देसी मुर्गियों में ज़्यादातर नुकसान रोका जा सकता है: अपने पक्षियों को रोज़ देखें, समय पर टीके लगवाएं, मुर्गी घर (दड़बा) साफ़ और सूखा रखें, नए या बीमार पक्षियों को अलग रखें, और अचानक मौत की सूचना तुरंत दें। यह पेज सिर्फ़ बचाव और खतरे के संकेतों के बारे में है। बीमार पक्षी के लिए अपने पशु चिकित्सक को या टोल-फ़्री पशु हेल्पलाइन 1962 पर कॉल करें।
हर दिन अपने पक्षियों की जाँच करें
सुबह पक्षियों को बाहर छोड़ते समय और रात को बंद करते समय उन्हें गिनें, और दाना देते समय उन्हें ध्यान से देखें। स्वस्थ पक्षी:
- चौकन्ना रहता है, चाव से खाता-पीता है और झुंड के साथ चलता है;
- उसकी आँखें चमकदार, नथुने साफ़ और पंख चिकने होते हैं;
- उसकी बीट ठोस होती है;
- बिना लँगड़ाए चलता है।
TANUVAS सलाह देता है कि हर दिन झुंड को देखें, जहाँ पक्षी रात में बैठते हैं वहाँ की बीट हटाएं, और दाने और पानी के बर्तन रोज़ धोएं (TANUVAS, TANUVAS, TANUVAS)। पहले छोटे चूजों की देखभाल करें और बड़े पक्षियों की बाद में, ताकि आप बीमारी चूजों तक न ले जाएं (TANUVAS)। हर दिन अंडे, दाना और कोई मौत हुई हो तो उसे लिखें, और कोई बदलाव दिखे तो वह भी (TANUVAS)।
खतरे के संकेत
इनमें से कुछ भी दिखे, तो उसी दिन पशु चिकित्सक को बुलाएं (TANUVAS, TANUVAS, बर्ड फ्लू कार्य योजना):
- पक्षी आँखें बंद करके, पंख लटकाए सिकुड़कर बैठे हों, खा-पी न रहे हों;
- सफ़ेद, पानी जैसी पतली बीट, पैर घसीटना या गर्दन का ऐंठ जाना: रानीखेत रोग के लक्षण, जो गाँव में घर-घर फैल जाता है;
- सिर, कलगी और पलकों पर छाले: फाउल पॉक्स (चेचक), जिससे सबसे ज़्यादा चूजे मरते हैं;
- 4–8 हफ़्ते के चूजों की बीट में खून: कॉक्सीडियोसिस (खूनी दस्त), जो गीली बिछावन में पनपता है;
- दस्त, दुबले पक्षी और धीमी बढ़त: पेट के कीड़े;
- खुजली और पंख झड़ना: जूँ;
- आँखों, सिर या गर्दन के आसपास सूजन, नाक बहना, कलगी, गलकंबल या पैरों का रंग बदलना, या अचानक अंडे कम हो जाना: हो सकता है बर्ड फ्लू हो (नीचे देखें)।
बीमार पक्षी को तुरंत झुंड से दूर करें, और उसका दाना-पानी भी अलग रखें। TANUVAS चेतावनी देता है कि रानीखेत रोग से बचाव का एकमात्र तरीका टीकाकरण है (TANUVAS)।
टीकाकरण कैलेंडर
यह घर-आँगन के पक्षियों के लिए ICAR-DPR की टीका-सूची है, वही जो हमारे देसी मुर्गी के पेज पर है (ICAR-DPR)। टीके अपने पशु चिकित्सक की सलाह से लगवाएं:
| बीमारी | उम्र |
|---|---|
| मारेक रोग | दिन 1 |
| रानीखेत रोग (न्यूकैसल रोग) | 5–7 दिन, 30 दिन और 9 हफ़्ते; फिर हर 6 महीने |
| गमबोरो (संक्रामक बरसल रोग) | 14 दिन और 24 दिन |
| फाउल पॉक्स (चेचक) | 6 हफ़्ते; फिर हर 6 महीने |
- गर्मी और सर्दी से पहले। रानीखेत रोग और फाउल पॉक्स के छह-माही टीके गर्मी से पहले (फ़रवरी–मार्च) और सर्दी से पहले (सितंबर–अक्टूबर) लगवाएं (ICAR-DPR)।
- सिर्फ़ स्वस्थ पक्षियों को। TANUVAS सलाह देता है कि पक्षी बीमार हों तो टीकाकरण टाल दें (TANUVAS), और जिन पक्षियों में पेट के कीड़े या कॉक्सीडिया बहुत ज़्यादा हों, उन्हें अच्छा टीका भी नहीं बचा पाता (TNAU)।
- पूरा गाँव एक साथ। ICAR-DPR सलाह देता है कि उन्नत किस्म के पक्षियों के साथ देसी पक्षियों को भी टीके लगवाएं (ICAR-DPR)।
