हर दिन एक ही समय पर, साफ़ जगह पर, साफ़ और सूखे हाथों से, पूरे हाथ (मुट्ठी) से दूध दुहें, और दूध को जल्दी ठंडा करके समिति पहुँचाएं। साफ़-सफ़ाई और आराम से दुहने पर थनैला (अयन का संक्रमण) दूर रहता है, और साफ़ दूध ज़्यादा देर तक ठीक रहता है (TNAU)।
तय समय पर दुहें
- हर दिन एक ही समय पर दुहें; अगर समय बदलना ही पड़े, तो धीरे-धीरे बदलें (TNAU)।
- रोज़ 10 लीटर तक दूध देने वाले पशु को दिन में दो बार दुहा जाता है; 12–15 लीटर वाले को तीन बार। 16 लीटर से ज़्यादा हो, तो दो लोग मिलकर दुहते हैं (TNAU)।
- दो बार के बजाय तीन बार दुहने से 10–15% ज़्यादा दूध मिलता है (TNAU)। मुर्रा भैंसों पर हुए एक अध्ययन में तीन बार दुहने से 31% ज़्यादा दूध मिला (TNAU)।
- आराम से और चुपचाप दुहें। शांत पशु उस पशु से ज़्यादा दूध देता है, जो डरा हुआ हो या जिसके साथ सख्ती की गई हो (TNAU)।
दुहने से पहले
- दुहने से कम से कम आधा घंटा पहले दुहने की जगह साफ़ करें और गोबर हटाएं। दुहने से ठीक पहले झाड़ू न लगाएं, पशुओं को ब्रश न करें और धूल वाला चारा न दें (TNAU, TNAU)।
- दुहने से करीब एक घंटा पहले चारा दें। दुहने के समय सिर्फ़ दाना दें, जिसमें धूल कम होती है (TNAU)।
- दुहने वाले के नाखून कटे हों, हाथ साफ़ और सूखे हों, कपड़े साफ़ हों और सिर ढका हो, और दुहते समय वह न थूके, न बात करे। छूत की बीमारी वाला व्यक्ति दूध न दुहे (TNAU, TNAU)।
- अयन और थनों को धोएं, और अयन के लंबे बाल काट दें। फिर साफ़ कपड़े से अयन को पोंछकर सुखाएं, थन की नोक से ऊपर की ओर (TNAU)।
- हर पशु के लिए अलग कपड़ा रखें, और हर बार दुहने के बाद उसे धोकर सुखाएं (NDDB, TNAU)।
- भैंसों को दुहने से पहले हमेशा धोया जाता है, पर गीले तौलिये से: अयन पर पानी कभी न उछालें (TNAU)।
दूध उतरना
- दूध तब उतरता है जब बछड़ा थन चूसता है, या जब आप अयन और थनों को धोकर हल्के हाथ से मालिश करते हैं (TNAU)।
- दूध उतरने का असर कुछ ही मिनट रहता है। जैसे ही अयन तैयार हो, दुहना शुरू करें, और करीब 8 मिनट में पूरा कर लें (NDDB)। यह समय निकल जाए, तो आधे घंटे बाद पूरी प्रक्रिया फिर से शुरू करनी पड़ती है (TNAU)।
- भैंसें धीमी होती हैं। उनका दूध उतरने में औसतन करीब 2 मिनट लगते हैं, और कभी-कभी 10 (TNAU)।
- डर, दर्द, नया दुहने वाला या बदली हुई दिनचर्या — इनसे गायें और भैंसें दूध रोक लेती हैं (चढ़ा लेती हैं) (TNAU)। नया खरीदा पशु कुछ दिन कम दूध दे सकता है।
- पशु चिकित्सक के बिना दूध उतारने के लिए कोई भी इंजेक्शन न लगाएं। पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 12 के तहत, दूध बढ़ाने के लिए ऐसा कोई भी ऑपरेशन या इंजेक्शन, जिससे पशु को नुकसान हो, अपराध है (PCA अधिनियम)।
पूरे हाथ से दुहना
- पशु के बाईं ओर बैठें (TNAU)।
- पूरा हाथ (मुट्ठी): थन को पाँचों उंगलियों से पकड़कर हथेली से दबाएं, फिर छोड़ें; यह जल्दी-जल्दी और एक जैसी रफ़्तार से दोहराएं। यह सबसे तेज़ तरीका है, और इसमें दूध पीते बछड़े की तरह बराबर दबाव पड़ता है (TNAU, TNAU)।
- अंगूठा मोड़कर कभी न दुहें, यानी थन पर अंगूठा मोड़कर न दबाएं: इससे थन को चोट लगती है (TNAU)। दो उंगलियों से दुहने से भी बचें, क्योंकि इससे दबाव बराबर नहीं पड़ता और छोटे-छोटे घाव हो जाते हैं (TNAU)। चुटकी से (अंगूठे और उंगली को थन पर नीचे की ओर सरकाकर) सिर्फ़ बहुत छोटे थनों को दुहें, या बिल्कुल आखिर में।
