भी हो सकती है; करीब हर 9 मीटर (30 फुट) पर एक पार्टीशन लगाएं।
- ऊँचाई: दोनों तरफ़ ढलान वाली छत में बीच में करीब 3.5 मीटर (12 फुट) और किनारों पर 2.5–2.7 मीटर (8–9 फुट) (ICAR-CIRG)।
- दीवारें: लंबी तरफ़ों पर करीब 1 मीटर (3–4 फुट) की नीची दीवारें, और उनके ऊपर हवा के लिए तार की जाली; दोनों छोटी तरफ़ें छत तक बंद रखें (ICAR-CIRG)।
- छज्जा: छत को दोनों तरफ़ 0.75–1 मीटर (करीब 3 फुट) बाहर निकला रखें, ताकि बारिश की बौछार अंदर न आए (TNAU)।
- छत: नारियल या ताड़ के पत्तों का छप्पर सस्ता और ठंडा रहता है; खपरैल, सीमेंट की चादरें या गर्मी रोकने वाली (इंसुलेटेड) धातु की चादरें ज़्यादा चलती हैं (TNAU, ICAR-CIRG)।
- छोटे बाड़े: किसी मौजूदा दीवार से टिकी, एक तरफ़ ढलान वाली छत सबसे सस्ती है; 2 बकरियों के लिए करीब 1.5 मीटर चौड़ा और 3 मीटर लंबा बाड़ा काफ़ी है (TNAU)।
मेमनों, बकरों और नई ब्याई बकरियों के बाड़े
- मेमने: 3 महीने से छोटे मेमनों को उनके अपने अलग हिस्से में रखें, और 6 महीने तक की जवान बकरियों को बड़ी बकरियों के बाड़े से दूर रखें (ICAR-CIRG)। करीब 1.8 वर्ग मीटर के बाड़े में 10 तक छोटे मेमने आ जाते हैं (TNAU)। उन्हें सूखा बिछावन दें और हर 2–3 दिन में बदलें (ICAR-CIRG)।
- बकरा: हर बकरे को करीब 2.5 मीटर × 2.0 मीटर का अपना अलग बाड़ा दें, जिसमें चारा और पानी हो। प्रजनन के मौसम में दो बकरों को कभी साथ न रखें — वे एक-दूसरे को टक्कर मारकर घायल कर देते हैं (TNAU)।
- ब्याने का बाड़ा: एक बकरी और उसके मेमनों के लिए करीब 1.5 मीटर × 1.2 मीटर का छोटा, सूखा बाड़ा, जहाँ सीधी ठंडी हवा न लगे, और जिसमें चारे की नाँद और पानी की बाल्टी हो (TNAU)। पढ़ें: बकरी पालन में प्रजनन: गर्मी के लक्षण, मेल और ब्याना।
- बीमार और नई खरीदी बकरियाँ: दूसरे बाड़ों से दूर, करीब 3 मीटर × 2 मीटर का अलग बाड़ा (TNAU)। नई बकरियाँ अलग रखने के दिनों में यहीं रहती हैं।
चारे के रैक और नाँद
- बकरियाँ गीला, गंदा या रौंदा हुआ चारा नहीं खातीं, इसलिए चारा रैक में दें या गट्ठर बनाकर लटकाएं — ज़मीन पर कभी नहीं (TNAU)।
- चारे के रैक: छड़ें आपस में 5 सेमी से ज़्यादा दूर न हों, और गिरती पत्तियाँ रोकने के लिए करीब 15 सेमी नीचे एक तख्ता हो (TNAU)।
- नाँद: फ़र्श से 45–60 सेमी ऊपर लगाएं। हर बड़ी बकरी के लिए नाँद की 40–50 सेमी लंबाई और हर मेमने के लिए 30–35 सेमी रखें (TNAU)।
- दाने, हरे चारे और पानी के लिए अलग-अलग नाँद रखें (TNAU)। पानी की नाँद रोज़ धोएं।
बाड़े की सफ़ाई
- मेंगनी रोज़ हटाएं। एक बड़ी बकरी रोज़ करीब 0.5–1 किलो मेंगनी करती है, और इससे आपके खेतों के लिए अच्छी खाद बनती है (TNAU)।
- कच्चा फ़र्श: फ़र्श सूखा रखने के लिए हर 2–4 हफ़्ते में चूना पाउडर छिड़कें (ICAR-CIRG, TNAU)। बारिश के मौसम से पहले और बाद में ऊपर की 10 सेमी (4 इंच) मिट्टी बदलें (ICAR-CIRG)।
- मचान वाला बाड़ा: मचान के नीचे से मेंगनी बार-बार साफ़ करें।
- दीवारों और फ़र्श की दरारें और छेद भर दें — किलनी और माइट वहीं अंडे देते हैं (TNAU)।
- साल में एक बार दीवारों पर चूने की पुताई करें, और बाड़े के आसपास रुका हुआ पानी और झाड़ियाँ न रहने दें (TNAU)।
बारिश, गर्मी और जंगली जानवरों से बचाव
- बारिश: ऊँची जगह, ऊँचा या चबूतरे वाला फ़र्श, और छत का लंबा छज्जा। बकरियों को भीगना पसंद नहीं (TNAU)।
