देसी मुर्गी की यूनिट में पैसा दो बार लगता है: एक बार शुरू करने के लिए (शेड, उपकरण, चूजे), और फिर हर हफ़्ते उसे चलाने के लिए (दाना, टीके, बिजली)। नीचे घर-आँगन के झुंड के लिए, और तमिलनाडु की सब्सिडी योजना की 250 पक्षियों वाली यूनिट के लिए हिसाब के उदाहरण हैं, साथ में यह जाँचने का एक आसान तरीका कि आपके बेचे गए पक्षी आपकी लागत निकाल पाएंगे या नहीं। ये सीखने के लिए उदाहरण हैं, मुनाफ़े का वादा नहीं। आपके अपने आंकड़े अलग होंगे।
शुरू करने की एक बार की लागत
देसी मुर्गी की यूनिट की एक ही आधिकारिक लागत मिलती है: तमिलनाडु की 2026-27 की सब्सिडी योजना 250 पक्षियों की यूनिट की लागत ₹2,93,750 मानती है (तिरुवारूर)। NABARD की तमिलनाडु के लिए 2026-27 की यूनिट लागत पुस्तिका में देसी मुर्गी की कोई यूनिट नहीं है (NABARD)।
| 250 पक्षियों की यूनिट, तमिलनाडु योजना, 2026-27 | रकम |
|---|---|
| शेड, दाने और पानी की ट्रे, और पहले 4 महीने का दाना | ₹2,93,750 |
| राज्य की सब्सिडी, यूनिट लगने के बाद मिलती है | ₹1,46,875 |
| आपका हिस्सा, बैंक लोन से या अपने पैसे से | ₹1,46,875 |
| 250 चूजे, 4 हफ़्ते के | मयिलाडुतुरै की सूचना में मुफ़्त; अपने जिले में पूछें |
| शेड के लिए ज़मीन: कम से कम 625 वर्ग फुट, अपनी | लागत में शामिल नहीं |
सब्सिडी यूनिट बनने के बाद मिलती है, इसलिए पहले से सोच लें कि उसके आने तक पूरे ₹2,93,750 का इंतज़ाम कैसे करेंगे (पॉलिसी नोट 2026-27, मयिलाडुतुरै)। देखें: देसी मुर्गी पालन: 2026 में सब्सिडी, लोन और बीमा।
घर-आँगन के झुंड की कोई आधिकारिक यूनिट लागत नहीं है। ICAR-DPR हर घर में 10–20 पक्षी रखने की सलाह देता है — जितनी जगह हो और पक्षियों को जितना खाना खुद मिल जाए, उसके हिसाब से (ICAR-DPR)। मुख्य खर्च हैं स्थानीय सामान से बना मुर्गी घर (दड़बा), और चूजे:
| चूजे | एक की कीमत | कहाँ |
|---|---|---|
| एक दिन का देसी चूजा | ₹30 | TANUVAS फ़ार्म, तिरुनेलवेली, 2025-26 (TANUVAS) |
| देसी चूजे, 4–5 हफ़्ते के | ₹80–120 | TANUVAS केंद्र, त्रिची (TANUVAS) |
| एक दिन के ग्रामप्रिया, वनराजा या कड़कनाथ | ₹21–40 | TANUVAS केंद्र, त्रिची |
| ICAR-DPR की किस्मों और नस्लों के एक दिन के चूजे | ₹22–120, पैकिंग अलग | ICAR-DPR, हैदराबाद, 2024 की सूची (ICAR-DPR) |
यानी TANUVAS केंद्र से 4–5 हफ़्ते के 20 चूजे करीब ₹1,600–2,400 के पड़ते हैं। एक दिन के चूजे सस्ते होते हैं, लेकिन पहले उन्हें कई हफ़्ते ब्रूडिंग (गर्मी देकर पालना) चाहिए: देखें देसी चूजों की ब्रूडिंग: गर्मी, दाना और पहले 6 हफ़्ते।
चलाने का खर्च
चलाने के खर्च में सबसे बड़ा खर्च दाने का है।
- शेड में मांस के लिए पाले गए पक्षी: पूरा दाना देने पर देसी मुर्गियाँ 3.5–4 किलो दाना खाकर 3–4 महीने में 1.1–1.3 किलो की होती हैं (TANUVAS)।
