भारत के कई फ़ार्मों पर 30–40% बछड़े 3 महीने के होने से पहले ही मर जाते हैं — लापरवाही, कम दूध, चोट और रोगों से (TNAU)। पहले घंटों में खीस, सही मात्रा में साफ़ दूध, सूखा बाड़ा, और समय पर कृमिनाशन और टीके इनमें से बहुत-सी मौतें रोकने में मदद करते हैं। यह पेज 6 महीने तक के गाय और भैंस के बच्चों के बारे में है।
पहला घंटा
NDDB के अनुसार ब्याने के बाद का पहला घंटा बछड़े की ज़िंदगी का सबसे ज़रूरी घंटा होता है (NDDB)।
- बछड़े की नाक और मुँह से चिपचिपा पदार्थ (म्यूकस) साफ़ करें, ताकि वह साँस ले सके।
- माँ को बछड़े को चाटकर सुखाने दें। अगर वह न चाटे, या मौसम ठंडा हो, तो साफ़ कपड़े या टाट की बोरी से रगड़कर सुखाएं (TNAU)।
- स्वस्थ बछड़ा करीब 15–20 मिनट में खड़ा हो जाता है (NDDB गाइडलाइन) और एक घंटे के अंदर दूध पीने की कोशिश करता है। कमज़ोर बछड़े को थन तक पहुँचने में मदद करें।
- नाभि: NDDB की सलाह है कि साफ़ ब्लेड से नाल को पेट से करीब 2 इंच (5 सेमी) दूर काटें, उसे उस घोल में डुबोएं जो आपके पशु चिकित्सक बताएं, और 12 घंटे बाद फिर से डुबोएं (NDDB)। गंदे ब्लेड, गंदे फ़र्श और दूसरे बछड़ों के नाल चूसने से नाभि में संक्रमण होता है (ICAR-CIRB)।
- पहली खीस के 4–6 घंटे के अंदर पहला गोबर, जो गहरे रंग का और चिपचिपा होता है, निकल जाना चाहिए। अगर न निकले, तो अपने पशु चिकित्सक को बुलाएं (NDDB गाइडलाइन)।
खीस: कितनी जल्दी और कितनी
- जन्म के 2 घंटे के अंदर करीब 2 लीटर खीस पिलाएं — जितनी जल्दी, उतना अच्छा (हो सके तो पहले घंटे में ही) — और 12 घंटे के अंदर, बछड़े के आकार के हिसाब से, 1–2 लीटर और (NDDB)।
- 24 घंटे के बाद दी गई खीस से शायद बछड़े का बचाव न हो। समय पर काफ़ी खीस मिल जाए, तो वह पहले 3 महीने तक बछड़े को रोगों से बचाती है।
- कई बछड़े थन से पूरी खीस नहीं पी पाते, इसलिए साफ़ बोतल या बाल्टी से अपने हाथ से पिलाएं; तब आपको पता रहेगा कि उसने कितना पिया।
- भैंस के बच्चे: ICAR-CIRB की सलाह है कि जन्म के 30 मिनट के अंदर करीब आधा लीटर खीस पिलाएं, जेर निकलने का इंतज़ार किए बिना (ICAR-CIRB)।
- पहले 3 दिन तक खीस पिलाते रहें (TNAU)।
- बची हुई खीस फ़्रिज में, या जमाकर, दूसरे बछड़े के लिए रखी जा सकती है (TNAU)। पिलाने से पहले उसे धीरे से गुनगुना करें, और कभी उबालें नहीं (TNAU)।
कम खिलाई गई गायें कमज़ोर और छोटे बछड़े देती हैं: गर्भ के आखिरी महीनों में क्या खिलाएं, यह दुधारू गाय-भैंस का आहार: चारा, दाना, खनिज और पानी में देखें।