- सरकारी सेवा का फ़ायदा उठाएं। टीके के पैक 200–500 पक्षियों के लिए बने होते हैं, इसलिए 20–50 पक्षी रखने वाले उन्हें शायद ही खरीदते हैं (TANUVAS)। अपने पशु औषधालय में या किसी कैंप में टीका लगवाना आसान है।
मुफ़्त टीकाकरण के दिन। तमिलनाडु का पशुपालन विभाग घर-आँगन और व्यावसायिक मुर्गियों के लिए “पल्स रानीखेत” टीकाकरण कार्यक्रम चलाता है (तमिलनाडु पशुपालन विभाग)। कुछ जिले फ़रवरी में दो हफ़्ते का रानीखेत कैंप लगाते हैं: नागपट्टिनम में 2025 का कैंप 1 से 14 फ़रवरी तक सभी पशु चिकित्सा संस्थानों में चला (नागपट्टिनम जिला)। कुछ पशु औषधालय हर हफ़्ते मुर्गियों को टीके लगाते हैं; सलेम में इसके लिए शनिवार का दिन दिया गया है (सलेम जिला)। TANUVAS के अनुसार सरकारी पशु चिकित्सालयों में रानीखेत रोग का टीका मुफ़्त है (TANUVAS): अपने पशु औषधालय से पूछें कि वहाँ यह मुफ़्त है या नहीं, और अगला कैंप कब है। केरल में राज्य के अपने बनाए रानीखेत और फाउल पॉक्स के टीके सरकारी पशु चिकित्सा संस्थानों में मुफ़्त हैं (केरल पशुपालन विभाग)।
पेट के कीड़े
- पक्षियों में कीड़े कैसे आते हैं। खुले में घूमने वाले पक्षी ज़मीन पर पड़ी बीट से, और केंचुओं, घोंघों, चींटियों, भृंगों (बीटल) और मक्खियों से कीड़ों के अंडे निगल लेते हैं (TANUVAS)।
- कितनी बार। पशु चिकित्सक की सलाह से हर 2–3 महीने में पेट के कीड़ों की दवा दें (ICAR-DPR)। सरकारी स्रोतों में अलग-अलग अंतराल दिए गए हैं, इसलिए अपने पशु चिकित्सक की बात मानें।
- बीट की जाँच कराएं। TANUVAS सलाह देता है कि बीट अपने पशु औषधालय ले जाएं, ताकि पशु चिकित्सक देख सकें कि कौन-से कीड़े हैं और क्या देना है (TANUVAS)।
- कीड़ों को कम रखें। मुर्गी घर सूखा रखें, और दाने और पानी के बर्तन और उनके आसपास की ज़मीन साफ़ और सूखी रखें (TANUVAS)।
जूँ और माइट
- लक्षण। खुजली, पंख झड़ना, पीले पड़े पक्षी और कम अंडे; ये जूँ आपके परिवार को भी परेशान कर सकती हैं (TANUVAS)।
- सबसे ज़्यादा किसे परेशानी। छोटे चूजों और अंडे सेने वाली मुर्गियों को (TANUVAS)।
- उनके छिपने की जगहें साफ़ करें। लकड़ी और बाँस के मुर्गी घरों में जूँ और माइट को छिपने की जगह मिलती है, इसलिए मुर्गी घर नियमित रूप से साफ़ करें (ICAR-DPR)।
- छिड़काव से पहले पशु चिकित्सक से पूछें। कोई भी स्प्रे या पाउडर सिर्फ़ पशु चिकित्सक की सलाह से इस्तेमाल करें, और खेती के रसायन दाने और पानी से दूर रखें (TANUVAS)।
बीमारी को बाहर रखें
- दूसरे पक्षियों को दूर रखें। अपने झुंड को जंगली पक्षियों और पड़ोसियों के पक्षियों से दूर रखें, आँगन साफ़ रखें, और कचरा गाड़ दें या जला दें (बर्ड फ्लू कार्य योजना)।
- नए पक्षी 30 दिन अलग। देखें: घर पर पहले 30 दिन।
- कम से कम बाहरी लोग। बाहर से आने वालों को पक्षियों से दूर रखें। पक्षियों को छूने से पहले और बाद में अपने हाथ, कपड़े और जूते-चप्पल धोएं, और किसी दूसरे फ़ार्म से उधार लिया हर उपकरण साफ़ करें (बर्ड फ्लू कार्य योजना)।
- अलग-अलग उम्र के पक्षी अलग। चूजों और बड़े पक्षियों को एक ही घर में न रखें (TNAU)।
- साफ़ दाना, पानी और बिछावन। कीटाणु गंदे पानी और दाने से फैलते हैं (TANUVAS), और कॉक्सीडियोसिस गीली बिछावन में पनपता है, इसलिए बिछावन सूखी रखें (TANUVAS)। देखें: मुर्गी घर।
बीमार और मरे हुए पक्षी
