देसी मुर्गियाँ चुगते हुए अपना काफ़ी खाना खुद ढूँढ लेती हैं, लेकिन घर-आँगन के पक्षियों में अक्सर ऊर्जा की कमी रह जाती है, इसलिए हर शाम थोड़ा अनाज देने से वे बढ़ती रहती हैं और अंडे देती रहती हैं। शेड में रखे पक्षियों को उनकी उम्र के हिसाब से पूरा पोषण देने वाला दाना चाहिए। मुर्गी पालन में सबसे बड़ा खर्च दाने का है — TANUVAS के अनुसार कुल खर्च का 60–75% (TANUVAS, TANUVAS) — इसलिए अच्छे से खिलाएं, पर कुछ भी बर्बाद न करें।
खुले में चुगना, साथ में ऊपर से दाना
- घर-आँगन में एक “कुदरती खाने का भंडार” होता है: गिरा हुआ अनाज, कीड़े-मकोड़े, केंचुए, रसोई का बचा-खुचा और हरी घास (ICAR-DPR)। पक्षी दीमक, चींटियाँ और हरी पत्तियाँ भी खाते हैं (TANUVAS)।
- खुला छोड़ने पर मुर्गियाँ दिन का 50–90% समय हरी पत्तियाँ खाने में बिताती हैं, और TANUVAS के अनुसार देसी मुर्गियों के लिए खुले में चुगना सबसे अच्छा है, तब भी जब उन्हें पूरा दाना मिलता हो (TANUVAS)।
- चुगने वाले पक्षियों को आम तौर पर प्रोटीन तो काफ़ी मिल जाता है, पर ऊर्जा काफ़ी नहीं, इसलिए बाजरा, रागी (मंडुआ), ज्वार या टूटा चावल जैसे अनाज, बराबर हिस्सा चावल की पॉलिश या चोकर मिलाकर दें, हो सके तो शाम को (ICAR-DPR)।
- कितना: हर शाम हर पक्षी को करीब 20–30 ग्राम अनाज (ICAR-DPR)। अलग-अलग स्रोत 10–20 ग्राम (ICAR-DPR) से लेकर 30–40 ग्राम मिला-जुला दाना (TANUVAS) तक बताते हैं: आँगन में जितना कम खाना मिले, उतना ज़्यादा दें।
- अंडों के लिए रखी गई जवान मुर्गियों को ज़रूरत से ज़्यादा न खिलाएं: ICAR-DPR 6–6.5 महीने की उम्र पर वनराजा पुलेट (जवान मुर्गी) का वज़न 2.2–2.5 किलो और ग्रामप्रिया का 1.6–1.8 किलो रखता है, क्योंकि ज़्यादा वज़न से अंडे कम हो जाते हैं (ICAR-DPR, ICAR-DPR)।
उम्र के हिसाब से दाना
शेड में रखे पक्षियों के लिए TANUVAS संतुलित दाने की ये मात्राएं बताता है (TANUVAS):
| उम्र | दाना | हर पक्षी को रोज़ |
|---|---|---|
| चूजे, 0–8 हफ़्ते | चूजा दाना: ज़्यादा प्रोटीन, कम रेशा | 10–30 ग्राम |
| बढ़ते पक्षी (ग्रोअर), 9–22 हफ़्ते | ग्रोअर दाना: कम प्रोटीन, ज़्यादा रेशा | 40–60 ग्राम |
| अंडे देने वाली मुर्गियाँ, 23 हफ़्ते से | ज़्यादा कैल्शियम वाला लेयर दाना | 90–110 ग्राम |
- दिन भर का दाना 2–3 बार में बाँटकर दें (TANUVAS)। एक दाने से दूसरे दाने पर धीरे-धीरे बदलें, और गर्मियों में दिन के ठंडे समय में खिलाएं (TANUVAS)।
- शेड में पूरा दाना खाने वाले मांस के पक्षी 3.5–4 किलो दाना खाकर 3–4 महीने में 1.1–1.3 किलो के हो जाते हैं (TANUVAS)।
- थोड़े-से पक्षियों के लिए खुद दाना पीसना शायद ही फ़ायदेमंद होता है: पड़ोसियों के साथ मिलकर किसी दाना बनाने वाले से मिश्रण बनवाएं, या अपने पक्षियों की उम्र के लिए बना दाना खरीदें (TANUVAS)। TANUVAS के पशु चिकित्सा कॉलेजों की दाना मिलें देसी मुर्गियों का दाना बेचती हैं (TANUVAS)।
- चूजों के पहले दाने के लिए देखें: देसी चूजों की ब्रूडिंग: गर्मी, दाना और पहले 6 हफ़्ते।
घर के दाना मिश्रण का एक उदाहरण
पहले 6 हफ़्तों के चूजों के लिए ICAR-DPR का आसान मिश्रण, वज़न के हिसाब से (ICAR-DPR):
| सामग्री | 100 में से हिस्से |
