दुधारू गाय-भैंस का आहार: चारा, दाना, खनिज और पानी

दूध देने वाली गाय या भैंस को कितना हरा और सूखा चारा, दाना, खनिज मिश्रण और पानी चाहिए, कौन-सी चारा फ़सलें उगाएं, साइलेज, और किस चारे से बचें।

अपडेट: 25 अक्टूबर 2026जाँचा गया: 25 अक्टूबर 2026कट्टुतरै टीम ने लिखा

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  1. तीन तरह का चारा-दाना
  2. कितना खिलाएं
  3. दूध के हर लीटर पर दाना
  4. खनिज मिश्रण और नमक
  5. पानी
  6. अपना चारा खुद उगाएं
  7. सूखे महीनों के लिए साइलेज और सूखी घास
  8. गाभिन और सूखे पशु
  9. नुकसान करने वाला चारा-दाना
  10. आम गलतियाँ
  11. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
  12. आगे पढ़ें

दूध देने वाली गाय या भैंस को हर दिन हरा चारा, सूखा चारा और दाना चाहिए, साथ में खनिज मिश्रण, नमक और भरपूर साफ़ पानी। आहार की नींव चारे पर रखें, और दाना हर पशु के दूध के हिसाब से दें। चारा-दाना डेयरी का सबसे बड़ा खर्च भी है, NDDB के हिसाब से कुल खर्च का करीब 70% (NDDB); डेयरी (गाय-भैंस पालन) का खर्च और आमदनी: एक उदाहरण देखें।

तीन तरह का चारा-दाना

  • हरा चारा: बाजरा-नेपियर हाइब्रिड (कम्बू नेपियर), गिनी घास, चारे वाली ज्वार और मक्का; दलहनी चारा, जैसे लोबिया और डेस्मैन्थस (वेलिमसाल); पेड़ों का चारा, जैसे अगस्ती (अगथी)।
  • सूखा चारा: धान का पुआल, दूसरी फ़सलों का भूसा, और सूखी घास।
  • दाना: पशु आहार, या घर पर बना मिश्रण — अनाज, चोकर और खली, खनिज मिश्रण और नमक के साथ। तमिलनाडु में गाँवों की दुग्ध समितियाँ अपने सदस्यों को पशु आहार और खनिज मिश्रण देती हैं (डेयरी पॉलिसी नोट)।

मोटे तौर पर एक बड़े पशु को रोज़ 15–20 किलो हरा चारा और 4–6 किलो सूखा चारा चाहिए। घास के 3 हिस्सों के साथ करीब 1 हिस्सा दलहनी चारा दें, और हरा चारा करीब 50% फूल आने पर काटें (NDDB)।

खिलाने से पहले चारा काट लें: इससे बर्बादी कम होती है और पाचन ठीक रहता है (NDDB), और चारा काटने की मशीनों से यह काम जल्दी हो जाता है। अच्छा चारा दाना बचाता है: करीब 20 किलो घास, या 6–8 किलो दलहनी चारा, उतना प्रोटीन देता है जितना 1 किलो दाना (TNAU)।

कितना खिलाएं

पशु हरा चारा सूखा चारा दाना
संकर गाय, रोज़ 6–7 लीटर 20–25 किलो 5–6 किलो 3–3.5 किलो
संकर गाय, रोज़ 8–10 लीटर 25–30 किलो 4–5 किलो 4–4.5 किलो
6–7 लीटर वाली संकर गाय, सूखी होने पर 15–20 किलो 6–7 किलो 0.5–1 किलो
भैंस, रोज़ करीब 5 लीटर 15 किलो 5 किलो 2.5 किलो
भैंस, रोज़ 5–10 लीटर 20 किलो 6 किलो 4 किलो
भैंस, रोज़ 10 लीटर से ज़्यादा 25 किलो 7 किलो 5 किलो

गाय वाली पंक्तियाँ NDDB की तालिका हैं, जैसी TNAU ने छापी है (TNAU); भैंस वाली पंक्तियाँ करीब 400 किलो की भैंस के लिए हैं (TNAU)। बड़े पशु को, या ज़्यादा दूध देने वाले को, ज़्यादा चाहिए।

