टर्की बड़े फ़ार्म पक्षी हैं, जिन्हें मुख्य रूप से मांस के लिए पाला जाता है — या तो बाड़ से घिरे खुले अहाते में, रात के आसरे के साथ, या शेड के अंदर। ठीक देखभाल से ये 12–14 हफ़्ते में करीब 4 किलो की हो जाती हैं (TNAU)। इस पेज पर पढ़ें कि दक्षिण भारत में कौन-सी टर्की बिकती हैं, उन्हें कैसे पाला जाता है, खरीदने से पहले क्या जाँचें, और उन्हें स्वस्थ कैसे रखें।
टर्की किस लिए पाली जाती हैं
- मांस। टर्की मुख्य रूप से मांस के लिए पाली जाती हैं (TNAU)। सबसे ज़्यादा माँग क्रिसमस और नए साल जैसे त्योहारों पर होती है (ICAR-CARI), लेकिन अब टर्की का मांस बाकी मौसम में भी बिकता है (TANUVAS समीक्षा)।
- तेज़ बढ़वार। ठीक देखभाल से टर्की 12–14 हफ़्ते पर करीब 4 किलो और 20–24 हफ़्ते पर 8–9 किलो की हो जाती हैं; इसके बाद भी वे बढ़ती रहती हैं, लेकिन दाने को वज़न में बदलने की उनकी क्षमता घटती जाती है (TNAU)। नर मादाओं से ज़्यादा भारी होते हैं।
- अंडे और चूजे (पोल्ट)। मादाएं करीब 30 हफ़्ते पर पहला अंडा देती हैं, और साल में करीब 100 अंडे (TNAU); केंद्रीय कुक्कुट विकास संगठन ठीक दाने और रोशनी के साथ साल में 60–100 अंडे बताता है (CPDO)। एक अंडे का वज़न करीब 70 ग्राम होता है, उसका एक सिरा नुकीला और छिलका मज़बूत होता है, और उससे 28 दिन में चूजा निकलता है (TNAU)। टर्की की मादाएं अच्छी माँ होती हैं: अंडे सेने बैठी एक मादा 10–15 अंडों से चूजे निकाल सकती है (CPDO)।
- घर-आँगन के झुंड। केरल और तमिलनाडु में स्थानीय, मिली-जुली टर्की अच्छी संख्या में पाली जाती हैं (CPDO)। CARI के अनुसार टर्की छोटे और सीमांत किसानों के लिए ठीक हैं, और इन्हें खुले में या अर्ध-सघन तरीके से, आवास और उपकरणों पर कम खर्च करके पाला जा सकता है (ICAR-CARI)।
टर्की कैसे पाली जाती हैं
- खुले में। बाड़ से घिरी एक एकड़ ज़मीन पर करीब 200–250 बड़ी टर्की रखी जा सकती हैं, रात के ऐसे आसरे के साथ जिसमें हर पक्षी को 3–4 वर्ग फुट जगह मिले। चुगते समय उन्हें शिकारी जानवरों से बचाएं, छाया के लिए पेड़ लगाएं, और उन्हें ज़मीन के अलग-अलग हिस्सों में घुमाते रहें, ताकि पेट के कीड़े कम पनपें (TNAU)।
- खुले में मिलने वाला भोजन। टर्की केंचुए, कीड़े, घोंघे, दीमक और रसोई का बचा खाना अच्छी तरह चुग लेती हैं। आप फलीदार चारा, जैसे लूसर्न (रिजका), डेस्मैन्थस और स्टाइलो, और कैल्शियम के लिए सीप का चूरा भी दे सकते हैं, ताकि पक्षियों की टाँगें कमज़ोर न हों (TNAU)।
- शेड में। टर्की को मुर्गियों की तरह शेड के अंदर मोटी बिछावन (डीप लिटर) पर भी रखा जा सकता है, लेकिन बड़े पक्षी के लिए फ़र्श, दाने के बर्तन और पानी की ज़्यादा जगह चाहिए (TNAU)। हर पक्षी के लिए फ़र्श की जगह:
| उम्र | हर पक्षी के लिए फ़र्श की जगह |
|---|---|
| 0–4 हफ़्ते | 1.25 वर्ग फुट |