शरीर के वज़न के हिसाब से दूध
- रोज़ बछड़े के शरीर के वज़न का करीब दसवाँ हिस्सा (10%) पूरा दूध पिलाएं। 20–25 किलो के नवजात संकर बछड़े को रोज़ करीब 2–2.5 लीटर दूध चाहिए (TNAU)।
- रोज़ 5–6 लीटर से ज़्यादा न दें: ज़्यादा दूध से दस्त होते हैं (TNAU)।
- पहले हफ़्ते में दिन में 3–4 बार, फिर दिन में दो बार पिलाएं, शरीर जितना गुनगुना (करीब 39 °C), ऐसी बाल्टी से जिसे आप हर बार पिलाने के बाद धोते हों (TNAU)।
- भैंस के बच्चों को पहले 15 दिन उनके शरीर के वज़न के आठवें से दसवें हिस्से जितना दूध दिया जाता है (TNAU)।
- हर हफ़्ते बछड़े का वज़न करें, और जैसे-जैसे वह बढ़े, दूध बढ़ाएं।
काफ़ स्टार्टर, हरा चारा और पानी
- पानी: 3 दिन का होने से ही पीने का साफ़ पानी, जितना वह चाहे (NDDB गाइडलाइन)।
- काफ़ स्टार्टर, यानी बछड़ों के लिए बना दाना: पहले या दूसरे हफ़्ते से दूध के बाद मुट्ठी भर दें, और पहले हफ़्ते से ही किसी रैक में अच्छी सूखी घास रखें (TNAU)।
- खनिज मिश्रण: रोज़ करीब 20–25 ग्राम (NDDB)।
- फफूंद लगा चारा-दाना कभी न दें।
गाय के बछड़े के लिए एक अंदाज़ा, TNAU की खिलाने की तालिका से (TNAU); भारी बछड़ों को ज़्यादा चाहिए:
| उम्र | रोज़ दूध | रोज़ काफ़ स्टार्टर | रोज़ हरा चारा |
|---|---|---|---|
| पहले 4 हफ़्ते | करीब 2.5 लीटर | थोड़ा-सा | थोड़ा-सा |
| 1–3 महीने | करीब 3 लीटर, घटाकर 1.5 तक | 50 ग्राम, बढ़ाकर 500 ग्राम तक | थोड़ा-सा, 3 महीने तक करीब 1 किलो |
| 3–4 महीने | नहीं | 500–750 ग्राम | 1–2 किलो |
| 4–6 महीने | नहीं | 750 ग्राम से 1.5 किलो | 2–5 किलो |
6 महीने तक बछड़े को रोज़ कम से कम 1.5 किलो काफ़ स्टार्टर खाने लगना चाहिए (NDDB गाइडलाइन)।
दूध छुड़ाना
दूध छुड़ाने का मतलब है दूध पिलाना बंद करना।
- आम तौर पर बछड़ों का दूध करीब 3 महीने पर छुड़ाया जाता है (TNAU); जहाँ बछड़ा अपनी माँ के साथ रहता है, वहाँ NDDB 3–4 महीने कहता है (NDDB गाइडलाइन)।
- देसी गायें और भैंसें अपने बच्चों से बहुत लगाव रखती हैं: जन्म के समय ही बच्चे को अलग कर देने से माँ का दूध घट सकता है, वह जल्दी दूध देना बंद कर सकती है और उसका स्वभाव बिगड़ सकता है (TNAU)।
- दूध तभी बंद करें जब बछड़ा रोज़ कम से कम 0.4–0.5 किलो काफ़ स्टार्टर खाने लगे, और ऊपर की तालिका की तरह दूध धीरे-धीरे घटाएं।
बछड़े कितनी तेज़ी से बढ़ने चाहिए?
