देसी मुर्गियाँ आपके लिए ठीक हैं, अगर आपके घर या खेत के आसपास थोड़ी जगह है, कोई ऐसा है जो हर सुबह पक्षियों को बाहर छोड़े और हर रात उन्हें सुरक्षित बंद करे, और साँपों व दूसरे शिकारी जानवरों को दूर रखने का कोई तरीका है। ऐसे पक्षियों के छोटे झुंड से शुरू करें जो पहले से 4–6 हफ़्ते के हों, एक मौसम तक सीखें, फिर अपने ही चूजों से झुंड बढ़ाएं। यह अध्याय पैसा लगाने से पहले इनमें से हर बात जाँचने में आपकी मदद करता है।
क्या यह आपके लिए ठीक है?
अगर इनमें से ज़्यादातर बातें सही हैं, तो देसी मुर्गियाँ आपके लिए ठीक हैं:
- आपके पास आँगन, बगीचा या नारियल का बाग है जहाँ पक्षी चुग सकें, या छोटे शेड के लिए जगह है।
- परिवार में कोई साल के हर दिन, हर सुबह और शाम घर पर रहता है।
- आप ऐसा मुर्गी घर (दड़बा) बना सकते हैं जिसमें साँप, नेवले, बिल्लियाँ और चूहे न घुस सकें।
- पास में खरीदार हैं: साप्ताहिक हाट, दुकानें, या पड़ोसी जिन्हें देसी मुर्गियाँ चाहिए।
- टीकाकरण के दिनों के लिए और पक्षियों के बीमार पड़ने पर कोई पशु औषधालय पहुँच में है।
घर-आँगन, अर्ध-सघन या छोटा फ़ार्म
TANUVAS देसी मुर्गियाँ पालने के ये तरीके बताता है (TANUVAS); तमिलनाडु की सब्सिडी योजना इनमें 250 पक्षियों की एक यूनिट जोड़ती है (तेनकासी):
| तरीका | पक्षी | क्या चाहिए | किसके लिए ठीक |
|---|---|---|---|
| घर-आँगन | 10–20 | रात के लिए मुर्गी घर; दिन में पक्षी घर के आसपास चुगते हैं | आँगन वाला परिवार; कम खर्च और कम कमाई |
| अर्ध-सघन | 50–100 | रात में शेड, और दिन में बगीचा या नारियल का बाग | कुछ ज़मीन और समय वाले किसान |
| छोटा फ़ार्म (तमिलनाडु योजना) | 250 | कम से कम 625 वर्ग फुट अपनी ज़मीन पर शेड | अनुभव वाले लोग |
| सघन, डीप लिटर (गहरी बिछावन) पर | 1,000–5,000 | पूरा दाना और टीकाकरण; पक्षी बैच में बिकते हैं | कारोबार के लिए, पहले झुंड के लिए नहीं |
हर तरीके के बारे में और जानकारी: देसी मुर्गियाँ कैसे पाली जाती हैं।
कितने पक्षियों से शुरू करें
- 10–20 पक्षी एक घर के लिए सही संख्या है: ICAR-DPR हर घर में 10–20 पक्षी सुझाता है — जितनी जगह हो और पक्षियों को जितना खाना खुद मिल जाए, उसके हिसाब से (ICAR-DPR)। TANUVAS के अनुसार एक दड़बे में करीब 20 देसी मुर्गियाँ रात में सो सकती हैं (TANUVAS)।
- अपने चूजों से झुंड बढ़ाएं। देसी मुर्गियाँ अपने अंडे सेती हैं और चूजे पालती हैं; संकर और उन्नत किस्म के पक्षी आम तौर पर ऐसा नहीं करते (TANUVAS)। अच्छी मुर्गियाँ और एक मुर्गा रखें, तो और पक्षी खरीदे बिना झुंड बढ़ सकता है। देखें: देसी मुर्गी के अंडों से चूजे: सेने वाली मुर्गी, इनक्यूबेटर।
- बड़ी यूनिट बाद में। योजना की 250 पक्षियों वाली यूनिट और अर्ध-सघन झुंडों के लिए ठीक-ठाक शेड, ज़्यादा दाना और ज़्यादा पैसा चाहिए; छोटे झुंड के साथ एक-दो मौसम बिताने के बाद ही इन्हें आज़माएं। ब्रॉयलर अलग कारोबार है: देखें देसी मुर्गी की नस्लें: अंडे या मांस के लिए पक्षी कैसे चुनें।
जगह और स्थान
- शेड में जगह: मांस के लिए पाले जाने वाले हर पक्षी के लिए करीब 1 वर्ग फुट और अंडे देने वाली हर मुर्गी के लिए 2 वर्ग फुट (TANUVAS)।