| 5–16 हफ़्ते | 2.5 वर्ग फुट |
| 16–29 हफ़्ते | 4 वर्ग फुट |
| प्रजनन वाले पक्षी | 5 वर्ग फुट |
- शेड की बनावट। गर्म इलाकों में शेड की लंबाई पूरब से पश्चिम की ओर रखें। शेडों के बीच कम से कम 20 मीटर की दूरी रखें, और छोटे पक्षियों का शेड बड़े पक्षियों से 50–100 मीटर दूर हो (TNAU)।
- चूजों की ब्रूडिंग। पहले 4 हफ़्ते ब्रूडिंग के होते हैं, जो सर्दियों में 5–6 हफ़्ते तक बढ़ जाते हैं। टर्की के चूजों को ब्रूडर के नीचे मुर्गी के चूजों से करीब दोगुनी जगह चाहिए (CPDO)।
- प्रजनन। प्राकृतिक मिलन के लिए करीब 1 नर पर 5 मादाएं रखें। आजकल की टर्की तेज़ बढ़वार और चौड़ी छाती के लिए तैयार की गई हैं, और प्राकृतिक मिलन से उनके अंडों में निषेचन आम तौर पर कम होता है (TNAU)।
- नर और मादा। बड़े नरों की छाती पर ऊपर की ओर कड़े बालों की काली दाढ़ी उगती है, और चोंच की जड़ पर एक बड़ी, मांसल लटकन (स्नूड) होती है; मादाओं में यह लटकन छोटी और पतली होती है (TNAU)।
टर्की की किस्में
टर्की मुर्गियों की तरह नस्लों में नहीं बँटी हैं। TNAU टर्की की सात मानक किस्में बताता है, और इनमें से तीन को भारत में आम बताता है: ब्रॉड ब्रेस्टेड ब्रॉन्ज़, ब्रॉड ब्रेस्टेड व्हाइट और बेल्ट्सविल स्मॉल व्हाइट (TNAU)। भारतीय संस्थानों ने अपनी किस्में भी तैयार की हैं:
| किस्म | किसने तैयार की | मुख्य बातें | स्रोत |
|---|---|---|---|
| ब्रॉड ब्रेस्टेड ब्रॉन्ज़ | एक मानक भारी किस्म, भारत में आम | पंख काले होते हैं, काँसे जैसे नहीं; मादाओं की छाती के काले पंखों के सिरे सफ़ेद होते हैं, इसलिए 12 हफ़्ते पर मादाएं अलग पहचानी जा सकती हैं | TNAU |
| ब्रॉड ब्रेस्टेड व्हाइट | कॉर्नेल यूनिवर्सिटी, अमेरिका (ब्रॉड ब्रेस्टेड ब्रॉन्ज़ × व्हाइट हॉलैंड) | सफ़ेद पंख; गर्मी बेहतर सह लेती है और भारत के हालात में ठीक रहती है; ड्रेसिंग के बाद साफ़-सुथरी दिखती है | TNAU |
| बेल्ट्सविल स्मॉल व्हाइट | कृषि अनुसंधान केंद्र, बेल्ट्सविल, अमेरिका | ब्रॉड ब्रेस्टेड व्हाइट जैसी, पर छोटी; भारी किस्मों से ज़्यादा अंडे देती है, उसके अंडों में निषेचन और चूजे निकलने की दर बेहतर होती है, और वह अंडे सेने कम बैठती है | TNAU |
| कैरी-विराट | ICAR-CARI, इज़्ज़तनगर | 12 हफ़्ते पर 2.78 किलो, 24 हफ़्ते पर 5.27 किलो, 32 हफ़्ते पर 7.1 किलो; निषेचन 94%; घर-आँगन के लिए ठीक | ICAR-CARI |
| नंदनम टर्की-II | TANUVAS, माधवरम | सुधारी गई बेल्ट्सविल स्मॉल व्हाइट; 24वें से 44वें हफ़्ते के बीच 70 अंडे; 95% पक्षी जीवित रहते हैं; तमिलनाडु में घर-आँगन के लिए ठीक | TANUVAS |
TANUVAS ने काली देसी टर्की को बेल्ट्सविल स्मॉल व्हाइट से मिलाकर नंदनम टर्की-I भी तैयार की, जो घर-आँगन के लिए काली-सफ़ेद टर्की है (TANUVAS)। सफ़ेद पंखों वाली टर्की गर्मी बेहतर सह लेती हैं, इसीलिए उन्हें भारत के हालात के लिए ज़्यादा ठीक माना जाता है (TNAU, CPDO)।
