देसी चूजों की ब्रूडिंग: गर्मी, दाना और पहले 6 हफ़्ते

पहले 6 हफ़्ते: ब्रूडर की तैयारी, हर हफ़्ते की गर्मी, चूजे कैसे दिखाते हैं कि ठंड है या गर्मी, जगह, पहला दाना-पानी, रोशनी, टीके और चूजों की मौत से बचाव।

अपडेट: 25 अक्टूबर 2026जाँचा गया: 25 अक्टूबर 2026कट्टुतरै टीम ने लिखा

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  1. मुर्गी या ब्रूडर?
  2. ब्रूडर तैयार करें
  3. गर्मी: चूजे खुद बताएंगे
  4. जगह, दाने और पानी के बर्तन
  5. पहला पानी और दाना
  6. रोशनी
  7. टीके और पेट के कीड़े
  8. चूजे क्यों मरते हैं, और इसे कैसे रोकें
  9. चूजे बाहर कब जा सकते हैं
  10. आम गलतियाँ
  11. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
  12. आगे क्या करें

अंडे से अभी-अभी निकले चूजे खुद को गर्म नहीं रख पाते: अपने शरीर की गर्मी खुद संभालना शुरू करने में उन्हें करीब दो हफ़्ते लगते हैं (TNAU)। घर-आँगन में माँ मुर्गी उन्हें अपने नीचे ढककर रखती है; जिन चूजों के साथ मुर्गी नहीं होती, उनके लिए यही काम ब्रूडर (चूजों को गर्मी देने का घेरा) करता है। गर्मी, साफ़ दाना और पानी, सूखी बिछावन और शिकारी जानवरों से बचाव — इन्हीं से तय होता है कि आपके कितने चूजे बड़े हो पाते हैं। यह पेज पहले 6 हफ़्तों के बारे में है।

मुर्गी या ब्रूडर?

  • मुर्गी के साथ। घर-आँगन के चूजों को किसी लैंप की ज़रूरत नहीं होती: मुर्गी उन्हें गर्म और सुरक्षित रखती है (TANUVAS), और 3–4 हफ़्ते तक उन्हें अपने पंखों के नीचे रखती है (TNAU)। कुछ किसान मुर्गी और चूजों को करीब एक महीने तक, जब तक चूजों के पंख न निकल आएं, एक दड़बे में बंद रखते हैं, क्योंकि साँप और चील बहुत-से छोटे चूजों को उठा ले जाते हैं (TANUVAS)।
  • ब्रूडर में। हैचरी से लाए गए एक दिन के चूजों को, या इनक्यूबेटर में निकले चूजों को, एक गोल चिक गार्ड (घेरे) के अंदर गर्मी के किसी साधन की ज़रूरत होती है।
  • यह चरण छोड़ दें। ऐसे चूजे खरीदें जिनकी ब्रूडिंग पहले ही हो चुकी हो — 2025-26 में तमिलनाडु की देसी मुर्गी योजना में हर यूनिट को 4 हफ़्ते की उम्र के 250 चूजे दिए गए (तमिलनाडु पशुपालन विभाग)। देखें: देसी चूजे सुरक्षित तरीके से खरीदें: हैचरी, सेहत और धोखा।

ब्रूडर तैयार करें

  • कमरा साफ़ करें, फ़र्श पर चूने की पुताई करें और उसे सूखने दें (TANUVAS)। ठंडी हवा के झोंके, बारिश और शिकारी जानवर अंदर न आने दें (TNAU)।
  • 2–3 इंच मोटी धान की भूसी, लकड़ी का बुरादा या साफ़ रेत बिछाएं और उसे पुराने अखबार से ढक दें (ICAR-DPR), ताकि चूजे भूसी न खाएं (UAS Bangalore)। अखबार गीला हो जाए तो बदल दें, और 3 से 10 दिन बाद उसे हटा दें — अलग-अलग स्रोत अलग दिन बताते हैं (TANUVAS, TANUVAS)।
  • गत्ते या टिन की चादर से एक गोल चिक गार्ड (घेरा) बनाएं — 1–1.5 फुट ऊँचा और 5–6 फुट चौड़ा, 200–250 चूजों के लिए। यह चूजों को गर्मी के पास रखता है, और उन्हें एक-दूसरे पर ढेर बनकर दबने और ठंड से मरने से बचाता है (TANUVAS)।
  • दाने और पानी के बर्तन (फ़ीडर और ड्रिंकर) गाड़ी के पहिये की तीलियों की तरह रखें, बल्ब के ठीक नीचे कभी नहीं (TANUVAS)।
  • चूजों के आने से 24 घंटे पहले गर्मी का साधन चालू कर दें (TNAU)।