दूध के हर लीटर पर दाना

  • भरपूर अच्छे हरे चारे के साथ: हर 2.5–3 किलो दूध पर करीब 1 किलो दाना। जब धान का पुआल मुख्य चारा हो, तो शरीर के रख-रखाव के लिए रोज़ करीब 1.25 किलो और दें (TNAU)।
  • पशु आहार के लिए NDDB का नियम: शरीर के रख-रखाव के लिए रोज़ 2 किलो, साथ में गाय के हर लीटर दूध पर 400 ग्राम या भैंस के हर लीटर दूध पर 500 ग्राम (NDDB)।
  • आधा दाना सुबह दुहने से पहले और आधा शाम को दुहने से पहले दें; ज़्यादा दूध देने वाले पशुओं को दिन में तीन बार दिया जा सकता है (TNAU)।
  • सुबह दाने से पहले थोड़ा चारा दें, ताकि उसके मुँह में काफ़ी लार बने (NDDB)।
  • बहुत ज़्यादा दाने से पशु खाना छोड़ देता है और उसका पेट खराब हो जाता है (TNAU)। ब्याने के बाद दाना थोड़ा-थोड़ा करके बढ़ाएं।
  • BIS प्रमाणित पशु आहार खरीदें और उसे चारे में मिलाकर दें; उसे भिगोने की ज़रूरत नहीं (NDDB)।
  • NDDB के राशन संतुलन कार्यक्रम में प्रशिक्षित स्थानीय कार्यकर्ता आपके अपने चारे-दाने से कम खर्च वाला संतुलित आहार तय करते हैं (NDDB); इसके बारे में अपनी दुग्ध समिति से पूछें।

खनिज मिश्रण और नमक

पशु रोज़ खनिज मिश्रण
बछड़ा 20–25 ग्राम
बछिया या सूखा पशु 50 ग्राम
दूध देने वाला पशु 100–200 ग्राम, दूध के हिसाब से
  • या NDDB के आसान नियम से: 5 लीटर दूध तक 50 ग्राम, और उससे ऊपर हर लीटर पर 10 ग्राम और। अगर पशु आहार में पहले से खनिज मिश्रण मिला है, तो करीब आधा दें (NDDB)।
  • क्षेत्र विशेष खनिज मिश्रण चुनें, जो आपके इलाके के लिए बना हो (NDDB)।
  • नमक: NDDB के गाभिन पशु के रोज़ के आहार में 30 ग्राम नमक है (NDDB)। घर पर बने दाना मिश्रण में खनिज मिश्रण 2% और नमक 1% रखें (TNAU)।
  • भैंसों को भी हर दिन खनिज मिश्रण चाहिए, चाटने वाली ईंट (लिक ब्लॉक) के रूप में या दाने में पाउडर मिलाकर (TNAU)।

पानी

  • एक बड़ी गाय या भैंस को रोज़ करीब 70–80 लीटर पानी चाहिए, साथ में हर लीटर दूध पर 2.5–3 लीटर और (NDDB)। यानी 10 लीटर दूध देने वाली गाय को रोज़ करीब 95–110 लीटर पानी चाहिए (हमारा हिसाब)।
  • गर्मियों में संकर गायों और भैंसों को रोज़ कम से कम 100 लीटर पानी दें, और उन्हें दिन में दो बार नहलाएं (NDDB)।
  • भैंसों को गाय-बैलों से ज़्यादा पानी चाहिए; जब भी वे चाहें, उन्हें साफ़, ठंडा पानी दें (TNAU)।
  • पानी की हौदी भरी, साफ़ और छाया में रखें।

अपना चारा खुद उगाएं

TNAU 2 गायों के लिए करीब 1 एकड़ चारे की ज़मीन की योजना रखता है (TNAU)। अगर साल भर चारे के लिए पानी न हो, तो ज़्यादा ज़मीन चाहिए।