|---|---|
| अनाज: मक्का, बाजरा, ज्वार, रागी या टूटा चावल | 50 |
| चावल का चोकर, गेहूँ का चोकर या तेल निकाला हुआ चावल का चोकर | 20 |
| खली या मील: सोयाबीन, मूंगफली, सूरजमुखी, तिल या अलसी | 28 |
| विटामिन और खनिज मिश्रण | 2 |
- अनाज को दरदरा पीसें, बारीक पाउडर नहीं (ICAR-DPR)।
- मक्का महंगा हो, तो उसका आधा हिस्सा तक रागी, बाजरा या ज्वार से बदल सकते हैं (TNAU)।
- आप अपने पास के किसानों से चोकर खरीद सकते हैं।
- TANUVAS बढ़ते पक्षियों और अंडे देने वाली मुर्गियों के लिए अलग-अलग मिश्रण बनाता है; उसके लेयर मिश्रणों में हर 100 हिस्सों में 4–5 हिस्से सीप का चूरा (शेल ग्रिट) मिलाया जाता है (TANUVAS, TANUVAS)।
हरी पत्तियाँ, अज़ोला और कीड़े
- CO-4 घास, डेस्मैन्थस (हेज ल्यूसर्न), सहजन, अगस्ती (अगथी) और साग जैसी हरी पत्तियाँ दें (TANUVAS)। हरी पत्तियों से दाने का खर्च घटता है और पक्षियों का एक-दूसरे को चोंच मारना कम होता है (TANUVAS)।
- चुगने के बाद कटी हुई हरी पत्तियाँ, सब्ज़ियाँ और रसोई का बचा खाना दें (TANUVAS)। हरी पत्तियों या रसोई के बचे खाने की कोई आधिकारिक मात्रा तय नहीं है।
- अज़ोला में प्रोटीन भरपूर होता है, करीब 25% (TANUVAS अध्ययन), और इसे ताज़ा या छाँव में सुखाकर खिलाया जा सकता है (TANUVAS)। वेल्लोर जिले के 12 फ़ार्मों पर TANUVAS के एक परीक्षण में, 6 से 12 हफ़्ते की उम्र तक रोज़ 50 ग्राम अज़ोला खाने वाली देसी मुर्गियों का वज़न बिना अज़ोला वाले पक्षियों से काफ़ी ज़्यादा बढ़ा, और उनमें से कोई नहीं मरा (TANUVAS अध्ययन)।
- अज़ोला उगाने के लिए 7 × 3 × 1 फुट का गड्ढा खोदें, उसमें सिलपॉलिन शीट बिछाएं, 10–15 किलो छनी हुई बगीचे की मिट्टी फैलाएं और आधा फुट पानी भरें। शुरू करने के लिए 300–500 ग्राम अज़ोला डालें, हर हफ़्ते 1–2 किलो गोबर का घोल मिलाएं और पानी पूरा करते रहें (TANUVAS अध्ययन)। शुरुआत के लिए अज़ोला किसानों के विज्ञापनों में खोजें।
- दीमक गाँव का प्रोटीन वाला दाना है, और मटकों में पाली गई दीमक सस्ती पड़ती है (TANUVAS)। इसे दाना या अनाज खिलाने के बाद दें, चूजों को कभी नहीं (TANUVAS)।
अंडे देने वाली मुर्गियों के लिए सीप का चूरा
- अंडे के छिलके के लिए अंडे देने वाली मुर्गियों को कैल्शियम चाहिए: उनके दाने का 2.5–3.5%। कम मिलने पर लंगड़ापन, कम अंडे और बिना छिलके के अंडे होते हैं (TANUVAS)।
- सिर्फ़ चावल खिलाना बिना छिलके वाले अंडों का एक आम कारण है (TANUVAS)।
- अगर छिलके पतले हों या न हों, तो सीप का चूरा या चूना पत्थर का पाउडर दें: ICAR-DPR के अनुसार हर पक्षी को रोज़ 3–4 ग्राम (ICAR-DPR); TANUVAS कम से कम 5–8 ग्राम टूटी सीपियाँ देने की सलाह देता है (TANUVAS)।
- गर्मियों में छिलके पतले हो जाते हैं: सीप का चूरा ट्रे में ऐसी जगह रखें जहाँ मुर्गियाँ हमेशा पहुँच सकें (TNAU)।
साफ़ पानी
- 250 पक्षियों के फ़ार्म को रोज़ कम से कम 60–75 लीटर पीने का पानी चाहिए — यानी हर 100 पक्षियों पर करीब 24–30 लीटर — और पानी के बर्तन धोने के लिए हर पक्षी पर रोज़ करीब 1 लीटर अलग से (TNAU)। चूजों के लिए देखें: चूजों के लिए पानी।
- हर सुबह पक्षियों के बाहर जाने से पहले साफ़ पानी दें (ICAR-DPR), और दिन भर उनके सामने साफ़, ठंडा पानी रखें (TANUVAS)।