- मुर्गी घर में हवा अच्छी तरह आनी-जानी चाहिए, थोड़ी रोशनी होनी चाहिए और शिकारी जानवरों से बचाव होना चाहिए। लकड़ी और बाँस के मुर्गी घरों में जूँ और माइट छिप जाते हैं, इसलिए उन्हें नियमित रूप से साफ़ करें (ICAR-DPR)।
- स्थान: ऊँची ज़मीन जहाँ पानी न भरे, साफ़ पानी, बिजली और सड़क, और लोगों के घरों से दूर (TANUVAS)। तमिलनाडु की योजना 250 पक्षियों के लिए कम से कम 625 वर्ग फुट अपनी ज़मीन माँगती है, घरों और पानी के स्रोतों से दूर (तेनकासी)।
- शिकारी जानवर: साँप, नेवले, बिल्लियाँ, चूहे और शिकारी पक्षी। TANUVAS के अनुसार घर-आँगन में बीमारी से ज़्यादा चूजे साँपों और शिकारी पक्षियों की वजह से जाते हैं (TANUVAS)।
और जानकारी: देसी मुर्गियों का शेड: मुर्गी घर, जगह और बिछावन।
अपने फ़ार्म का पंजीकरण कराएं
अप्रैल 2025 में केंद्र सरकार के पशुपालन और डेयरी विभाग ने सभी पोल्ट्री फ़ार्मों को अपने राज्य के पशुपालन विभाग में पंजीकरण कराने का निर्देश दिया (PIB)। यह कैसे होता है, अपने पशु औषधालय से पूछें। बड़े फ़ार्मों को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति (कंसेंट) भी चाहिए, और पक्षियों की संख्या की सीमा हर राज्य में अलग है: केरल में बोर्ड के अनुसार 100 से ज़्यादा पक्षियों वाले फ़ार्मों को उसकी सहमति चाहिए (केरल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड)। बड़ा शेड बनाने से पहले मुर्गी पालकों के लिए नियम पढ़ें।
हर दिन का समय
मुर्गियों को दिन में दो बार किसी की ज़रूरत होती है, हर दिन — त्योहार के दिनों में और बारिश में भी:
- सुबह: पक्षियों को बाहर छोड़ने से पहले साफ़ पानी दें (ICAR-DPR), हर पक्षी को देखें, और अंडे इकट्ठे करें।
- शाम: हर पक्षी को 20–30 ग्राम अनाज दें, पक्षियों को गिनें और उन्हें सुरक्षित बंद करें।
- हर दिन: जहाँ पक्षी रात में बैठते हैं, वहाँ की बीट साफ़ करें (TANUVAS), और दाना, अंडे और कोई मौत हुई हो तो उसे एक कॉपी में लिखें (TANUVAS)।
- हर कुछ महीनों में: पशु चिकित्सक की सलाह के अनुसार पेट के कीड़ों की दवा और टीके। टीके के पैक 200–500 पक्षियों के लिए बने होते हैं, इसलिए छोटे मुर्गी पालक सरकार के टीकाकरण के दिनों और कैंपों का फ़ायदा उठाते हैं (TANUVAS)।
पहले से तय कर लें कि आपके बाहर होने पर मुर्गी घर कौन खोलेगा और बंद करेगा; झुंड को एक रात के लिए भी अकेला नहीं छोड़ा जा सकता। देखें: देसी मुर्गी की सेहत: टीकाकरण कैलेंडर और पेट के कीड़े।
ब्रूडिंग हो चुके पक्षियों से शुरू करें
- एक दिन के चूजों को नर्सरी चाहिए। उन्हें गर्मी, सही दाना और शिकारी जानवरों से बचाव चाहिए, और ICAR-DPR उन्हें खुले में चुगने भेजने से पहले 4–6 हफ़्ते नर्सरी में रखता है (ICAR-DPR)। यह हुनर बाद में सीखें: देखें देसी चूजों की ब्रूडिंग: गर्मी, दाना और पहले 6 हफ़्ते।
- इसलिए अपने पहले झुंड के लिए 4–6 हफ़्ते के पक्षी खरीदें। TANUVAS का त्रिची केंद्र 4–5 हफ़्ते के देसी चूजे ₹80–120 प्रति चूजा बेचता है (TANUVAS), और तमिलनाडु की योजना अपने किसानों को 4 हफ़्ते के चूजे देती है (पॉलिसी नोट 2026-27)।
- नए पक्षियों को 30 दिन अलग रखें, अपने पहले से मौजूद पक्षियों से दूर (बर्ड फ्लू कार्य योजना)।