- किसानों ने कितना खर्च किया: नामक्कल में 50 से ज़्यादा देसी पक्षियों वाले फ़ार्मों के एक अध्ययन में 41% किसानों ने बेचे गए हर किलो ज़िंदा वज़न पर दाने में ₹29–50 खर्च किए (TANUVAS अध्ययन, 2021)। तब से दाने के दाम बढ़ गए हैं, इसलिए अपने दाम लगाकर हिसाब करें।
- घर-आँगन के पक्षी: जो पक्षी खुद चुगते हैं, उन्हें बस ऊपर से थोड़ा देना होता है। ICAR-DPR हर शाम हर पक्षी को 20–30 ग्राम अनाज देने की सलाह देता है; 20 पक्षियों के लिए यह महीने में करीब 12–18 किलो अनाज होता है।
- दूसरे खर्च: टीके और पशु चिकित्सक की देखभाल, धान की भूसी या लकड़ी के बुरादे जैसी बिछावन, ब्रूडिंग के लिए बिजली, और आपका अपना समय।
- 250 पक्षियों की यूनिट: योजना की लागत में सिर्फ़ पहले 4 महीने का दाना शामिल है। उसके बाद दाने का खर्च आपको उठाना होगा; पैसे अलग रखें, या अपने बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड के बारे में पूछें।
आमदनी: आप क्या बेच सकते हैं
तमिलनाडु योजना का अपना प्लान बताता है कि पैसा कहाँ से आता है: मुर्गियों को 72 हफ़्ते तक रखें, अंडों को चूजे निकालने और खाने के काम में लें, और एक दिन के चूजे, खाने वाले अंडे और मांस के लिए बड़े पक्षी बेचें (तिरुवारूर)।
- मांस के लिए बड़े पक्षी। TANUVAS के अनुसार शेड में पाले गए पक्षी 3–4 महीने पर, 1.1–1.3 किलो के होकर बिकते हैं; नामक्कल के अध्ययन में बड़े देसी फ़ार्मों ने करीब 6 महीने पर 2 किलो के पक्षी बेचे, और घर-आँगन वालों ने करीब 8 महीने पर 1.85 किलो के।
- अंडे। अच्छे से चलने वाले फ़ार्म पर देसी मुर्गियाँ साल में 60–70 अंडे देती हैं (TANUVAS); नामक्कल के अध्ययन में औसत बड़े फ़ार्मों पर 51 और घर-आँगन में 40 था। TANUVAS के तिरुनेलवेली फ़ार्म ने 2025-26 में देसी अंडे ₹10 प्रति अंडा बेचे — यह एक यूनिवर्सिटी फ़ार्म की कीमत है, बाज़ार का सर्वे नहीं।
- चूजे। अगर आप अंडों से चूजे निकालते हैं, तो एक दिन के या उससे बड़े चूजे बेच सकते हैं; उसी फ़ार्म ने एक दिन के देसी चूजे ₹30 प्रति चूजा बेचे। देखें: देसी मुर्गी के अंडों से चूजे: सेने वाली मुर्गी, इनक्यूबेटर।
- खाद। इसे अपने खेतों में डालें, या मुर्गी की खाद का मुफ़्त विज्ञापन डालें।
एक पक्षी कितने में बिकेगा, यह उसके वज़न, किस्म, मौसम और बेचने की जगह पर निर्भर है: देखें देसी मुर्गियाँ कैसे बेचें: उम्र, कीमत और सुरक्षित पेमेंट। नीचे के बॉक्स में कट्टुतरै पर किसानों के मुर्गी के विज्ञापनों में माँगी गई कीमतें हैं।
1 नवंबर 2026 को कट्टुतरै पर
- मुर्गा-मुर्गी · 2,598 विज्ञापनविज्ञापन देखें →
- Coimbatore · 300 विज्ञापनविज्ञापन देखें →
- Erode · 227 विज्ञापनविज्ञापन देखें →
- Salem · 207 विज्ञापनविज्ञापन देखें →
किसानों के विज्ञापनों में माँगी गई कीमत — बाज़ार भाव नहीं।
अपनी मुर्गियाँ कट्टुतरै पर बेचें
फ़ोटो और छोटे वीडियो के साथ मुफ़्त विज्ञापन डालें। पास के खरीदार आपको सीधे कॉल या चैट करेंगे। कोई कमीशन नहीं।
अंडे या मांस?