फ़सल पहली कटाई फिर हर कितने दिन में कटाई
बाजरा-नेपियर हाइब्रिड CO (CN) 4 या CO (BN) 5 रोपाई के 75–80 दिन बाद 45 दिन
कई कटाई वाली चारा ज्वार CO (FS) 29 फूल आने के बाद करीब 65 दिन
डेस्मैन्थस (वेलिमसाल, हेज ल्यूसर्न) बुवाई के 90 दिन बाद 40 दिन
अगस्ती (अगथी) 8 महीने पर 60–80 दिन

समय: नेपियर के लिए TNAU, बाकी के लिए TNAU।

  • बाजरा-नेपियर हाइब्रिड कई साल चलने वाली घास है, जो सिंचाई के साथ हर जिले में साल भर उगती है — दो आँखों वाली तने की कटिंग से या जड़ वाली पौध (स्लिप) से; आपके पास के किसान CO-4 कटिंग बेचते हैं।
  • नेपियर की 3 कतारों के साथ डेस्मैन्थस की 1 कतार लगाएं, और दोनों को साथ काटकर खिलाएं।
  • पौध (स्लिप) और बीज के लिए कोयंबटूर में TNAU के चारा फ़सल विभाग से, या चेन्नई के पास अलमाधी के चारा केंद्र से पूछें (TNAU)।

अपने पास चारा और पशु आहार खरीदें

आपके पास के किसान कट्टुतरै पर धान का पुआल, हरा चारा, साइलेज और पशु आहार बेचते हैं। विक्रेता को कॉल करें और पैसे देने से पहले लोड जाँचें।

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सूखे महीनों के लिए साइलेज और सूखी घास

  • साइलेज: मक्का और ज्वार से सबसे अच्छा साइलेज बनता है (NDDB)। फ़सल को फूल आने पर काटें, जब उसमें 60–65% नमी हो (TNAU)। उसे काटकर छोटा करें, 2 दिन के अंदर गड्ढा भरें और भरते समय अच्छी तरह दबाते जाएं, बारिश में कभी न भरें, और ऊपर से प्लास्टिक या मिट्टी से बंद कर दें (TNAU)।
  • गड्ढे को करीब 45 दिन बंद रखें। 1 मीटर × 1 मीटर × 1 मीटर के गड्ढे में 500–600 किलो कटा चारा आता है (NDDB)।
  • थैलों में साइलेज: 20 किलो के थैले, कसकर दबाकर 45 दिन तक बंद रखे जाएं, तो करीब 6 महीने तक चलते हैं। थैला एक बार खोलें, तो पूरा इस्तेमाल करें (TNAU)।
  • रोज़ 2–3 किलो साइलेज से शुरू करें और धीरे-धीरे बढ़ाएं; ज़्यादा दूध देने वाले पशु 15–20 किलो तक खा सकते हैं (NDDB)। अच्छे साइलेज की गंध हल्की खट्टी और अच्छी लगती है, और उसमें न चिपचिपापन होता है, न फफूंद (TNAU)। इसे दुहने के बाद खिलाएं, क्योंकि इसकी गंध दूध में आ सकती है (TNAU)।
  • सूखी घास (हे): 50% फूल आने पर चारा काटें, धूप में करीब 5 सेमी मोटी परत में फैलाएं और रोज़ पलटें। 4–5 दिन में, जब नमी 15% से कम हो जाए, तो गट्ठर बाँधें और सूखी, धूल-रहित जगह पर रखें। रोज़ करीब 5 किलो खिलाएं (NDDB)।