टर्की खरीदना
- जाने-माने फ़ार्म से। होसुर का TANUVAS पोल्ट्री कॉलेज किसानों को टर्की देता है (TANUVAS), और मन्नुथी का KVASU पोल्ट्री फ़ार्म ब्रॉड ब्रेस्टेड ब्रॉन्ज़ और बेल्ट्सविल स्मॉल व्हाइट टर्की देता है (KVASU)। विक्रेता से पूछें कि पक्षी किस किस्म के हैं; विज्ञापन में लिखा नाम विक्रेता का बताया हुआ होता है।
- उम्र। चूजों को पहले 4 हफ़्ते ब्रूडर चाहिए (CPDO); अगर आप गर्मी और देखभाल नहीं दे सकते, तो बड़े पक्षी खरीदें। बड़े पक्षियों में दाढ़ी और लटकन (स्नूड) से नर-मादा पहचानें (TNAU)।
- सिर्फ़ स्वस्थ पक्षी। ऐसे पक्षी न खरीदें जो कमज़ोर हों, लटके पंखों के साथ चुपचाप बैठे रहें, या जिनकी आँखों, गर्दन या सिर के आस-पास सूजन हो, नाक बहती हो, या सिर, गले की लटकन या टाँगों का रंग बदला हुआ हो; ये बीमारी के खतरे के लक्षण हैं (बर्ड फ्लू कार्य योजना)। अंडे से निकलने की तारीख पूछें, और यह भी कि पक्षियों को कौन-से टीके लगे हैं।
- बर्ड फ्लू वाले इलाके से नहीं। बर्ड फ्लू की पुष्टि होने पर 1 किमी के अंदर की सारी पोल्ट्री मार दी जाती है (कलिंग), और आस-पास के 10 किमी के दायरे में पोल्ट्री का आना-जाना रोक दिया जाता है (बर्ड फ्लू कार्य योजना)। अधिसूचित इलाके से पक्षी न खरीदें, न ले जाएं: पहले अपने जिले की सूचनाएं देखें।
- टर्की को ले जाना। परिवहन नियम टर्की को पोल्ट्री में गिनते हैं। जब तापमान 25°C से ज़्यादा या 15°C से कम हो, तब उन्हें न ले जाएं। डिब्बों को पहले साफ़ करके कीटाणुरहित करें। एक दिन के चूजों से बड़े पक्षियों के लिए पशु चिकित्सक का प्रमाणपत्र चाहिए कि उन्हें कोई छूत की बीमारी नहीं है और वे यात्रा के लायक हैं। हर डिब्बे में एक ही प्रजाति और एक ही उम्र के पक्षी रखें, नर और मादा अलग, और गर्म मौसम में हर 6 घंटे में पानी दें। डिब्बों को एक के ऊपर एक न रखें; उन्हें धूप और बारिश से ढकें, और उन पर भेजने वाले और लेने वाले के नाम, पते और फ़ोन नंबर लिखें (AWBI)।
- सफ़र में जगह। टर्की को मुर्गियों से कहीं ज़्यादा जगह चाहिए: हर छोटे पक्षी के लिए कम से कम 900 वर्ग सेमी (120 × 75 सेमी के एक डिब्बे में 10 तक), हर बढ़ते पक्षी के लिए 1,300 वर्ग सेमी, और बड़ी टर्की के लिए 1,900 वर्ग सेमी, जो अकेली सफ़र करती है (AWBI)।
- एक दिन के चूजे। चूजों को अंडे से निकलते ही, बिना दाना-पानी के, समतल रखे डिब्बों में भेजें। उनका एक बार में 6 घंटे से ज़्यादा सफ़र नहीं होना चाहिए, और बीच का ठहराव 30 मिनट से ज़्यादा का न हो, वह भी छाया में (AWBI)।
- सुरक्षित तरीके से पैसे दें। जो पक्षी आपने देखे नहीं हैं, उनके लिए कभी एडवांस न दें: देखें सुरक्षित तरीके से पैसे कैसे दें।
टर्की को स्वस्थ रखें