- भैंसों में भी: उनके सख्त थनों को अंगूठा मोड़कर या चुटकी से दुहने पर थन खिंचकर खराब हो सकते हैं (TNAU)।
- हाथ सूखे रखें। हाथों या थनों को पानी, तेल, दूध या थूक से कभी गीला न करें: इससे थन फट जाते हैं और उनमें दर्द होता है, और दूध गंदा होता है (TNAU, TNAU)।
- पूरा दूध निकालें। अयन में बचा दूध थनैला को बुलावा देता है और दूध घटाता है (TNAU)। एक अपवाद: ब्याने के बाद पहले 2 दिनों में पूरा दूध निकालने से कुछ गायों को दुग्ध ज्वर हो सकता है (NDDB), इसलिए उस समय ज़्यादा दूध देने वाली गाय को कैसे दुहें, यह अपने पशु चिकित्सक से पूछें।
पहली धार, थनैला और दुहने का क्रम
- हर थन की पहली कुछ धारें स्ट्रिप कप (ऊपर काली सतह वाला कप) में निकालें, ज़मीन पर कभी नहीं। देखें कि उसमें थक्के, छीछड़े, खून या पानी जैसा दूध तो नहीं। यह पहला दूध बाल्टी में न डालें (TNAU, TNAU)।
- थनैला के लक्षण: अयन का कोई हिस्सा सख्त, गरम, सूजा हुआ और दर्द वाला; अयन छूने पर वह लात मारती है; लाल थन; दूध में खून, थक्के, छीछड़े या पीला पानी, या बदबू; दूध कम (TNAU)।
- छिपे थनैला रोग में दूध के थोड़ा घटने के सिवा कोई बदलाव नहीं दिखता, फिर भी थनैला से होने वाले करीब 70% नुकसान इसी से होते हैं। कैलिफ़ोर्निया मैस्टाइटिस टेस्ट (CMT) से इसका पता चलता है: अयन के हर हिस्से का दूध उतनी ही मात्रा में जाँच वाले घोल के साथ मिलाया जाता है, और अगर मिश्रण जेली जैसा गाढ़ा हो जाए, तो छिपा थनैला रोग है। NDDB की सलाह है कि हर दूध देने वाले पशु की हफ़्ते में कम से कम एक बार जाँच करें (NDDB)।
- थनैला के लक्षण दिखें, तो तुरंत पशु चिकित्सक को बुलाएं: पहले 2–3 घंटों में देखभाल मिले, तो अयन के ठीक होने की संभावना सबसे ज़्यादा होती है (NDDB)।
- जिस गाय का इलाज पशु चिकित्सक कर रहे हैं, उसका दूध तब तक डेयरी में न दें, जब तक पशु चिकित्सक कहें।
- दुहने का क्रम: पहले हाल में ब्याए और ज़्यादा दूध देने वाले पशु, फिर कम दूध वाले; बीमार, थनैला वाले और नए खरीदे पशु सबसे आखिर में, अलग से (TNAU, NDDB)।
- अगर अयन का एक हिस्सा प्रभावित है, तो पहले स्वस्थ हिस्सों को दुहें और उस हिस्से को सबसे आखिर में, और उसके बाद हाथ धोएं। प्रभावित हिस्से का दूध दुहने वाले के हाथों से स्वस्थ थनों तक संक्रमण पहुँचा देता है (TNAU)।
दुहने के बाद
- NDDB के अनुसार दुहने के तुरंत बाद थनों को घोल में डुबोना या उन पर छिड़काव करना थनैला से बचाव का सबसे ज़रूरी एक कदम है (NDDB)। सिर्फ़ वही इस्तेमाल करें, जो आपके पशु चिकित्सक बताएं।
- दुहने के बाद कम से कम 30–45 मिनट उसे खड़ा रखें: उसे चारा दें (NDDB)। थन का छेद आधे घंटे तक खुला रहता है, और अगर वह बैठ जाए, तो फ़र्श के कीटाणु अंदर जा सकते हैं (TNAU, TNAU)।
- दुहने के बाद बछड़े को दूध पीने दें, ताकि अयन में बचा दूध निकल जाए (NDDB)।
छानें, ठंडा करें और पहुँचाएं
- दूध को साफ़ मलमल की चार तहों से या बारीक नायलॉन की जाली से छानें, और कपड़े को रोज़ धोकर सुखाएं (TNAU)।
- हर कैन पर ढक्कन रखें, और दूध को गोबर, चारे, बिल्लियों और चूहों से दूर रखें (TNAU)।
- कैन को ठंडे पानी में, हो सके तो बर्फ़ के साथ, रखकर दूध ठंडा करें, और जितनी जल्दी हो सके, समिति या दूध संग्रह केंद्र ले जाएं (TNAU)। कच्चा दूध कमरे के तापमान पर सिर्फ़ करीब 6–8 घंटे ठीक रहता है (TNAU)।
- समिति में आपका दूध नापा जाता है, एक नमूने में फ़ैट की जाँच होती है, और कई समितियाँ मात्रा, फ़ैट और रेट वाली पर्ची छापकर देती हैं (NDDB)।