- पानी के बर्तन रोज़ धोएं (TANUVAS); गर्मियों में 20–30% ज़्यादा पानी के बर्तन रखें (TNAU)।
- फ़ार्म के पानी की जाँच कराएं: पक्षियों को वही पानी पीना चाहिए जो इंसानों के पीने लायक हो। पानी के पाइप और टंकियाँ हर महीने साफ़ करें (TNAU)।
- दाने और पानी के बर्तन किसानों के विज्ञापनों में खोजें, और देखें आपको कितने चाहिए।
फफूंद लगा दाना और भंडारण
- फफूंद लगा, जमा हुआ या गुठलियों वाला दाना कभी न दें: नम दाने में फफूंद लगती है, जो ज़हर बनाती है (TNAU)।
- अच्छी तरह सूखी, बिना फफूंद वाली सामग्री इस्तेमाल करें (TANUVAS); TNAU के अनुसार दाने में 11% से ज़्यादा नमी नहीं होनी चाहिए (TNAU)।
- मूंगफली की खली में अक्सर फफूंद का ज़हर होता है, इसलिए इस्तेमाल से पहले उसकी जाँच कराएं; तेल वाला चावल का चोकर ज़्यादा दिन तक नहीं रखना चाहिए (TANUVAS)।
- बोरियाँ लकड़ी के पटरों पर, फ़र्श से ऊपर और दीवारों से दूर, किसी सूखे, हवादार कमरे में रखें (TNAU), जहाँ चूहे और घूस न पहुँच सकें (TANUVAS)।
- दाना लंबे समय तक रखने के बजाय ज़रूरत के हिसाब से बनाएं, और किसी दाना लैब में उसके पोषक तत्वों और फफूंद की जाँच कराएं (TANUVAS)। तमिलनाडु में पशुपालन विभाग तिरुप्पुर जिले के पल्लडम में मुर्गी दाने और पानी की जाँच की एक लैब चलाता है (तमिलनाडु पशुपालन विभाग)।
आम गलतियाँ
- सिर्फ़ चावल खिलाना, जिससे मुर्गियाँ बिना छिलके के अंडे देती हैं।
- चुगने को कम मिल रहा हो, तब भी घर-आँगन के पक्षियों को शाम का अनाज न देना।
- अंडों के लिए रखी जवान मुर्गियों को ज़रूरत से ज़्यादा खिलाना।
- दाना अचानक बदल देना।
- फफूंद लगा या जमा हुआ दाना देना, या बोरियाँ फ़र्श पर रखना।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
एक देसी मुर्गी को रोज़ कितना दाना चाहिए?
घर-आँगन के पक्षी: चुगने के साथ हर शाम करीब 20–30 ग्राम अनाज। शेड में: रोज़ संतुलित दाना — चूजों को 10–30 ग्राम, बढ़ते पक्षियों को 40–60 ग्राम और अंडे देने वाली मुर्गियों को 90–110 ग्राम।
क्या देसी मुर्गियाँ सिर्फ़ चुगकर जी सकती हैं?
वे अपना काफ़ी खाना, खासकर प्रोटीन, खुद ढूँढ लेती हैं, पर उनमें आम तौर पर ऊर्जा की कमी रह जाती है। हर शाम अनाज दें, और जब चुगने को कम मिले तो ज़्यादा दें।
क्या अज़ोला मुर्गियों के लिए अच्छा है?
TANUVAS के एक परीक्षण में 6 से 12 हफ़्ते की उम्र तक रोज़ 50 ग्राम अज़ोला से देसी मुर्गियों का वज़न ज़्यादा बढ़ा, और कोई नहीं मरा। इसे ताज़ा या छाँव में सुखाकर दें।
मेरी मुर्गियाँ बिना छिलके के अंडे क्यों देती हैं?
आम तौर पर कैल्शियम की कमी से, जो अक्सर सिर्फ़ चावल खिलाने से होती है। सीप का चूरा या चूना पत्थर का पाउडर दें और कुछ ट्रे में रखें, खासकर गर्मियों में।
आगे क्या करें
जगह और दाने के बर्तनों की योजना के लिए देखें: देसी मुर्गियों का शेड: मुर्गी घर, जगह और बिछावन, और अपने झुंड को सुरक्षित रखने के लिए: देसी मुर्गी की सेहत: टीकाकरण कैलेंडर और पेट के कीड़े। दाने के खर्च के लिए देखें: देसी मुर्गी पालन की लागत और आमदनी: हिसाब का एक उदाहरण। अपने झुंड में पक्षी जोड़ने हों, तो अपने पास बिकाऊ मुर्गियाँ देखें।