देसी मुर्गियों से सिर्फ़ अंडों से कमाई कम ही होती है। ₹10 प्रति अंडा के हिसाब से, मुर्गी के दाने का खर्च घटाने से पहले:
| एक देसी मुर्गी से एक साल में अंडे | अंडे | ₹10 प्रति अंडा पर |
|---|---|---|
| घर-आँगन, नामक्कल अध्ययन | 40 | ₹400 |
| बड़ा देसी फ़ार्म, नामक्कल अध्ययन | 51 | ₹510 |
| TANUVAS का आंकड़ा | 60–70 | ₹600–700 |
बहुत-से अंडे तो फिर से अंडे सेने वाली मुर्गी के नीचे चूजे निकालने के लिए चले जाते हैं। इसलिए देसी मुर्गियों में मुख्य कमाई मांस के लिए बेचे गए पक्षियों और चूजों से मानकर चलें, और अंडों को थोड़ी ऊपरी कमाई। उन्नत किस्में ज़्यादा अंडे देती हैं: ग्रामप्रिया घर-आँगन में साल में 160–180 अंडे देती है (ICAR-DPR)। देखें: देसी मुर्गी की नस्लें: अंडे या मांस के लिए पक्षी कैसे चुनें।
क्या पक्षी लागत निकाल पाएंगे?
चूजे खरीदने से पहले हिसाब लगाएं कि हर पक्षी से कम से कम कितना आना चाहिए: बिकने तक एक पक्षी पर आपका कितना खर्च होता है, और साथ में मरने वाले पक्षियों का हिस्सा।
| उदाहरण: मांस के लिए करीब 1.2 किलो तक पाला गया एक पक्षी | कम | ज़्यादा |
|---|---|---|
| देसी चूजा, 4–5 हफ़्ते का, TANUVAS केंद्र से | ₹80 | ₹120 |
| बिकने तक का दाना, ₹29–50 प्रति किलो ज़िंदा वज़न के हिसाब से | ₹35 | ₹60 |
| एक पक्षी की लागत | ₹115 | ₹180 |
फिर नुकसान का हिसाब जोड़ें। नामक्कल के अध्ययन में बड़े फ़ार्मों पर 83% पक्षी बचे और घर-आँगन में 57% (TANUVAS अध्ययन, 2021)। अगर 5 में से 1 पक्षी मर जाए, तो जो 4 आप बेचेंगे, उन्हें पाँचवें का खर्च भी निकालना होगा: हर एक करीब ₹145–225। इसके ऊपर टीके, बिछावन और बिजली का खर्च जोड़ें।
250 पक्षियों की यूनिट में लोन भी जोड़ें। अगर आप अपना ₹1,46,875 का हिस्सा उधार लेते हैं और 5 साल में चुकाते हैं, तो सिर्फ़ मूलधन ही साल का करीब ₹29,400 होगा, ऊपर से ब्याज। पक्षियों, अंडों और चूजों की आपकी बिक्री से यह भी निकलना चाहिए और पहले 4 महीने के बाद का दाना भी।
अगर आपके आसपास के खरीदार आपके आंकड़े से कम देते हैं, तो पैसा लगाने से पहले योजना बदलें: छोटी शुरुआत करें, पक्षियों को खुले में चुगने दें, या किसी और उम्र पर बेचें।
अपना बजट खुद बनाएं
- लिख लें कि आपके पास पहले से क्या है: ज़मीन, मुर्गी घर, पानी, बिजली, और परिवार के लोग जो हाथ बँटा सकें।
- तय करें कि आप क्या बेचेंगे: मांस के लिए पक्षी, अंडे, चूजे, या इनका मेल।
- चूजों, दाने, बिछावन और शेड के सामान के स्थानीय दाम पता करें।
- पक्षियों की गिनती ईमानदारी से करें: नुकसान को भी गिनें, और सबसे अच्छी हालत से कम अंडे मानकर चलें।
- पहली बिक्री होने तक दाने के लिए पैसे हाथ में रखें।
- भाग देकर एक पक्षी का हिसाब निकालें, खरीदार जो देते हैं उससे तुलना करें, और फिर फ़ैसला करें।
आंकड़े किन बातों से बदलते हैं
- दाना: सबसे बड़ा खर्च। गाँव की मुर्गियों के लिए NABARD के 2018 के मॉडल में अनुमान था कि सब्ज़ियों का कचरा, दीमक और अज़ोला दाने का खर्च आधे से भी ज़्यादा घटा देंगे (NABARD, 2018)। देखें: देसी मुर्गी का दाना: शाम का अनाज, घर का मिश्रण, पानी।
- आप कौन-से चूजे खरीदते हैं: ICAR-DPR के एक दिन के चूजे ग्रामप्रिया के ₹22 से लेकर असील के ₹120 तक हैं।