- हर पर्ची सँभालकर रखें। फ़ैट और SNF से आपको मिलने वाला पैसा कैसे तय होता है, यह दूध की कीमत में बताया गया है।
साफ़ बर्तन
- ऐसे चिकने बर्तन इस्तेमाल करें, जिनमें जोड़, सिलाई या पिचकन न हो। गुंबद जैसे, सँकरे मुँह वाली बाल्टी में खुली बाल्टी से कम गंदगी जाती है (TNAU)।
- हर बर्तन को इस्तेमाल के तुरंत बाद खंगालें, फिर गुनगुने पानी और डिटर्जेंट से धोएं — साबुन से नहीं, क्योंकि वह चिकनी परत छोड़ता है (TNAU)।
- गरमी से कीटाणु मारने के लिए 85 °C या उससे ज़्यादा गरम पानी से शुरू करें, ताकि बर्तन कम से कम 2 मिनट तक 77 °C या उससे ज़्यादा गरम रहे (TNAU)।
- अगली बार दुहने से पहले बर्तनों का पानी पूरी तरह निकल जाने दें और उन्हें सूखने दें: सूखे बर्तन पर कीटाणु नहीं पनपते, पर अंदर बचे पानी में बढ़ते हैं (TNAU)।
दूध निकालने की मशीन
- भारत में हाथ से दुहना सबसे आम तरीका है (TNAU)। तमिलनाडु के लिए NABARD की इकाई लागत में दूध निकालने की मशीन सिर्फ़ 10 पशुओं वाली यूनिट में शामिल है (NABARD)।
- मशीन एक मिनट में करीब 1.5–2 लीटर दूध निकालती है (TNAU)। हर पशु को हाथ से दुहने की तरह ही तैयार करें: ½–1 मिनट तक अयन पोंछें और मालिश करें, पहला दूध स्ट्रिप कप में जाँचें, फिर तुरंत थन-कप (टीट कप) लगा दें (TNAU)।
- भैंसों के लिए उनके थनों के हिसाब से सेट की गई मशीन चाहिए। मशीन से दुहना पहली बार ब्याई बछियों से शुरू करना सबसे आसान है, क्योंकि उनकी कोई तय आदत अभी नहीं बनी होती (TNAU)।
- हर बार दुहने के बाद, बनाने वाली कंपनी के निर्देश के अनुसार, मशीन को अंदर और बाहर से साफ़ करें (TNAU)। उसका वैक्यूम, पल्सेशन, लाइनर और हवा का रिसाव नियमित रूप से जँचवाएं: ठीक से काम न करने वाली मशीन थनों के सिरों को नुकसान पहुँचाती है और थनैला को बुलावा देती है (NDDB)।
- अपने पास बिक रही दूध निकालने की मशीनें देखें।
आम गलतियाँ
- हर दिन अलग-अलग समय पर दुहना।
- हाथों या थनों को दूध, पानी या तेल से गीला करना।
- अंगूठा मोड़कर, या दो उंगलियों से दुहना।
- पहली धार ज़मीन पर निकालना, या उसे देखना ही नहीं।
- दुहने के तुरंत बाद पशु को बैठने देना।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
दिन में कितनी बार दुहना चाहिए?
TNAU के अनुसार, 10 लीटर तक दूध देने वाले पशु को दिन में दो बार, और 12–15 लीटर वाले को तीन बार। हर दिन समय एक ही रखें।
मेरी भैंस दूध क्यों चढ़ा लेती है?
भैंसें धीरे दूध उतारती हैं, औसतन करीब 2 मिनट में और कभी 10 मिनट तक, और डर, दर्द या नया दुहने वाला इसे और बिगाड़ देता है। अयन को धोकर मालिश करें, या पहले बछड़े को दूध पीने दें। पशु चिकित्सक के बिना दूध उतारने के लिए कोई भी इंजेक्शन न लगाएं।
कच्चा दूध कितनी देर रखा जा सकता है?
दुहने के बाद कमरे के तापमान पर सिर्फ़ करीब 6–8 घंटे (TNAU)। उसे ठंडा करें और जितनी जल्दी हो सके, समिति ले जाएं।
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खतरे के लक्षण और टीकों का कैलेंडर गाय-भैंस की सेहत: टीकाकरण कैलेंडर और खतरे के लक्षण में जानें, और समिति आपके दूध के पैसे कैसे देती है, यह दूध बेचना: दुग्ध समिति, दूध की कीमत और FSSAI नियम में। अच्छे खान-पान से दूध बना रहता है: दुधारू गाय-भैंस का आहार: चारा, दाना, खनिज और पानी देखें। अपने पशु बढ़ाने के लिए बिकाऊ गायें और बिकाऊ भैंसें देखें।