- बीमार पक्षियों को तुरंत अलग करें, ताकि बीमारी न फैले (TANUVAS)।
- मरे हुए पक्षियों को तुरंत हटाएं। मरे हुए पक्षी बीमारी फैलाते हैं: उन्हें जला दें, या गहरे गड्ढे में गाड़ दें (TNAU)। बर्ड फ्लू कार्य योजना का तरीका है: घरों, गीली ज़मीन, तालाबों और नदियों से दूर एक गहरा गड्ढा, जिसे चूने और कम से कम 40 सेमी मिट्टी से ढका जाए (बर्ड फ्लू कार्य योजना)।
- मरे हुए पक्षियों को कभी भी खाद के ढेर पर, खेत या नाली में, या किसी नाले के पास न फेंकें (TNAU, बर्ड फ्लू कार्य योजना)।
बर्ड फ्लू: अचानक मौत की सूचना दें
अगर पक्षी अचानक बीमार पड़ें या मरें, या आपको मरे हुए जंगली पक्षी मिलें, तो तुरंत — और ज़्यादा से ज़्यादा 24 घंटे के अंदर — नज़दीकी पशु चिकित्सालय या सरकारी कार्यालय को बताएं, या 1962 पर कॉल करें (बर्ड फ्लू कार्य योजना, PIB)। तमिलनाडु में 1962 पर राज्य की मोबाइल पशु चिकित्सा सेवा मुफ़्त है (डिंडीगुल जिला)।
- इन लक्षणों पर नज़र रखें: आँखों, सिर और गर्दन के आसपास सूजन, नाक बहना, कलगी, गलकंबल या पैरों का रंग बदलना, अचानक कमज़ोरी, पंख लटकना और अंडे कम होना (बर्ड फ्लू कार्य योजना)।
- अपने पक्षियों को अंदर रखें, जब आपके आसपास बर्ड फ्लू का शक हो: योजना के अनुसार तब घर-आँगन के पक्षियों को खुले में चुगने नहीं देना चाहिए (बर्ड फ्लू कार्य योजना)।
- पक्षियों को अधिकारियों से कभी न छिपाएं: छिपाए गए पक्षी बाद में मिलने पर बिना मुआवज़े के नष्ट (कलिंग) कर दिए जाते हैं (बर्ड फ्लू कार्य योजना)।
प्रभावित इलाकों (ज़ोन), कलिंग और दोबारा पक्षी रखने के नियमों के लिए देखें: देसी मुर्गी पालन: दक्षिण भारत में नस्लें, खरीद और देखभाल।
आम गलतियाँ
- टीके लगवाने के लिए गाँव में बीमारी फैलने का इंतज़ार करना।
- सिर्फ़ नए पक्षियों को टीके लगवाना, पुरानी देसी मुर्गियों को नहीं।
- नए पक्षियों या चूजों को पहले ही दिन झुंड में मिला देना।
- मरे हुए पक्षियों को खाद के ढेर पर या नाली में फेंकना।
- टीकाकरण और पेट के कीड़ों की दवा की तारीखें न लिखना।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
चूजों को किस उम्र में टीके लगवाने चाहिए?
पहले दिन से: 1 दिन की उम्र में मारेक रोग, फिर 5–7 दिन से रानीखेत रोग, 14 दिन पर गमबोरो और 6 हफ़्ते पर फाउल पॉक्स, जैसा ऊपर ICAR-DPR की टीका-सूची में है। आपके इलाके के लिए आपके पशु चिकित्सक इसमें बदलाव कर सकते हैं।
क्या रानीखेत रोग का टीका मुफ़्त है?
TANUVAS के अनुसार सरकारी पशु चिकित्सालयों में रानीखेत रोग का टीका मुफ़्त है, और तमिलनाडु के कुछ जिले फ़रवरी में कैंप लगाते हैं। अपने पशु औषधालय से पूछें कि वहाँ यह मुफ़्त है या नहीं, और अगला कैंप कब है। केरल में सरकार के टीके मुफ़्त हैं।
अगर मेरी मुर्गियाँ अचानक मरने लगें तो क्या करूँ?
24 घंटे के अंदर नज़दीकी पशु चिकित्सालय या सरकारी कार्यालय को बताएं, या 1962 पर कॉल करें। मरे हुए पक्षियों को जला दें या गहरा गाड़ दें; उन्हें नाली में या खुली ज़मीन पर कभी न फेंकें।
आगे क्या करें
सूखा, साफ़ मुर्गी घर और अच्छा दाना कई समस्याओं से बचाते हैं: पढ़ें मुर्गी घर और दाना-पानी। चूजों के शुरू के हफ़्तों के लिए देखें ब्रूडिंग। नए पक्षी खरीद रहे हैं? पैसे देने से पहले उन्हें जाँचें: चूजे खरीदना।
