देसी चूजे सुरक्षित तरीके से खरीदें: हैचरी, सेहत और धोखा

देसी चूजे-मुर्गियाँ खरीदने की चेकलिस्ट: एक दिन के या ब्रूडिंग हो चुके चूजे, सरकारी हैचरी, सेहत के संकेत, सुरक्षित पेमेंट, ढुलाई के नियम और 30 दिन अलग रखना।

अपडेट: 25 अक्टूबर 2026जाँचा गया: 25 अक्टूबर 2026कट्टुतरै टीम ने लिखा

इस अनुवाद की जाँच अभी चल रही है। English

इस पेज पर
  1. खरीदने से पहले
  2. एक दिन के चूजे, ब्रूडिंग हो चुके चूजे या बड़े पक्षी
  3. कहाँ से खरीदें
  4. चूजों और पक्षियों की जाँच
  5. विक्रेता से पूछने वाले सवाल
  6. पैसे सुरक्षित तरीके से दें, धोखे से बचें
  7. पक्षियों को कानून के हिसाब से ले जाना
  8. घर पर पहले 30 दिन
  9. आम गलतियाँ
  10. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
  11. आगे क्या करें

चूजे किसी जानी-पहचानी हैचरी से खरीदें, या ऐसे पक्षी जिन्हें आपने खुद देखा और जाँचा हो, और पैसे देने से पहले उनकी उम्र और टीकों के बारे में पूछें। जिस विक्रेता से आप मिले नहीं हैं, उसे कभी एडवांस न दें, और नए पक्षियों को 30 दिन तक अपने झुंड से अलग रखें।

खरीदने से पहले

  • तय करें कि आपको क्या चाहिए: अंडे, मांस या चूजे, कौन-से पक्षी और कितने। देखें: पक्षी चुनना।
  • पहले तैयारी करें: रात के लिए मुर्गी घर (दड़बा), और एक दिन के चूजे खरीद रहे हैं तो ब्रूडर (चूजों को गर्मी देने का घेरा) भी। देखें: मुर्गी घर और ब्रूडिंग।
  • छोटी शुरुआत करें, इतने पक्षियों से जिन्हें आप रोज़ देख-जाँच सकें। देखें: शुरुआत कैसे करें।
  • पहले से बुकिंग करें। TANUVAS के अनुसार अच्छे देसी चूजे कम मिलते हैं और महंगे होते हैं (TANUVAS)।

एक दिन के चूजे, ब्रूडिंग हो चुके चूजे या बड़े पक्षी

किस रूप में खरीदें किसके लिए ठीक किस बात का ध्यान रखें
एक दिन के चूजे जिनके पास ब्रूडर हो और चूजों की देखभाल का समय हो शुरू के हफ़्तों में उन्हें गर्मी, दाना और सुरक्षा चाहिए
ब्रूडिंग हो चुके चूजे, करीब 4–6 हफ़्ते के नए किसान और घर-आँगन के झुंड अंडे से निकलने की तारीख, हैचरी और लगे हुए टीके पूछें
बड़े पक्षी या अंडे देने वाली मुर्गियाँ अंडों के लिए जल्दी शुरुआत, या प्रजनन के लिए नया खून अनजान झुंड के पक्षी बीमारी ला सकते हैं
  • एक दिन के देसी चूजे का वज़न सिर्फ़ 30–32 ग्राम होता है (TANUVAS)। ICAR-DPR के अनुसार अंडे से निकलते ही ब्रूडिंग (गर्मी, संतुलित दाना और शिकारी जानवरों से बचाव) ज़रूरी है (ICAR-DPR): देखें चूजों की ब्रूडिंग।
  • हैचरी और गाँव के समूह अक्सर चूजों को घर-आँगन में भेजने से पहले करीब 6 हफ़्ते ब्रूडर में रखते हैं (TANUVAS समीक्षा); 6 हफ़्ते पर उन्नत किस्म के पक्षियों का वज़न करीब 650–750 ग्राम होता है और वे चुगना शुरू कर सकते हैं (ICAR-DPR)।
  • अंडे देने वाली हैं, ऐसी मुर्गियाँ खरीद रहे हैं? TANUVAS की सलाह के अनुसार देखें कि उनके सारे टीके अंडे देना शुरू होने से कम से कम 3 हफ़्ते पहले पूरे हो चुके हों (TANUVAS)।