- पेट के कीड़े और माइट। खुले में घूमने वाली टर्की को आसानी से गोल कृमि (राउंडवर्म) और मुर्गियों वाले माइट लग जाते हैं (TNAU)। उन्हें ज़मीन के अलग-अलग हिस्सों में घुमाते रहें, और पेट के कीड़ों और माइट से बचाव की योजना अपने पशु चिकित्सक से बनवाएं।
- टीकाकरण। CPDO की गाइड में टर्की की टीका तालिका में रानीखेत (न्यूकैसल) रोग, फाउल पॉक्स और फाउल कोलेरा (मुर्गियों का हैजा) शामिल हैं; अपने इलाके की तालिका अपने पशु चिकित्सक से पूछें (CPDO)। केरल में पशुपालन विभाग अपने पशु चिकित्सा संस्थानों के ज़रिए रानीखेत और फाउल पॉक्स के टीके मुफ़्त देता है (केरल पशुपालन विभाग)। उदाहरण के लिए, तमिलनाडु के सलेम जिले में सरकारी पशु चिकित्सा संस्थान हर शनिवार पोल्ट्री को रानीखेत का टीका लगाते हैं (सलेम जिला); अपने इलाके के दिनों के बारे में अपने नज़दीकी पशु चिकित्सालय से पूछें।
- फ़ार्म बंद रखें। पक्षियों के पास सिर्फ़ उनकी देखभाल करने वाले लोग ही जाएं। बाहर के लोगों को दूर रखें, पक्षियों को छूने से पहले और बाद में जूते, कपड़े और हाथ धोकर कीटाणुरहित करें, और उधार लिया हर उपकरण साफ़ करें (बर्ड फ्लू कार्य योजना)।
- रोज़ सफ़ाई। शेड साफ़ करें और दाना-पानी रोज़ बदलें। नए खरीदे पक्षियों को कम से कम 30 दिन तक अपने झुंड से अलग रखें, और हो सके तो एक समय में एक ही उम्र के पक्षी रखें (“सब एक साथ अंदर, सब एक साथ बाहर”) (बर्ड फ्लू कार्य योजना)।
- जंगली पक्षी बाहर। जंगली पक्षियों या पड़ोसियों के पक्षियों को अपने पक्षियों से न मिलने दें, और मरे हुए पक्षियों को ठीक से गाड़ें; उन्हें कभी नालियों में या खुली ज़मीन पर न फेंकें (बर्ड फ्लू कार्य योजना)।
- अचानक मौतें: 24 घंटे के अंदर सूचना दें। अपने पक्षियों में, या जंगली पक्षियों में, असामान्य बीमारी या मौतों की सूचना तुरंत नज़दीकी पशु चिकित्सालय को दें, और हर हाल में 24 घंटे के अंदर (बर्ड फ्लू कार्य योजना)। मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई के लिए आप टोल-फ़्री नंबर 1962 भी डायल कर सकते हैं (PIB)।
- अगर बर्ड फ्लू की पुष्टि हो जाए। अधिकारी संक्रमित इलाके की पोल्ट्री को मार देते हैं (कलिंग), और कलिंग से छिपाए गए और बाद में मिले पक्षी बिना मुआवज़े के मार दिए जाते हैं (बर्ड फ्लू कार्य योजना)। मारे गए पक्षियों, नष्ट किए गए अंडों और दाने के लिए सरकार किसानों को मुआवज़ा देती है, जिसका खर्च केंद्र और राज्य बराबर बाँटते हैं (PIB)। मौजूदा दरों के बारे में अपने पशु चिकित्सालय से पूछें।
टर्की फ़ार्मों के लिए नियम
- अपना फ़ार्म पंजीकृत कराएं। अप्रैल 2025 में भारत सरकार ने सभी पोल्ट्री फ़ार्मों से अपने राज्य के पशुपालन विभाग में पंजीकरण कराने को कहा (PIB)। पंजीकरण का तरीका अपने नज़दीकी पशु चिकित्सालय से पूछें।