जन्म के समय आम वज़न (NDDB गाइडलाइन):
| बछड़ा | जन्म के समय आम वज़न |
|---|---|
| देसी गाय-बैल | करीब 20–30 किलो |
| संकर | करीब 25–35 किलो |
| होल्स्टीन फ़्रीशियन | करीब 35–45 किलो |
| भैंस | करीब 30–40 किलो |
दूध छुड़ाने से पहले रोज़ वज़न बढ़ने के लिए NDDB के लक्ष्य: संकर बछड़े 0.7–1.0 किलो, देसी और भैंस के बच्चे 0.5–0.8 किलो। मुर्रा के बच्चों के लिए TNAU की योजना में करीब 0.35 किलो माना गया है (TNAU)। 6 महीने की उम्र तक हर हफ़्ते बछड़ों का वज़न करें (TNAU)। अगर किसी बछड़े का वज़न बढ़ना रुक जाए, तो अपने पशु चिकित्सक से पूछें।
बछड़ों का बाड़ा
- हर छोटे बछड़े को कम से कम पहले महीने, और हो सके तो 3 महीने तक, उसके अपने अलग बाड़े में रखें; फिर करीब एक ही उम्र के 3–5 बछड़ों को साथ रखें। अलग बाड़ों में बछड़े न एक-दूसरे की नाभि चूसते हैं, न रोग फैलाते हैं (TNAU)।
- 3 महीने की उम्र तक हर बछड़े को छत के नीचे करीब 20–25 वर्ग फुट जगह दें, और 3–6 महीने पर 25–30 वर्ग फुट (TNAU)।
- बछड़ों को बड़ी गायों के साथ कभी न रखें। सीलन भरे, ठीक से पानी न निकलने वाले फ़र्श से साँस की तकलीफ़ होती है।
- सूखे पुआल का बिछावन बिछाएं और गीला होने पर बदलें। बछड़ों को ठंडी हवा के झोंकों से बचाएं, खासकर पहले 5 दिनों में, पर ताज़ी हवा आने दें (ICAR-CIRB)।
- भैंस के बच्चों को तालाब और पोखर से दूर रखें: वहाँ उन्हें संक्रमण लग सकता है, या कोई बड़ी भैंस उन पर लोट जाए तो वे डूब सकते हैं (ICAR-CIRB)।
- अगर बछड़े एक ही बाड़े में रहते हैं, तो दूध पिलाने के बाद करीब एक घंटे तक उन्हें अलग रखें, ताकि वे एक-दूसरे को न चूसें (NDDB)।
बाड़ा बनाने के लिए गाय-भैंस का शेड: जगह, फ़र्श, छत और ठंडक देखें।
कृमिनाशन, टीके और कान का टैग
- कृमिनाशन (पेट के कीड़ों की दवा): पहले दो हफ़्तों में (भैंस के बच्चों को सबसे पहले), फिर 6 महीने की उम्र तक हर महीने, जैसा आपके पशु चिकित्सक बताएं (NDDB, TNAU)।
- टीके: 3 महीने से पहले कोई नहीं, क्योंकि तब तक खीस बछड़े को बचाती है (NDDB गाइडलाइन)। उसके बाद, जैसा आपके पशु चिकित्सक बताएं (NDDB, DAHD):
| रोग | पहला टीका | उसके बाद |
|---|---|---|
| चिचड़ी बुखार (थेलेरियोसिस; सिर्फ़ संकर और विदेशी नस्ल के बछड़े) | 3 महीने से | पशु चिकित्सक से पूछें कि हर साल बूस्टर टीका ज़रूरी है या नहीं |
| खुरपका-मुंहपका (FMD) | 4–5 महीने पर, बूस्टर 4 हफ़्ते बाद | हर 6 महीने |
| ब्रुसेलोसिस (सिर्फ़ बछिया) | 4–8 महीने | ज़िंदगी में एक बार |
| गलघोंटू (HS) और लंगड़ी बुखार (BQ) | 6 महीने से | हर साल, बारिश से पहले |
- अपने इलाके में लम्पी त्वचा रोग के बारे में पशु चिकित्सक से पूछें। पूरी योजना के लिए गाय-भैंस की सेहत: टीकाकरण कैलेंडर और खतरे के लक्षण देखें।
- कान का टैग: पशु चिकित्सक या टीका लगाने वाले से कहें कि बछड़े के पहले कुछ हफ़्तों में ही उसे टैग लगा दें। 12 अंकों वाले टैग नंबर से उसके टीके सरकार के भारत पशुधन पोर्टल पर दर्ज होते हैं (PIB)।
- पशु चिकित्सक से पूछें कि उगते सींग की कलियाँ या फालतू थन हटाने चाहिए या नहीं, और कब।
दस्त और निमोनिया: तुरंत कदम उठाएं
बछड़ों की सबसे ज़्यादा मौतें पहले महीने में होती हैं (TNAU)।
- दस्त: पतला, पानी जैसा गोबर। बछड़े के शरीर से पानी और नमक तेज़ी से निकलते हैं और वह अचानक मर सकता है (NDDB)। उसी दिन अपने पशु चिकित्सक को बुलाएं; वे सामान्य दूध-चारे के साथ इलेक्ट्रोलाइट घोल पिलाने की सलाह दे सकते हैं।