कहाँ से खरीदें

  • TANUVAS, तमिलनाडु। होसूर में इसका पोल्ट्री कॉलेज तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के किसानों को असील, कड़कनाथ, निकोबारी, वनराजा और ग्रामप्रिया देता है (TANUVAS)। इसका तिरुचिरापल्ली केंद्र होसूर से हर 2–3 महीने में आने वाले चूजों की, और 4–5 हफ़्ते के देसी चूजों की बुकिंग लेता है (TANUVAS); तिरुनेलवेली में इसके पशु चिकित्सा कॉलेज का फ़ार्म एक दिन के देसी चूजे बेचता है (TANUVAS)।
  • हैदराबाद। ICAR-DPR अपनी किस्मों के चूजे बेचता है, और असील, घागस, कड़कनाथ और निकोबारी के भी (ICAR-DPR)। राजेंद्रनगर में PVNRTVU का पोल्ट्री स्टेशन अपनी राजश्री किस्म के चूजे देता है (PVNRTVU)।
  • कर्नाटक और केरल। बेंगलुरु में KVAFSU गिरिराजा और स्वर्णधारा के चूजे देता है (KVAFSU)। KVASU का मन्नुथी फ़ार्म एक दिन के चूजे गुरुवार (बुकिंग पर) और शुक्रवार को बेचता है (KVASU), और चेंगन्नूर में केरल सरकार की सेंट्रल हैचरी घर-आँगन में पालने के लिए चूजे तैयार करती है (केरल पशुपालन विभाग)।
  • साप्ताहिक हाट (बाज़ार)। तुलना के लिए बहुत-से पक्षी मिलते हैं, लेकिन उनकी उम्र या टीकों का पता शायद ही चलता है, और वहाँ कई गाँवों के पक्षी आपस में मिल जाते हैं।
  • फ़ार्म और पड़ोसी। आप माँ-बाप पक्षियों को और झुंड के बाकी पक्षियों को देख सकते हैं।
  • ऑनलाइन, कट्टुतरै पर। अपने पास बिकाऊ मुर्गियाँ देखें, अपने सवाल ऐप की चैट में पूछें, फिर जाकर पक्षियों को देखें। कट्टुतरै किसानों के विज्ञापन दिखाता है; वह पक्षियों या विक्रेताओं की जाँच नहीं करता, इसलिए नीचे दी गई हर जाँच खुद करें।

1 नवंबर 2026 को कट्टुतरै पर

किसानों के विज्ञापनों में माँगी गई कीमत — बाज़ार भाव नहीं।

कट्टुतरै पर अपने पास देसी मुर्गियाँ खोजें

अपने गाँव के पास के किसानों की बिकाऊ देसी मुर्गियाँ, मुर्गे और चूजे सीधे देखें — फ़ोटो, गाँव के नाम और दूरी के साथ। कोई दलाल नहीं। किसान को कॉल या चैट करें, फिर पैसे देने से पहले पक्षियों को खुद देखकर जाँचें।

कोई खास नस्ल चाहिए? कट्टुतरै ऐप में उसका नाम खोजें, जैसे असील, कड़कनाथ या वनराजा।

Download on the App Storeइसे Google Play पर पाएं

चूजों और पक्षियों की जाँच

एक दिन के चूजे। अच्छे चूजे ठीक से खड़े होते हैं, फुर्ती से घूमते हैं और दाने-पानी पर चोंच मारते हैं। ऐसे चूजे न लें जो कमज़ोर या सुस्त हों, जिनकी पीठ के रोएँ चिपके हुए हों, नाभि ठीक से भरी न हो या शरीर में कोई दोष हो, या जो सूखे-मुरझाए दिखें (TNAU, TNAU)।

बड़े पक्षी। उन्हें दिन की रोशनी में चलते, खाते और पीते हुए देखें। ऐसे पक्षी न खरीदें जो:

  • आँखें बंद करके सिकुड़कर बैठे हों, या जिनके पंख लटके हों;
  • सफ़ेद, पानी जैसी पतली या खून वाली बीट करते हों;
  • जिनकी आँखों, सिर या गर्दन के आसपास सूजन हो, नाक बह रही हो, या कलगी, गलकंबल या पैरों का रंग बदल गया हो;
  • जिनकी कलगी, चेहरे या पलकों पर छाले या पपड़ी हो;
  • पैर घसीटकर चलते हों या गर्दन ऐंठते हों;
  • बहुत खुजलाते हों और जिनके पंख झड़ रहे हों।

ये रानीखेत रोग, फाउल पॉक्स (चेचक), कॉक्सीडियोसिस, जूँ और बर्ड फ्लू के खतरे के संकेत हैं (TANUVAS, बर्ड फ्लू कार्य योजना)। जिस झुंड में हाल ही में पक्षी अचानक मरे हों, वहाँ से न खरीदें।

विक्रेता से पूछने वाले सवाल

  • चूजे कब और कहाँ अंडे से निकले? बड़े पक्षियों के लिए: उनकी उम्र कितनी है, और क्या वे यहीं अंडे से निकले थे?
  • उन्हें कौन-से टीके लगे हैं, और किन तारीखों को? जवाबों का मिलान टीकाकरण कैलेंडर से करें।
  • पिछली बार पेट के कीड़ों की दवा कब दी गई थी?
  • वे अब तक क्या खा रहे थे? शुरू में वही दाना दें और उसे धीरे-धीरे बदलें (TANUVAS)।
  • क्या इस महीने झुंड का कोई पक्षी बीमार पड़ा या अचानक मरा है?
  • ये कौन-सी नस्ल या किस्म के हैं, और आपको कैसे पता? देखें: विक्रेताओं के बताए नाम और असली नस्लें।

पैसे सुरक्षित तरीके से दें, धोखे से बचें

  • कभी एडवांस न दें — ऐसे विक्रेता को जिससे आप मिले नहीं, ऐसे पक्षियों के लिए जिन्हें आपने देखा नहीं: न “बुकिंग अमाउंट” के नाम पर, न “ट्रांसपोर्ट चार्ज” के नाम पर। धोखे का एक आम तरीका है: लुभावनी फ़ोटो, कम कीमत, और आपके आने से पहले UPI से पैसे माँगना।
  • नकली हैचरी पेजों से सावधान रहें। कोई पेज या मैसेज किसी सरकारी या यूनिवर्सिटी हैचरी का नाम और फ़ोटो इस्तेमाल कर सकता है। बुकिंग सिर्फ़ हैचरी की आधिकारिक वेबसाइट पर दिए गए संपर्क से या उसके कार्यालय में जाकर करें, और चूजे वहीं से लें।
  • पैसे पक्षी सौंपे जाते समय ही दें, उन्हें गिनने और जाँचने के बाद।
  • वैसे ही पक्षियों के दूसरे विज्ञापनों से बहुत कम कीमत खतरे का संकेत है। बिकाऊ मुर्गियों के किसानों के विज्ञापनों में माँगी गई कीमतों से, और अपने साप्ताहिक हाट के भाव से तुलना करें।
  • रसीद लें: तारीख, विक्रेता का नाम और गाँव, पक्षियों की संख्या, उनकी उम्र और दी गई कीमत।
  • ऑनलाइन धोखे में पैसे गंवाए हों, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें (MHA), और ऐप में उस विज्ञापन की शिकायत करें।

पक्षियों को कानून के हिसाब से ले जाना

पशुओं का परिवहन (संशोधन) नियम, 2001 मुर्गियों को ले जाने के लिए ये शर्तें रखते हैं (AWBI):