गाभिन और सूखे पशु

  • गर्भ के 6ठे महीने से रोज़ 1–1.5 किलो दाना और दें (TNAU)। NDDB आखिरी 2 महीनों में रोज़ 1 किलो पशु आहार और 1 किलो अच्छी खली और जोड़ता है (NDDB)।
  • जो सूखा पशु गाभिन नहीं है, उसे दाने की ज़रूरत नहीं; अगर वह दुबली हो या चारा खराब हो, तो 1 किलो तक दें (TNAU)।
  • उसे अच्छी हालत में रखें, मोटी नहीं। NDDB के अनुसार ब्याने के समय 5 अंकों के पैमाने पर 3–3.5 अंक की शारीरिक हालत सबसे ठीक है; मोटी गायों में ब्याने के बाद ज़्यादा समस्याएँ होती हैं (NDDB)।
  • गर्भ के आखिरी दिनों में अलग से कैल्शियम न दें: ज़्यादा कैल्शियम से दुग्ध ज्वर का खतरा बढ़ता है। NDDB तो गर्भ के आखिरी 15 दिनों में खनिज मिश्रण भी बंद करने की सलाह देता है, इसलिए अपने पशु चिकित्सक से पूछें (NDDB)।
  • ब्याने के बाद 2–3 दिन तक हल्का आहार, कोमल हरा चारा और जितना वह चाहे उतना ताज़ा पानी दें, पर गरम पानी नहीं (NDDB)। दूध सुखाना और ब्याना गाय-भैंस को गाभिन कराना: गर्मी के लक्षण, AI और ब्याना में है।

नुकसान करने वाला चारा-दाना

  • फफूंद लगा चारा-दाना। सीला, फफूंद लगा पुआल, खली या मक्का पशुओं को धीरे-धीरे ज़हर देता है: भूख घटती है और दूध 15% से ज़्यादा घट सकता है (NDDB)। चारा-दाना सूखी, हवादार जगह पर रखें और फफूंद लगी हर चीज़ फेंक दें (TNAU)।
  • अचानक बदलाव। चारा-दाना कई दिनों में धीरे-धीरे बदलें, एक साथ कभी नहीं (TNAU)।
  • गीली घास और हरी-भरी दलहनी फ़सलें। अफारे से बचाने के लिए कोमल, गीली घास को थोड़ा मुरझाने दें, और दलहनी चारे को पुआल या घास में मिलाकर दें (TNAU)। अगर पेट का बायाँ हिस्सा फूल जाए और उसे साँस लेने में तकलीफ़ हो, तो तुरंत पशु चिकित्सक को बुलाएं।
  • कच्ची ज्वार और टैपिओका (कसावा) के पत्ते। ये कुछ ही घंटों में जान ले सकते हैं। ज्वार तभी खिलाएं जब उसमें फूल आ जाएं (TNAU), यानी जब वह कई फुट ऊँची हो जाए (NDDB)।
  • कीटनाशक छिड़का चारा। कीटनाशक छिड़के चारे को खिलाने से पहले धोएं, और पशुओं को कीटनाशक के डिब्बों से दूर रखें (NDDB)।
  • बहुत ज़्यादा बिनौले की खली लंबे समय तक खिलाने से ज़्यादा दूध देने वाले पशुओं को नुकसान होता है (NDDB)।

आम गलतियाँ

  • दाना भरपूर, पर हरा चारा बहुत कम।
  • हर पशु को दाने का एक जैसा डिब्बा, चाहे वह कितना भी दूध दे।
  • खनिज मिश्रण न देना, या दिन में सिर्फ़ दो बार पानी देना।
  • सीला, फफूंद लगा पुआल या खली खिलाना।
  • गर्मियों के लिए साइलेज, सूखी घास या पुआल जमा न करना।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

दूध देने वाली गाय को कितना दाना चाहिए?

NDDB के अनुसार हर लीटर दूध पर करीब 400 ग्राम पशु आहार, और शरीर के रख-रखाव के लिए करीब 2 किलो; भैंस को हर लीटर पर 500 ग्राम चाहिए। अच्छे हरे चारे के साथ, TNAU का हर 2.5–3 किलो दूध पर 1 किलो दाने का नियम भी करीब इतना ही बैठता है।

क्या गाय सिर्फ़ हरे चारे पर रह सकती है?

TNAU की गाय-बैल गाइड के अनुसार, 6–8 लीटर दूध देने वाली गाय 25–30 किलो मिली-जुली घास और दलहनी चारे पर, 3–4 किलो सूखे चारे के साथ, रखी जा सकती है (TNAU)। इससे ज़्यादा दूध देने वाली गायों को दाना चाहिए।

2 गायों का चारा उगाने के लिए कितनी ज़मीन चाहिए?

