मुर्रा भैंस: नस्ल, दूध और खरीदने के सुझाव

मुर्रा, कसकर मुड़े सींगों वाली हरियाणा की एकदम काली भैंस: वज़न, एक ब्यांत का दूध, असली मुर्रा और संकर में फ़र्क, और दक्षिण में पालन।

अपडेट: 24 अक्टूबर 2026जाँचा गया: 24 अक्टूबर 2026कट्टुतरै टीम ने लिखा

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छोटे, कसकर गोल मुड़े सींगों वाली काली मुर्रा भैंस, चरती हुई
ब्राज़ील में एक मुर्रा भैंसPaulo Roberto C M Jr. · CC BY 3.0
मूल इलाका
हरियाणा
बड़े होने पर वज़न
भैंसा 567 किलोभैंस 516 किलो
हर ब्यांत में बछड़े
आम तौर पर एक
दूध
एक ब्यांत में 1700 लीटर
किस लिए पालते हैं
दूध · जुताई, गाड़ी
रंग
एकदम काला
नस्ल पंजीकरण
पंजीकृत नस्ल (ICAR-NBAGR)
इस पेज पर
  1. इसे कैसे पहचानें
  2. यह किस काम आती है
  3. यह मुख्य रूप से कहाँ मिलती है
  4. पालने के सुझाव
  5. खरीदने के सुझाव
  6. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
  7. आगे पढ़ें

मुर्रा हरियाणा की एकदम काली दुधारू भैंस है, जिसकी पहचान उसके छोटे, कसकर मुड़े सींग हैं; मुर्रा का मतलब है “मुड़ा हुआ” (ICAR-CIRB)। पूरे भारत में, और विदेशों में भी, स्थानीय भैंसों को सुधारने के लिए इसका इस्तेमाल होता है (NBAGR डेटाबेस)। इस पेज पर जानें कि असली मुर्रा कैसे पहचानें, यह क्या देती है और खरीदने से पहले क्या जाँचें।

इसे कैसे पहचानें

  • रंग: एकदम काला। चेहरे या पैरों पर सफ़ेद निशान कम ही होते हैं और पसंद नहीं किए जाते; पूँछ के सिरे का गुच्छा काला या सफ़ेद हो सकता है (ICAR-CIRB)।
  • सींग: छोटे और कसकर छल्लेदार मुड़े हुए: पहले पीछे और ऊपर जाते हैं, फिर अंदर की ओर मुड़ जाते हैं। उम्र के साथ ये थोड़े ढीले पड़ते हैं, लेकिन घुमाव बढ़ता जाता है (NBAGR डेटाबेस, ICAR-CIRB)।
  • शरीर: भारी-भरकम और कील जैसे आकार का; चौड़े कूल्हे और लंबी पूँछ, जो टखने (खुर के ऊपर के जोड़) तक पहुँचती है (ICAR-CIRB, TNAU)।
  • अयन और खाल: अच्छी तरह विकसित अयन और लंबे थन — पीछे के थन आगे वालों से लंबे — और मुलायम, चिकनी खाल, जिस पर बाल कम होते हैं (ICAR-CIRB)।
  • आकार और वज़न: कंधे तक भैंसे की ऊँचाई करीब 142 सेमी और भैंस की करीब 133 सेमी होती है। वयस्क भैंसे का औसत वज़न करीब 567 किलो और भैंस का करीब 516 किलो होता है (NBAGR डेटाबेस), हालाँकि अलग-अलग पशुओं में भैंसे का वज़न करीब 450 से 800 किलो और भैंस का 350 से 700 किलो तक होता है (ICAR-CIRB)।