  • बड़े पक्षियों के लिए पशु चिकित्सक का सर्टिफ़िकेट। नियम 79(a) के तहत, एक दिन के चूजों को छोड़कर बाकी सभी मुर्गियों की जाँच करके पशु चिकित्सक को प्रमाणित करना होता है कि वे किसी संक्रामक रोग से मुक्त हैं और सफ़र के लायक हैं।
  • सिर्फ़ ठंडे समय में। 25°C से ज़्यादा गर्मी या 15°C से कम ठंड में मुर्गियों को नहीं ले जाया जा सकता, और उन्हें धूप, बारिश और तेज़ हवा से बचाकर रखना होता है।
  • साफ़ और लेबल लगे डिब्बे, एक के ऊपर एक रखे हुए नहीं; हर डिब्बे में एक ही तरह और एक ही उम्र के पक्षी, और मुर्गे मुर्गियों से अलग; लेबल पर भेजने वाले और पाने वाले, दोनों के नाम, पते और फ़ोन नंबर। गर्म मौसम में हर 6 घंटे पर पानी दें।
  • एक दिन के चूजे हैचरी से सीधे भेजे जाते हैं, रास्ते में बिना दाना-पानी के, 60 × 45 × 12 सेमी के एक डिब्बे में ज़्यादा से ज़्यादा 80।
  • रुकना। एक बार में 6 घंटे से ज़्यादा सफ़र नहीं, और रुकना 30 मिनट से ज़्यादा नहीं, वह भी छाँव में।
  • बर्ड फ्लू वाले इलाके। जहाँ बर्ड फ्लू फैला हो, उसके चारों ओर के 10 किमी के इलाके में न मुर्गियाँ लाई जा सकती हैं, न वहाँ से ले जाई जा सकती हैं, और नए पक्षी, चूजे और अंडे सिर्फ़ उन्हीं इलाकों से आने चाहिए जो बर्ड फ्लू से मुक्त माने गए हों (बर्ड फ्लू कार्य योजना)। खरीदने से पहले अपने जिले की सूचनाएं देखें, और पूरे नियम पढ़ें।

घर पर पहले 30 दिन

  • नए पक्षियों को अलग रखें — अपने झुंड से कम से कम 30 दिन, जैसी सलाह बर्ड फ्लू की राष्ट्रीय योजना देती है (बर्ड फ्लू कार्य योजना)। TANUVAS यह सलाह भी देता है कि झुंड में मिलाने से पहले उन्हें पेट के कीड़ों की दवा दी जाए (TANUVAS)।
  • अलग-अलग उम्र के पक्षी अलग रखें। चूजों और बड़े पक्षियों को एक ही घर में न रखें (TANUVAS)।
  • अपने हाथ, कपड़े और जूते-चप्पल धोएं — नए पक्षियों को छूने के बाद (बर्ड फ्लू कार्य योजना)।
  • हर दिन उन पर नज़र रखें कि कहीं खतरे के संकेत तो नहीं दिख रहे, और अचानक मौत हो तो 24 घंटे के अंदर नज़दीकी पशु चिकित्सक को या पशु हेल्पलाइन 1962 पर बताएं।
  • अपने पशु चिकित्सक से पूछें कि पक्षियों का कोई टीका छूट तो नहीं गया, और उसके बाद ही उन्हें अपने झुंड में मिलाएं।

आम गलतियाँ

  • ऐसे विक्रेता को एडवांस देना जिससे आप कभी मिले ही नहीं।
  • ब्रूडर तैयार किए बिना एक दिन के चूजे खरीद लेना।
  • ऐसे झुंड से खरीदना जिसमें हाल ही में पक्षी मरे हों।
  • बड़े पक्षियों को पशु चिकित्सक के सर्टिफ़िकेट के बिना, या दोपहर की गर्मी में ले जाना।
  • पहले ही दिन नए पक्षियों को अपने झुंड में मिला देना।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या ऑनलाइन चूजे खरीदना सुरक्षित है?

हो सकता है, अगर विज्ञापन सिर्फ़ आपका पहला कदम हो: ऐप में चैट करें, जाकर पक्षियों को देखें, उन्हें जाँचें, और पक्षी सौंपे जाते समय ही पैसे दें। जिस विक्रेता से आप मिले नहीं हैं, उसे कभी एडवांस न दें।

नए किसान एक दिन के चूजे खरीदें या ब्रूडिंग हो चुके चूजे?