गर्मी: चूजे खुद बताएंगे

जब तक चूजों के रोएँ की जगह पंख नहीं आ जाते, उन्हें अलग से गर्मी चाहिए (TANUVAS)। गर्मी के साधन के नीचे, बिछावन से 5 सेमी ऊपर का तापमान कितना हो, इसके लिए TNAU की तालिका (TNAU):

हफ़्ता तापमान
1 35 °C
2 32 °C
3 29 °C
4 26 °C
5 23 °C

चूजों का बर्ताव इससे भी अच्छा संकेत है (TNAU, TANUVAS, TNAU):

आप क्या देखते हैं इसका मतलब क्या करें
चूजे गर्मी के नीचे एक-दूसरे से सटकर जमा हो जाते हैं बहुत ठंड बल्ब नीचे करें या एक और लगाएं
चूजे किनारे की ओर चले जाते हैं, हाँफते हैं या मुँह खोलकर साँस लेते हैं बहुत गर्मी बल्ब ऊपर करें या एक हटा दें
चूजे घेरे की एक तरफ़ झुंड बना लेते हैं ठंडी हवा का झोंका उस तरफ़ पर्दा लगाकर बंद करें
चूजे फैले रहते हैं; करीब आधे खाते-पीते हैं, बाकी आराम करते हैं बिल्कुल ठीक ऐसा ही रखें

कितने दिन? कोई तय दिन नहीं है: गर्मी तब तक दें, जब तक चूजों के पंख न आ जाएं और वे बिना गर्मी के भी फैले रहें। TNAU शुरू के दिनों के बाद सिर्फ़ रात में गर्मी देता है — तेज़ गर्मियों में करीब 1 हफ़्ता, और बारिश या ठंड में 3 हफ़्ते तक (TNAU); TANUVAS पहले 3 दिन दिन-रात गर्मी देता है, फिर सिर्फ़ रात में (TANUVAS)।

गर्मी के साधन:

  • बल्ब: हर चूजे के लिए करीब 1–2 वॉट; 60 या 40 वॉट के बल्ब बिछावन से करीब 1 फुट ऊपर लटकाएं और हर हफ़्ते उन्हें करीब 1 फुट ऊपर उठाते जाएं (TANUVAS)। ICAR-DPR हर चूजे के लिए 2 वॉट रखता है (ICAR-DPR)।
  • 250 वॉट का एक इन्फ़्रारेड बल्ब 150–250 चूजों को गर्म रखता है (TNAU)।
  • बिजली कटने पर काम आने वाला कोयले का हाँडी ब्रूडर — छेद वाली एक हाँडी में लकड़ी का कोयला, उसके ऊपर दूसरी हाँडी — 250–300 चूजों को गर्म रखता है (TANUVAS)।

जगह, दाने और पानी के बर्तन

हर चूजे के लिए फ़र्श की जगह, और दाने व पानी के बर्तन के किनारे की लंबाई (TNAU):

हफ़्ता फ़र्श की जगह दाने के बर्तन पर जगह पानी के बर्तन पर जगह
1 0.2 वर्ग फुट 1.5 इंच 0.5 इंच
2 0.2 वर्ग फुट 2.0 इंच 0.7 इंच
3 0.3 वर्ग फुट 2.0 इंच 0.7 इंच
4 0.4 वर्ग फुट 2.5 इंच 0.8 इंच
5 0.6 वर्ग फुट 2.5 इंच 0.8 इंच
6 0.8 वर्ग फुट 3.0 इंच 1.0 इंच
  • हर 50 चूजों पर 1 दाने का बर्तन और 1 पानी का बर्तन रखें (TNAU)।
  • चूजे जैसे-जैसे बड़े हों, घेरा बड़ा करते जाएं (TANUVAS)। घेरा हटाते समय कमरे के कोने गोल कर दें, ताकि चूजे वहाँ ढेर बनकर न दबें (TNAU)।