- पानी की कमी की जाँच: गर्दन की खाल को चुटकी से उठाएं। उसे तुरंत वापस बैठ जाना चाहिए। अगर वह 6 सेकंड से ज़्यादा उठी रहे, आँखें धँसी हों या बछड़ा खड़ा न हो पाए, तो तुरंत पशु चिकित्सक को बुलाएं।
- कारण: बहुत कम खीस, बहुत ज़्यादा दूध, गंदी बाल्टियाँ, और अचानक ठंडा, गीला या तेज़ हवा वाला मौसम (ICAR-CIRB)। बीमार बछड़े को अलग रखें।
- निमोनिया: नाक बहना और सूखी, बार-बार आने वाली खाँसी, जो बछड़े के चलने-फिरने पर बढ़ जाती है। ठंडी हवा के झोंके, गीला फ़र्श, खराब हवा और भीड़ से यह होता है।
- पहले हफ़्ते में साँस लेने में तकलीफ़, सुस्ती, ठीक से दूध न पीने या बुखार पर भी पशु चिकित्सक को बुलाएं (NDDB गाइडलाइन)।
- अगर कई बछड़े अचानक बीमार पड़ें या मरें, तो तुरंत अपने पशु चिकित्सक को बताएं या 1962 पर कॉल करें, और ज़्यादा से ज़्यादा 24 घंटे के अंदर।
हर बछड़े को खिलाएं, नर बछड़ों को भी
- हर बछड़े को खीस और दूध चाहिए, नर को भी और मादा को भी। जिस बछिया को आप पालते हैं, वही आपकी अगली गाय बनती है; NDDB के अनुसार अपना बछड़ा पालना किसी अनजान जगह से खरीदने से बेहतर है।
- अच्छी तरह पला नर बछड़ा बैल के विज्ञापनों के ज़रिए किसी दूसरे किसान को बेचा जा सकता है। फ़ोटो और वीडियो के साथ मुफ़्त विज्ञापन डालें।
- बछिया और बछड़े बेचने हों, तो पशु बेचना देखें।
- अगर आप Aavin की समिति में दूध डालते हैं, तो सचिव से सदस्यों के लिए Aavin के बछड़ा कार्यक्रमों के बारे में पूछें; गाय-भैंस पालन के लिए लोन, बीमा और योजनाएं (2026) देखें।
अपनी गायें और बैल कट्टुतरै पर बेचें
फ़ोटो और छोटे वीडियो के साथ मुफ़्त विज्ञापन डालें। पास के खरीदार आपको सीधे कॉल या चैट करेंगे। कोई कमीशन नहीं।
आम गलतियाँ
- पहली खीस के लिए घंटों इंतज़ार करना।
- एक बार में बहुत ज़्यादा दूध पिलाना, या गंदी बाल्टी से दूध पिलाना।
- गीला बिछावन पड़ा रहने देना, या बछड़े को ठंडी हवा के झोंके में खड़ा रहने देना।
- छोटे बछड़ों को बड़ी गायों के साथ रखना, या भैंस के बच्चों को तालाब में जाने देना।
- बछियों को अच्छा खिलाना और नर बछड़ों की अनदेखी करना।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
नवजात बछड़े को कितनी खीस मिलनी चाहिए?
जन्म के 2 घंटे के अंदर करीब 2 लीटर — जितनी जल्दी, उतना अच्छा — और 12 घंटे के अंदर 1–2 लीटर और। इसे अपने हाथ से पिलाएं, ताकि आपको पता रहे कि बछड़े ने कितना पिया।
दूध पिलाना कब बंद कर सकते हैं?
करीब 3 महीने पर, जब बछड़ा रोज़ कम से कम 0.4–0.5 किलो काफ़ स्टार्टर खाने लगे। देसी गायों और भैंसों के बच्चे अक्सर 3–4 महीने तक दूध पीते हैं।
मेरे बछड़े को दस्त हैं। क्या करूँ?
उसी दिन अपने पशु चिकित्सक को बुलाएं। बछड़े को गरम, सूखा और दूसरों से अलग रखें, और जब तक पशु चिकित्सक कुछ और न कहें, उसका सामान्य दूध-चारा जारी रखें। अगर उसकी आँखें धँसी हों या वह खड़ा न हो पाए, तो तुरंत बुलाएं।
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टीकों की पूरी योजना के लिए गाय-भैंस की सेहत: टीकाकरण कैलेंडर और खतरे के लक्षण पढ़ें, और बछिया पहली बार गर्भाधान के लिए कब तैयार होती है, यह जानने के लिए गाय-भैंस को गाभिन कराना: गर्मी के लक्षण, AI और ब्याना। अपने पास के बछड़े और बछिया देखने के लिए बिकाऊ गायें और बिकाऊ भैंसें देखें।