करीब 4–6 हफ़्ते के ब्रूडिंग हो चुके चूजे आसान रहते हैं: शुरू के सबसे नाज़ुक हफ़्ते वे पार कर चुके होते हैं, और करीब 6 हफ़्ते पर वे चुगना शुरू कर सकते हैं। एक दिन के चूजों के लिए ब्रूडर चाहिए: देखें चूजों की ब्रूडिंग।

क्या मुर्गियों को ले जाने के लिए सर्टिफ़िकेट चाहिए?

बड़े पक्षियों के लिए, हाँ: 2001 के परिवहन नियमों के तहत पशु चिकित्सक को प्रमाणित करना होता है कि वे किसी संक्रामक रोग से मुक्त हैं और सफ़र के लायक हैं। यह नियम एक दिन के चूजों पर लागू नहीं होता। अपने पशु औषधालय से पूछें कि आपके रास्ते के लिए क्या-क्या चाहिए।

आगे क्या करें

मुर्गी घर और ब्रूडर तैयार करें, और टीकाकरण की योजना बनाएं। देखने के लिए तैयार हैं? अपने पास बिकाऊ मुर्गियाँ देखें।

स्रोत

  1. TANUVAS — P. Balamurugan, Farmers Training Centre, Theni; in Nattukoli Valarppu Vanoli Velan Palli (TANUVAS, 2018), pp. 41–45 (copy on KrishiKosh) — நாட்டுக்கோழி வளர்ப்பில் நடைமுறையில் உள்ள பிரச்சினைகளும் அதன் தீர்வுகளும் (Practical problems and solutions), in Tamil · पढ़ा गया 25 अक्टूबर 2026
  2. TANUVAS — V. Thanaseelan, M. Chellapandian and S. Vasanthakumar, Veterinary University Training and Research Centre, Ramaiyanpatti, Tirunelveli; Kalnadai Kathir, February–March 2011, pp. 45–48 (copy on KrishiKosh) — இலாபம் தரும் நாட்டுக்கோழி வளர்ப்பு (Profitable country chicken rearing), in Tamil · पढ़ा गया 25 अक्टूबर 2026
  3. ICAR-Directorate of Poultry Research (DPR), Hyderabad — compiled by Vijay Kumar (pamphlet uploaded October 2024) — Improved Rural Chicken Varieties (pamphlet: varieties, farm performance of native chicken, management, vaccination, germplasm price list) · पढ़ा गया 25 अक्टूबर 2026
  4. M. Babu, Director of Research (Retd.), TANUVAS — Indian Journal of Veterinary and Animal Sciences Research 46 (2): 921–927, 2017 — Poultry science research and extension — a review · पढ़ा गया 25 अक्टूबर 2026
  5. TANUVAS — V. Ramakrishnan, Veterinary University Training and Research Centre, Dindigul; in Nattukoli Valarppu Vanoli Velan Palli (TANUVAS, 2018), pp. 54–61 (copy on KrishiKosh) — நாட்டுக்கோழி வளர்ப்பில் மூலிகை மருத்துவத்தின் முக்கியத்துவம் மற்றும் உயிர்ப்பாதுகாப்பு முறைகள் (Herbal first aid and biosecurity), in Tamil · पढ़ा गया 25 अक्टूबर 2026
  6. TANUVAS — College of Poultry Production and Management (CPPM), Hosur — Outreach: poultry seed production centre and germplasm supplied (until March 2022) · पढ़ा गया 25 अक्टूबर 2026
  7. TANUVAS — Veterinary University Training and Research Centre, Tiruchirappalli — Veterinary University Training and Research Centre, Trichy: poultry seed project and desi chicken unit · पढ़ा गया 25 अक्टूबर 2026
  8. TANUVAS — Instructional Livestock Farm Complex, Veterinary College and Research Institute, Tirunelveli — Sale price for livestock / bird / products (2025-26) · पढ़ा गया 25 अक्टूबर 2026
  9. P. V. Narsimha Rao Telangana Veterinary University (PVNRTVU) — Poultry Research Station, Rajendranagar, Hyderabad — Poultry Research Station, Rajendranagar, Hyderabad · पढ़ा गया 25 अक्टूबर 2026