- नुकसान: हर मरा हुआ पक्षी यानी दाना और पैसा बेकार। देखें: देसी चूजों की ब्रूडिंग: गर्मी, दाना और पहले 6 हफ़्ते और देसी मुर्गी की सेहत: टीकाकरण कैलेंडर और पेट के कीड़े।
- बेचते समय उम्र: बड़ी उम्र के पक्षियों का वज़न ज़्यादा होता है, पर वे खाते भी ज़्यादा हैं।
- बर्ड फ्लू: बीमारी फैलने के बाद उसके चारों ओर 10 किमी तक के इलाके में न पक्षी अंदर लाए जा सकते हैं, न बाहर ले जाए जा सकते हैं, और वहाँ की मुर्गी की दुकानें तब तक बंद रहती हैं जब तक पक्षियों को नष्ट करने (कलिंग) और सफ़ाई का काम पूरा न हो जाए (बर्ड फ्लू कार्य योजना)।
बैंक जो प्रोजेक्ट रिपोर्ट माँगेगा
मुर्गी पालन यूनिट के लिए NLM की मॉडल रिपोर्ट में ये हिस्से होते हैं (NLM मॉडल रिपोर्ट):
- आपके बारे में: नाम, उम्र, पता, पढ़ाई, खेती का कितने साल का अनुभव, आधार, PAN और बैंक की जानकारी।
- प्रोजेक्ट के बारे में: यह कहाँ है, ज़मीन, पानी और बिजली, और आप कौन-से पक्षी रखेंगे।
- पैसे की योजना: आपका अपना हिस्सा, लोन, और कोई सब्सिडी हो तो वह।
- लागत: शेड, उपकरण और पक्षी, और एक साल का चलाने का खर्च, कोटेशन के साथ।
- आमदनी: आप कितने पक्षी, अंडे और चूजे बेचने की उम्मीद करते हैं, और लोन चुकाने की योजना।
NABARD के मॉडल में आपका अपना हिस्सा (मार्जिन मनी) 10–25% और चुकाने का समय करीब 5 साल माना गया है (NABARD मॉडल, 2018)। ₹2 लाख तक के खेती के लोन पर RBI ने बैंकों से कहा है कि वे गिरवी (कोलैटरल) या मार्जिन मनी न माँगें (RBI, 6 दिसंबर 2024)।
आम गलतियाँ
- हर चूजे को बिक्री मान लेना: नुकसान को भी गिनें।
- शुरू के महीनों के बाद दाने का खर्च भूल जाना।
- आपका मुर्गी घर, ब्रूडर और समय जितना संभाल सकें, उससे ज़्यादा चूजे खरीद लेना।
- सारा पैसा शेड पर लगा देना और दाने व टीकों के लिए कुछ न बचाना।
- पक्षियों, अंडों और चूजों की बिक्री से जितना चुका सकें, उससे ज़्यादा उधार लेना।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
250 पक्षियों वाली देसी मुर्गी यूनिट की लागत कितनी है?
तमिलनाडु की 2026-27 की योजना शेड, दाने और पानी की ट्रे, और 4 महीने के दाने के लिए इसे ₹2,93,750 मानती है। अगर आप चुने जाते हैं, तो यूनिट बनने के बाद इसका आधा हिस्सा सब्सिडी के रूप में वापस मिलता है।
घर-आँगन का झुंड शुरू करने में कितना खर्च होता है?
TANUVAS केंद्र से 4–5 हफ़्ते के 20 चूजों के लिए करीब ₹1,600–2,400, ऊपर से मुर्गी घर और हर शाम थोड़ा अनाज।
क्या देसी मुर्गी पालन में मुनाफ़ा है?
हो सकता है, लेकिन कोई इसका वादा नहीं कर सकता। यह इस पर निर्भर है कि आप चूजों और दाने पर कितना खर्च करते हैं, कितने पक्षी बचते हैं, और आपको क्या कीमत मिलती है। खरीदने से पहले अपने आंकड़ों से लागत निकलेगी या नहीं, इसका हिसाब लगाएं।
मेरी मुर्गियाँ कितने अंडे देंगी?
देसी मुर्गियाँ साल में करीब 40–70 अंडे देती हैं; उन्नत किस्में ज़्यादा देती हैं। सिर्फ़ अंडों से कमाई कम होती है, इसलिए मांस के लिए पक्षी और चूजे भी बेचने की योजना बनाएं।
आगे क्या करें
सब्सिडी, लोन और बीमा के लिए पढ़ें: देसी मुर्गी पालन: 2026 में सब्सिडी, लोन और बीमा, और सही कीमत पाने के लिए: देसी मुर्गियाँ कैसे बेचें: उम्र, कीमत और सुरक्षित पेमेंट। जब आपके पक्षी तैयार हों, तो मुफ़्त विज्ञापन डालें या बिकाऊ मुर्गियाँ देखें।