पहला पानी और दाना

  • चूजों के आने से पहले पानी के बर्तन भर दें, और हर चूजे को अंदर रखते समय उसकी चोंच पानी में डुबोएं (TNAU)।
  • सफ़र में चूजों के शरीर में पानी की कमी हो जाती है, इसलिए पहले 5–7 दिन उबालकर ठंडा किया हुआ पानी दें (TANUVAS)। पहले 2 हफ़्तों में 200 चूजे रोज़ करीब 4–6 लीटर पानी पीते हैं (UAS Bangalore)।
  • पहले 1–2 दिन बारीक पिसा मक्का, सूजी (रवा) या चूजों का दाना अखबार पर छिड़कें (ICAR-DPR, TANUVAS), फिर ट्रे और दाने के बर्तन इस्तेमाल करें। पहले हफ़्ते में करीब हर घंटे थोड़ा-थोड़ा ताज़ा दाना दें (TANUVAS)।
  • चूजों को पूरा पोषण देने वाला दाना दें: पहले 6 हफ़्ते बाज़ार का लेयर-ग्रोअर या ब्रॉयलर दाना, या घर पर दरदरा पीसा हुआ दाना मिश्रण (ICAR-DPR)। देखें: घर का दाना मिश्रण।
  • दाना और पानी हर समय चूजों के सामने रखें (TANUVAS)। चूजों को दीमक न खिलाएं (TANUVAS)।

रोशनी

  • कोयले और गैस से रोशनी नहीं होती, इसलिए हर 10–12 फुट पर एक बल्ब या ट्यूबलाइट लटकाएं (TANUVAS)।
  • पहली रात से ही करीब आधे घंटे के लिए बत्तियाँ बंद करें, ताकि चूजों को अंधेरे की आदत हो जाए और बिजली जाने पर वे घबराएं नहीं (TANUVAS)।
  • जब चूजों को गर्मी की ज़रूरत न रहे, तो अलग से दी जाने वाली रोशनी बंद कर दें (TNAU)।

टीके और पेट के कीड़े

  • पहले 6 हफ़्तों के लिए ICAR-DPR की टीका-सूची में ये हैं: 1 दिन की उम्र में मारेक रोग, 5–7 दिन और 30 दिन पर रानीखेत रोग, 14 और 24 दिन पर गमबोरो, और 6 हफ़्ते पर फाउल पॉक्स (चेचक) (ICAR-DPR)। हैचरी से पूछें कि आपके चूजों को कौन-से टीके लग चुके हैं, और अपने पशु चिकित्सक की बताई टीका-सूची मानें; पूरी तालिका देसी मुर्गी के पेज पर है।
  • पहली बार पेट के कीड़ों की दवा (कृमिनाशन) करीब एक महीने की उम्र में दें, जैसा आपके पशु चिकित्सक बताएं (TANUVAS)।
  • कॉक्सीडियोसिस (खूनी दस्त), जिसमें बीट में खून आता है, 4–8 हफ़्ते के चूजों को सबसे ज़्यादा होता है (TANUVAS) और गीली, गर्म बिछावन में तेज़ी से पनपता है, इसलिए बिछावन सूखी रखें (TANUVAS)।

चूजे क्यों मरते हैं, और इसे कैसे रोकें

कोल्ली पहाड़ियों में घर-आँगन में पाली गई मुर्गियों पर TANUVAS के एक अध्ययन में मौत का सबसे बड़ा कारण रानीखेत रोग था (TANUVAS अध्ययन); घर-आँगन में साँप और शिकारी पक्षी बीमारी से भी ज़्यादा चूजों को ले जाते हैं (TANUVAS)।