  10. Karnataka Veterinary, Animal and Fisheries Sciences University (KVAFSU) — Department of Poultry Science, Veterinary College, Bengaluru — Department of Poultry Science · पढ़ा गया 25 अक्टूबर 2026
  11. Kerala Veterinary and Animal Sciences University (KVASU) — University Poultry and Duck Farm, Mannuthy — University Poultry and Duck Farm, Mannuthy · पढ़ा गया 25 अक्टूबर 2026
  12. Department of Animal Husbandry, Government of Kerala — Central Hatchery, Chengannur · पढ़ा गया 25 अक्टूबर 2026
  13. Tamil Nadu Agricultural University (TNAU) — TNAU Agritech Portal (material credited to Dr Paul Pricely Rajkumar, AC&RI Madurai, and the Kerala veterinary university) — Poultry :: Chicken :: Growing Chicks · पढ़ा गया 25 अक्टूबर 2026
  14. Tamil Nadu Agricultural University (TNAU) — Expert System for Poultry (TNAU Agritech Portal) — Incubation and Hatching · पढ़ा गया 25 अक्टूबर 2026
  15. TANUVAS — S. Sivaseelan, Veterinary University Disease Research and Training Centre, Madurai; in Nattukoli Valarppu Vanoli Velan Palli (TANUVAS, 2018), pp. 28–30 (copy on KrishiKosh) — நாட்டுக் கோழிகளை தாக்கும் நோய்களும் தடுப்பு முறைகளும் (Diseases of country chickens and prevention), in Tamil · पढ़ा गया 25 अक्टूबर 2026
  16. Department of Animal Husbandry and Dairying, Government of India — copy hosted by ICAR-National Institute of Veterinary Epidemiology and Disease Informatics (NIVEDI), Bengaluru — Action Plan for Prevention, Control and Containment of Avian Influenza (Revised – 2021) · पढ़ा गया 25 अक्टूबर 2026
  17. TANUVAS — P. N. Richard Jagatheesan, V. Jayalalitha, K. Shibi Thomas; Kalnadai Kathir 39(6), September 2019, pp. 16–21 (copy on KrishiKosh) — நாட்டுக்கோழி வளர்ப்பில் பண்ணையாளர்கள் அறிந்திருக்க வேண்டிய தீவன மேலாண்மை முறைகள் (Feeding management for country chicken), in Tamil · पढ़ा गया 25 अक्टूबर 2026
  18. Indian Cyber Crime Coordination Centre, Ministry of Home Affairs, Government of India — National Cyber Crime Reporting Portal (helpline 1930) · पढ़ा गया 25 अक्टूबर 2026
  19. Animal Welfare Board of India (AWBI) — Transport of Animals (Amendment) Rules, 2001, S.O. 269(E), 26 March 2001 — Transport of Animals (Amendment) Rules, 2001: Chapter VII, transport of poultry by rail, road and air (rules 76–84) · पढ़ा गया 25 अक्टूबर 2026
  20. TANUVAS — A. Aruljothi, Veterinary University Training and Research Centre, Coimbatore; in Nattukoli Valarppu Vanoli Velan Palli (TANUVAS, 2018), pp. 48–53 (copy on KrishiKosh) — நாட்டுக்கோழிகளைத் தாக்கும் ஒட்டுண்ணி நோய்கள் மற்றும் ஈ கட்டுப்படுத்தும் முறைகள் (Parasites of country chickens and fly control), in Tamil · पढ़ा गया 25 अक्टूबर 2026

इससे जुड़ी गाइड

हम गाइड कैसे लिखते हैंकोई गलती दिखी? हमें WhatsApp पर बताएं

अपने पास खरीदें और बेचें

कट्टुतरै आपके गाँव के पास बिक रहे पशु सबसे पहले दिखाता है। विज्ञापन डालना मुफ़्त है।

Download on the App Storeइसे Google Play पर पाएं
मुफ़्त विज्ञापन डालें