TNAU के योजना वाले आँकड़े के अनुसार करीब 1 एकड़। अगर साल भर चारे के लिए पानी न हो, तो ज़्यादा ज़मीन चाहिए।

आगे पढ़ें

साफ़ तरीके से दुहना गाय-भैंस का दूध दुहना: साफ़ दूध और थनैला की जाँच में सीखें, और टीकों का कैलेंडर गाय-भैंस की सेहत: टीकाकरण कैलेंडर और खतरे के लक्षण में। बछड़ों को खिलाने के लिए बछड़ों की देखभाल: खीस, दूध पिलाना, दूध छुड़ाना और बाड़ा देखें। चारा कम पड़ रहा है? आपके पास के किसान धान का पुआल और साइलेज बेचते हैं। अपने पशु बढ़ाने के लिए बिकाऊ गायें और बिकाऊ भैंसें देखें।

स्रोत

  1. National Dairy Development Board (NDDB), Anand — Handbook of Good Dairy Husbandry Practices, English, 2026 (148 pp.; printed page numbers cited) — Handbook of Good Dairy Husbandry Practices · पढ़ा गया 25 अक्टूबर 2026
  2. TNAU Agritech Portal, Tamil Nadu Agricultural University (feeding schedule from NDDB) — Feed management of cattle · पढ़ा गया 25 अक्टूबर 2026
  3. TNAU Agritech Portal — Expert System for Cattle and Buffalo (ICAR project with the TNAU and TANUVAS Directorates of Extension Education) — Feeding Management · पढ़ा गया 25 अक्टूबर 2026
  4. TNAU Agritech Portal, Tamil Nadu Agricultural University — Livestock: Buffalo: Feeding · पढ़ा गया 25 अक्टूबर 2026
  5. National Dairy Development Board (NDDB) — Animal Nutrition (services page) · पढ़ा गया 25 अक्टूबर 2026
  6. National Dairy Development Board (NDDB), Anand — pamphlet — Ration Balancing Programme: an effective tool to improve milk production at least cost · पढ़ा गया 25 अक्टूबर 2026
  7. TNAU Agritech Portal — Expert System for Cattle and Buffalo (ICAR project with the TNAU and TANUVAS Directorates of Extension Education) — Housing Management of Cattle and Buffalo · पढ़ा गया 25 अक्टूबर 2026
  8. TNAU Agritech Portal — Department of Forage Crops, TNAU, Coimbatore (content validator Dr K. N. Ganesan; updated April 2023) — Crop Production :: Forage Crops :: Cumbu Napier · पढ़ा गया 25 अक्टूबर 2026
  9. TNAU Agritech Portal — Expert System for Cattle and Buffalo (ICAR project with the TNAU and TANUVAS Directorates of Extension Education) — Fodder Production · पढ़ा गया 25 अक्टूबर 2026
  10. TNAU Agritech Portal — Department of Forage Crops, TNAU, Coimbatore (content validator Dr K. N. Ganesan; updated April 2023) — Forage Crops :: Harvesting (stage for silage) · पढ़ा गया 25 अक्टूबर 2026
  11. TNAU Agritech Portal — Department of Forage Crops, TNAU, Coimbatore (content validator Dr K. N. Ganesan; updated April 2023) — Forage Crops :: Silo Filling and Sealing · पढ़ा गया 25 अक्टूबर 2026
  12. TNAU Agritech Portal — Department of Forage Crops, TNAU, Coimbatore (content validator Dr K. N. Ganesan; updated April 2023) — Forage Crops :: Poly Bag Silage Production · पढ़ा गया 25 अक्टूबर 2026
  13. TNAU Agritech Portal — Expert System for Cattle and Buffalo (ICAR project with the TNAU and TANUVAS Directorates of Extension Education) — FAQs · पढ़ा गया 25 अक्टूबर 2026
  14. Animal Husbandry, Dairying, Fisheries and Fishermen Welfare Department, Government of Tamil Nadu (Milk Production and Dairy Development, Demand No. 8; Minister C. Vijayalakshmi) — Milk Production and Dairy Development Department Policy Note 2026-2027 (English) · पढ़ा गया 25 अक्टूबर 2026

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