यह किस काम आती है

  • दूध। NBAGR के रिकॉर्ड में एक ब्यांत में औसतन करीब 1,750 किलो दूध (करीब 1,700 लीटर) दर्ज है, करीब 1,000 से 2,060 किलो तक, और उसमें 7.3% फ़ैट होता है (NBAGR डेटाबेस)। एक ब्यांत करीब 290–310 दिन चलता है (ICAR-CIRB), और TNAU के अनुसार औसत दूध रोज़ करीब 6.8 किलो है (TNAU)।
  • ब्याना। पहला बछड़ा करीब 43 महीने (करीब 3.5 साल) की उम्र में होता है, फिर करीब हर 15 महीने में एक (NBAGR डेटाबेस)।
  • प्रजनन और काम। नर भैंसों को प्रजनन के लिए और जुताई-ढुलाई के काम में लगाया जाता है (NBAGR डेटाबेस)।
  • स्थानीय भैंसों का सुधार। पूरे भारत में स्थानीय भैंसों का मुर्रा से संकर कराया जाता है; जैसे, आंध्र प्रदेश की गोदावरी भैंस स्थानीय भैंसों और मुर्रा के मेल से बनी है (TNAU)।

यह मुख्य रूप से कहाँ मिलती है

मुर्रा का मूल इलाका हरियाणा है — रोहतक, जींद, हिसार, झज्जर, फतेहाबाद और गुरुग्राम (गुड़गाँव) जिले — और दिल्ली (ICAR-CIRB); NBAGR ने इसे हरियाणा की नस्ल के रूप में पंजीकृत किया है (नस्ल रजिस्टर)। यह पंजाब में नाभा और पटियाला के आसपास और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी मिलती है (ICAR-CIRB), और पूरे देश में पाली जाती है (TNAU)। सरकार के 2013 के नस्ल सर्वेक्षण में करीब 1.17 करोड़ भैंसें मुर्रा के रूप में दर्ज हुईं, जो किसी भी दूसरी नस्ल से कहीं ज़्यादा है (NBAGR डेटाबेस)। इसके दूसरे नाम दिल्ली, कुंडी और काली हैं (NBAGR डेटाबेस)।

मुर्रा भैंस चाहिए?

कट्टुतरै पूरे भारत में चलता है। मुर्रा भैंसों के लिए ऐप में “मुर्रा” खोजें, या अपने पास की बिकाऊ भैंसें देखें। नस्ल विक्रेता बताता है और कट्टुतरै उसकी जाँच नहीं करता, इसलिए पैसे देने से पहले भैंस को खुद देखें।

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पालने के सुझाव

  • अच्छा खिलाएं। मुर्रा अच्छे चारे-दाने, अच्छे आवास और नियमित दुहाई में ही अपना पूरा दूध देती है (ICAR-CIRB)। हरियाणा में इसे बाड़े में ही बरसीम, जई और ज्वार जैसा मौसमी हरा चारा खिलाया जाता है (NBAGR डेटाबेस)। दक्षिण में, जो हरा चारा आप उगा सकते हैं वह दें, साथ में सूखा चारा, दाना और खनिज मिश्रण; देखें भैंसें कैसे पाली जाती हैं।
  • ठंडा रखें। बड़ी काली भैंस गर्मी में बहुत परेशान होती है: छाया दें, और गर्मी में दिन में कम से कम दो बार उसे पानी में बैठने दें या उस पर पानी छिड़कें (ICAR-CIRB)।
  • बछियों को अच्छे से बड़ा करें। TNAU के अनुसार पूरा दूध देने के लिए मुर्रा बछियों (कटड़ियों) का वज़न ब्याने के समय कम से कम 500 किलो होना चाहिए (TNAU)।
  • समय पर टीके लगवाएं और कृमिनाशन कराएं, भैंस की सेहत में दी गई तालिका के हिसाब से।

खरीदने के सुझाव

  • पहले सींग और रंग देखें। छोटे, कसकर मुड़े सींग और एकदम काला रंग मुर्रा की पहचान हैं (NBAGR डेटाबेस)। लंबे, ढीले या लटके सींग, भूरा रंग या सफ़ेद धब्बे इस नस्ल से मेल नहीं खाते और संकर या किसी दूसरी नस्ल की ओर इशारा करते हैं।
  • संकर पशु आम हैं। हर जगह स्थानीय भैंसों का मुर्रा से संकर कराया जाता है, इसलिए मुर्रा कहकर बेची जाने वाली कई भैंसें असल में संकर होती हैं। विज्ञापन में नस्ल का नाम विक्रेता का बताया हुआ होता है, और कट्टुतरै उसकी जाँच नहीं करता: पशु और उसकी माँ को देखें, और ऊपर बताए निशान खुद जाँचें।
  • उसका दूध निकलवाकर देखें, कम से कम लगातार तीन बार, और भैंस कैसे खरीदें की मदद से उसकी उम्र, अयन और कागज़ जाँचें।
  • सफ़र का असर समझें। दूर से लाई गई भैंस आने के बाद कुछ दिन कम दूध दे सकती है (TNAU), और किसी भी सफ़र के लिए पशु चिकित्सक का यह प्रमाणपत्र चाहिए कि वह सफ़र के लायक है (AWBI)।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मुर्रा भैंस कितना दूध देती है?