कारण इसे कैसे रोकें
ठंड, चूजों का ढेर बनकर दबना सही गर्मी, गोल घेरा, ठंडी हवा रोकने के लिए पर्दे
सफ़र के बाद गर्मी और प्यास पहले पानी; दिन के ठंडे समय में ढुलाई
गीली या धूल भरी बिछावन सूखी बिछावन, जिसे बार-बार उलटते-पलटते रहें: गीली बिछावन में फफूंद लगती है, जिससे निमोनिया होता है, और धूल से साँस की तकलीफ़ होती है (TANUVAS)
रानीखेत रोग और दूसरी बीमारियाँ पशु चिकित्सक की सलाह से टीके लगवाएं; रोज़ बड़ी मुर्गियों से पहले चूजों की देखभाल करें
कॉक्सीडियोसिस सूखी बिछावन, साफ़ दाने और पानी के बर्तन
शिकारी जानवर बंद ब्रूडर; मुर्गी और चूजों के लिए दड़बा
कमज़ोर चूजे आते ही कमज़ोर और सुस्त चूजों को वापस कर दें (TNAU); देखें: देसी चूजे सुरक्षित तरीके से खरीदें: हैचरी, सेहत और धोखा

चूजे बाहर कब जा सकते हैं

  • ICAR-DPR मौसम के हिसाब से चूजों को 4–6 हफ़्ते ब्रूडर में रखता है, और 6 हफ़्ते के बाद उन्हें बाहर चुगने के लिए छोड़ता है (ICAR-DPR), जब उन्नत किस्म के पक्षियों का वज़न करीब 650–750 ग्राम होता है (ICAR-DPR)।
  • जब पूरे पंख आ जाएं, तब उन्हें दिन में बाहर छोड़ें, और हर शाम मुर्गी घर (दड़बे) में बंद करें।
  • हर सुबह बाहर जाने से पहले साफ़ पानी दें, और हर शाम 20–30 ग्राम अनाज (ICAR-DPR)। ज़्यादा जानकारी: देसी मुर्गी का दाना: शाम का अनाज, घर का मिश्रण, पानी।

आम गलतियाँ

  • गर्मी का साधन तभी चालू करना, जब चूजे आ चुके हों।
  • चूजों को देखने के बजाय सिर्फ़ थर्मामीटर के भरोसे रहना।
  • कोनों वाला चौकोर घेरा, जिसके कोनों में चूजे ढेर बनकर दब जाते हैं।
  • ब्रूडर में गीला अखबार या गीली बिछावन छोड़ देना।
  • पंख आने से पहले चूजों को बाहर छोड़ देना।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

चूजों को कितने दिन हीट लैंप (बल्ब) की गर्मी चाहिए?

जब तक उनके पंख न आ जाएं और वे बिना गर्मी के भी फैले रहें। TNAU तेज़ गर्मियों में करीब 1 हफ़्ते तक, और बारिश या ठंड के मौसम में 3 हफ़्ते तक रात में गर्मी देता है।

एक दिन के चूजों को कितना तापमान चाहिए?

पहले हफ़्ते में चूजों की ऊँचाई पर करीब 35 °C, और उसके बाद हर हफ़्ते करीब 3 °C कम (TNAU)। चूजों को देखते रहें और उसी हिसाब से गर्मी घटाएं-बढ़ाएं।

चूजों को सबसे पहले क्या खिलाएं?

1–2 दिन तक अखबार पर छिड़का हुआ बारीक पिसा मक्का, सूजी (रवा) या चूजों का दाना, फिर पूरा पोषण देने वाला चूजा दाना। उन्हें पहले पानी पीने दें।

आगे क्या करें

ब्रूडिंग के बाद दाना-पानी के लिए देखें: देसी मुर्गी का दाना: शाम का अनाज, घर का मिश्रण, पानी, और टीकों की पूरी सूची के लिए: देसी मुर्गी की सेहत: टीकाकरण कैलेंडर और पेट के कीड़े। मुर्गी के नीचे चूजे पालने हों, तो पढ़ें: देसी मुर्गी के अंडों से चूजे: सेने वाली मुर्गी, इनक्यूबेटर। जब आपके पक्षी बड़े हो जाएं, तो देखें: देसी मुर्गियाँ कैसे बेचें: उम्र, कीमत और सुरक्षित पेमेंट और मुफ़्त विज्ञापन डालें, या अपने पास बिकाऊ चूजे और मुर्गियाँ खोजें।

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स्रोत

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  20. TANUVAS — D. Kannan and S. Saravanan, Department of Poultry Science, Veterinary College and Research Institute, Namakkal; conference abstract, December 2018, pp. 208–209 (copy on KrishiKosh) — Importance of night shelter and vaccination in backyard desi chicken rearing in tribal villages of Kolli Hills, Namakkal district · पढ़ा गया 25 अक्टूबर 2026

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