- प्रदूषण बोर्ड। पोल्ट्री फ़ार्म प्रदूषण बोर्डों की “हरी” (ग्रीन) श्रेणी में आते हैं, और बड़े फ़ार्मों को लगाने और चलाने के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति चाहिए। खाद, मरे पक्षियों, गंदे पानी और मक्खियों के बारे में CPCB के दिशानिर्देश हर फ़ार्म पर लागू होते हैं, चाहे वह कितना भी बड़ा या छोटा हो (CPCB)। अपने बोर्ड के जिला कार्यालय से पूछें कि आपके फ़ार्म को सहमति चाहिए या नहीं।
- सिर्फ़ फ़ार्म के पक्षी। जंगली पक्षियों को कभी न पकड़ें, न अपने झुंड के साथ रखें। जंगली बटेर और तीतर जैसे कई पक्षी वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत संरक्षित हैं (India Code), और जंगली पक्षी आपके झुंड में बीमारी ला सकते हैं (बर्ड फ्लू कार्य योजना)।
नियम बदलते रहते हैं — अपने नज़दीकी पशु चिकित्सालय या पशुपालन विभाग के कार्यालय से पुष्टि कर लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
टर्की कितनी भारी होती है, और कितनी जल्दी?
ठीक देखभाल से 12–14 हफ़्ते पर करीब 4 किलो और 20–24 हफ़्ते पर 8–9 किलो (TNAU)। CARI की विराट किस्म 12 हफ़्ते पर 2.78 किलो और 24 हफ़्ते पर 5.27 किलो की हो जाती है (ICAR-CARI)। बेल्ट्सविल स्मॉल व्हाइट जैसी छोटी किस्में हल्की रहती हैं (TNAU)।
टर्की कितने अंडे देती है?
TNAU के अनुसार साल में करीब 100, करीब 30 हफ़्ते की उम्र से (TNAU); CPDO ठीक दाने और रोशनी के साथ 60–100 बताता है (CPDO)। हर अंडे का वज़न करीब 70 ग्राम होता है।
गर्म मौसम के लिए कौन-सी टर्की ठीक हैं?
सफ़ेद पंखों वाली टर्की, जैसे ब्रॉड ब्रेस्टेड व्हाइट और बेल्ट्सविल स्मॉल व्हाइट, गर्मी बेहतर सह लेती हैं (TNAU, CPDO)।
क्या टर्की खुले में पाली जा सकती हैं?
हाँ। बाड़ से घिरी एक एकड़ ज़मीन पर रात के आसरे के साथ करीब 200–250 बड़ी टर्की रखी जा सकती हैं; उन्हें शिकारी जानवरों से बचाएं, और बीच-बीच में चराई की जगह बदलते रहें (TNAU)।
टर्की के अंडों से चूजे निकलने में कितने दिन लगते हैं?
28 दिन (TNAU)।
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इनके बारे में भी पढ़ें: देसी मुर्गी पालन: दक्षिण भारत में नस्लें, खरीद और देखभाल, बत्तख पालन: दक्षिण भारत में नस्लें, खरीद और सेहत और बटेर पालन: जापानी बटेर, अंडे और कानून। आपके पास के किसान क्या बेच रहे हैं, यह देखने के लिए बिकाऊ टर्की देखें, या अपने पक्षी बेचने के लिए मुफ़्त विज्ञापन डालें।
कट्टुतरै पर अपने पास टर्की खोजें
अपने गाँव के पास के किसानों की बिकाऊ टर्की और उनके चूजे सीधे देखें — फ़ोटो, गाँव के नाम और दूरी के साथ। कोई दलाल नहीं। किसान को कॉल या चैट करें, फिर पैसे देने से पहले पक्षियों को खुद देखकर जाँचें।
कोई खास किस्म चाहिए? कट्टुतरै ऐप में उसका नाम खोजें, जैसे ब्रॉड ब्रेस्टेड ब्रॉन्ज़ या बेल्ट्सविल स्मॉल व्हाइट।