NBAGR के अनुसार करीब 10 महीने के एक ब्यांत में औसतन करीब 1,750 किलो (करीब 1,700 लीटर) (NBAGR डेटाबेस), या औसतन रोज़ करीब 6.8 किलो (TNAU)। आपकी भैंस कितना दूध देगी, यह उसके चारे, देखभाल और माँ-बाप पर निर्भर करता है।

मुर्रा भैंस का वज़न कितना होता है?

वयस्क भैंसे का औसत वज़न करीब 567 किलो और भैंस का करीब 516 किलो होता है (NBAGR डेटाबेस)।

क्या मुर्रा भैंसें तमिलनाडु की गर्मी झेल सकती हैं?

मुर्रा पूरे भारत में पाली जाती है (TNAU), लेकिन हर भैंस की तरह इसे भी ठंडक चाहिए: छाया, भरपूर पानी, और गर्मी में दिन में कम से कम दो बार पानी में बैठने देना या पानी छिड़कना (ICAR-CIRB)।

क्या “दिल्ली” भैंस और मुर्रा एक ही हैं?

हाँ। NBAGR मुर्रा के दूसरे नामों में दिल्ली, कुंडी और काली गिनाता है (NBAGR डेटाबेस)।

आगे पढ़ें

मुर्रा की तुलना मेहसाना से करें, जो मुर्रा और सुरती से बनी है, और सुरती से भी, या सभी नस्लें यहाँ देखें: भैंस पालन: दक्षिण भारत में नस्लें, खरीद और देखभाल। अपने पास भैंसें ढूँढने के लिए बिकाऊ भैंसें देखें।

स्रोत

  1. ICAR-National Bureau of Animal Genetic Resources (NBAGR), Karnal — Buffalo Breeds of India (registered breeds and accession numbers) · पढ़ा गया 24 अक्टूबर 2026
  2. ICAR-National Bureau of Animal Genetic Resources (NBAGR), Karnal — Information System of Animal Genetic Resources of India (AnGR database): Breed Descriptor of Murrah (Buffalo) · पढ़ा गया 24 अक्टूबर 2026
  3. ICAR-Central Institute for Research on Buffaloes (CIRB), Hisar — Buffalo Breeds: Murrah · पढ़ा गया 24 अक्टूबर 2026
  4. ICAR-CIRB, Buffalopedia — Murrah · पढ़ा गया 24 अक्टूबर 2026
  5. TNAU Agritech Portal, Tamil Nadu Agricultural University — Livestock: Buffalo: Breeds (Murrah, Godavari) · पढ़ा गया 24 अक्टूबर 2026
  6. TNAU Agritech Portal, Tamil Nadu Agricultural University (Tamil) — கால்நடை பராமரிப்பு :: எருமை மாட்டு இனங்கள் (Buffalo breeds) · पढ़ा गया 24 अक्टूबर 2026
  7. TNAU Agritech Portal, Tamil Nadu Agricultural University — Livestock: Buffalo: Milking · पढ़ा गया 24 अक्टूबर 2026
  8. ICAR-CIRB, Buffalopedia — Buffalo Housing: shelter and housing management · पढ़ा गया 24 अक्टूबर 2026
  9. Animal Welfare Board of India (copy of the Government of India rules) — Transport of Animals Rules, 1978 — Chapter IV: Transport of Cattle (rules 46–56) · पढ़ा गया 24 अक्टूबर 2026

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