- गर्मी: छप्पर या गर्मी रोकने वाली छत, खुली बगलें और छायादार पेड़। अगर आप बकरियों को खूँटे से बाँधकर चराते हैं, तो दोपहर में उन्हें बाड़े में ले आएं (TNAU)।
- ठंड और हवा: ठंडी या बारिश वाली रातों में हवा आने वाली तरफ़ बोरी (टाट) के पर्दों से बंद करें, खासकर पहले 2 महीने के मेमनों के लिए (TNAU)।
- जंगली जानवर और चोर: आँगन के चारों ओर करीब 1.2 मीटर (4 फुट) ऊँची मज़बूत बुनी हुई तार की जाली लगाएं, जिसमें ज़मीन के पास छेद छोटे हों, और रात में बाड़े पर ताला लगाएं (TNAU, TNAU)। काँटेदार तार न लगाएं — उससे अयन और थन फट जाते हैं (TNAU)।
कम खर्च में बाड़ा बनाने के सुझाव
- स्थानीय सामान लगाएं: बाँस, कैज़ुरिना के खंभे, ताड़ या नारियल के पत्ते और देसी खपरैल (ICAR-CIRG)।
- सादे बाड़े से शुरुआत करें। ICAR-CIRG की सलाह है कि बड़े पक्के बाड़े 2–3 साल बाद ही बनाएं, जब फ़ार्म अच्छी तरह चलने लगे (ICAR-CIRG)।
- पैदा होने वाले मेमनों के लिए भी जगह रखें: ICAR-CIRG के नक्शे में माना गया है कि 10 बकरियों से साल में करीब 12 मेमने होंगे (ICAR-CIRG)।
- खर्च और लोन के लिए पढ़ें: बकरी पालन की लागत और आमदनी: एक उदाहरण से हिसाब और बकरी पालन सब्सिडी, लोन और बीमा 2026।
आम गलतियाँ
- नीची ज़मीन पर बनाना, जहाँ बारिश का पानी जमा होता है।
- चारों तरफ़ बंद दीवारें — बाड़ा नम, गर्म और बदबूदार रहता है।
- बिना बिछावन के सिर्फ़ सीमेंट का फ़र्श।
- मेमनों, बकरों और बीमार बकरियों को मुख्य झुंड के साथ रखना।
- चारा ज़मीन पर डालना, जहाँ वह रौंदा जाता है और बर्बाद होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
एक बकरी को कितनी जगह चाहिए?
ICAR-CIRG के अनुसार बड़ी बकरी के लिए करीब 1.5 वर्ग मीटर (16 वर्ग फुट) ढका फ़र्श, और बकरे या गाभिन बकरी के लिए 1.5–2.0 वर्ग मीटर। मेमनों को कम जगह चाहिए। ऊँचे, पट्टियों वाले फ़र्श पर हर बकरी के लिए करीब 10 वर्ग फुट भी काफ़ी हो सकता है (TANUVAS)।
क्या मचान वाला बाड़ा ज़मीन वाले बाड़े से बेहतर है?
बारिश, नमी या बाढ़ वाले इलाकों में हाँ: फ़र्श सूखा रहता है और मेंगनी नीचे गिर जाती है। सूखे इलाकों में ऊँची जगह पर अच्छी तरह रखा गया कच्चा फ़र्श ठीक काम करता है और सस्ता पड़ता है।
गर्मी के लिए कौन-सी छत सबसे ठीक रहती है?
छप्पर या खपरैल से बाड़ा ज़्यादा ठंडा रहता है। धातु की चादरें लगाएं, तो गर्मी रोकने वाली (इंसुलेटेड) चादरें लें, और छत का छज्जा चौड़ा रखें।
बाड़ा कितनी बार साफ़ करना चाहिए?
मेंगनी रोज़ हटाएं, कच्चे फ़र्श पर हर 2–4 हफ़्ते में चूना छिड़कें, बारिश से पहले और बाद में ऊपर की मिट्टी बदलें, और साल में एक बार पुताई करें।
आगे क्या करें
बाड़ा तैयार हो जाए, तो चारे-दाने की योजना बनाएं: बकरी का चारा-दाना: हरा-सूखा चारा, दाना मिश्रण और पानी। फिर टीकाकरण और कृमिनाशन का कैलेंडर बनाएं: बकरी की सेहत: टीकाकरण कैलेंडर और कृमिनाशन। खरीदने के लिए तैयार हों, तो अपने पास की बिकाऊ बकरियाँ देखें — और पहले यह पढ़ लें: बकरी सुरक्षित कैसे खरीदें: सेहत, उम्र और ठगी से बचाव।
कट्टुतरै पर अपने पास बकरियाँ खोजें
अपने गाँव के पास के किसानों की बिकाऊ बकरियाँ सीधे देखें — फ़ोटो, गाँव के नाम और दूरी के साथ। कोई दलाल नहीं। किसान को कॉल या चैट करें, फिर पैसे देने से पहले बकरी को खुद देखें और उसकी सेहत जाँचें।
कोई खास नस्ल चाहिए? कट्टुतरै ऐप में उसका नाम खोजें, जैसे जमुनापारी, सिरोही या उस्मानाबादी।