खरीदने से पहले पढ़ें: देसी मुर्गी की नस्लें: अंडे या मांस के लिए पक्षी कैसे चुनें और देसी चूजे सुरक्षित तरीके से खरीदें: हैचरी, सेहत और धोखा।
कट्टुतरै पर अपने पास देसी मुर्गियाँ खोजें
अपने गाँव के पास के किसानों की बिकाऊ देसी मुर्गियाँ, मुर्गे और चूजे सीधे देखें — फ़ोटो, गाँव के नाम और दूरी के साथ। कोई दलाल नहीं। किसान को कॉल या चैट करें, फिर पैसे देने से पहले पक्षियों को खुद देखकर जाँचें।
कोई खास नस्ल चाहिए? कट्टुतरै ऐप में उसका नाम खोजें, जैसे असील, कड़कनाथ या वनराजा।
पैसा: किन चीज़ों पर खर्च होगा
शुरू करने से पहले हर खर्च की सूची बनाएं: चूजे, मुर्गी घर या शेड, दाने और पानी के बर्तन, अनाज और दाना, टीके, और अगर चूजों की ब्रूडिंग करते हैं तो बिजली। पहली बिक्री तक दाने के लिए पैसे अलग रखें। घर-आँगन के झुंड और 250 पक्षियों की यूनिट के उदाहरण यहाँ हैं: देसी मुर्गी पालन की लागत और आमदनी: हिसाब का एक उदाहरण, और सब्सिडी और लोन की जानकारी यहाँ: देसी मुर्गी पालन: 2026 में सब्सिडी, लोन और बीमा।
खरीदने से पहले सीखें
- कोई कोर्स करें। TANUVAS की 2026-27 की सूची में शुरुआत करने वालों के लिए “घर-आँगन में मुर्गी पालन” और “फ़्री-रेंज (खुले में) मुर्गी पालन”, और आगे के लिए “मिनी हैचरी चलाना” और “पोल्ट्री टीकाकर्मी” कोर्स हैं (TANUVAS)। TANUVAS के किसान पेज से पंजीकरण करें।
- किसी केंद्र पर जाएं। त्रिची जैसे TANUVAS केंद्र अपने यहाँ किसानों को देसी मुर्गी पालन की ट्रेनिंग देते हैं, और चूजे भी देते हैं (TANUVAS)। आपका नज़दीकी कृषि विज्ञान केन्द्र (KVK) भी मदद कर सकता है।
- दूसरे दक्षिणी राज्यों में, अपने जिले के KVK से या राज्य के पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय से पूछें: कर्नाटक में KVAFSU, केरल में KVASU, आंध्र प्रदेश में SVVU और तेलंगाना में PVNRTVU।
- अपना सर्टिफ़िकेट संभालकर रखें। तमिलनाडु की योजना देसी मुर्गी पालन में कुशल लोगों के लिए है, और लोन के फ़ॉर्म में आपका अनुभव पूछा जाता है।
- कोई शक हो, तो नज़दीकी TANUVAS ट्रेनिंग केंद्र या अपने पशु चिकित्सक से पूछें (TANUVAS)।
आम गलतियाँ
- काम सीखने से पहले ही सैकड़ों पक्षियों से शुरुआत करना।
- उन्हें गर्म रखने के लिए ब्रूडर या अंडे सेने वाली मुर्गी के बिना एक दिन के चूजे खरीद लेना।
- ऐसा मुर्गी घर जिसकी दरारों से साँप, चूहे या नेवले अंदर आ सकें।
- नए खरीदे पक्षियों को पहले ही दिन अपने झुंड में मिला देना।
- पशु औषधालय के टीकाकरण के दिन छोड़ देना।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
नए किसान को कितनी मुर्गियों से शुरू करना चाहिए?
करीब 10–20। ICAR-DPR हर घर में 10–20 पक्षी सुझाता है, और TANUVAS के अनुसार एक दड़बे में करीब 20 देसी मुर्गियाँ आ जाती हैं।
एक दिन के चूजे खरीदूँ या बड़े पक्षी?
पहले झुंड के लिए 4–6 हफ़्ते के पक्षी। एक दिन के चूजों को पहले 4–6 हफ़्ते नर्सरी में गर्मी और देखभाल चाहिए, और यह एक हुनर है जिसे सीखना पड़ता है।
क्या मुझे अपनी मुर्गियों का पंजीकरण कराना होगा?
अप्रैल 2025 में सभी पोल्ट्री फ़ार्मों से अपने राज्य के पशुपालन विभाग में पंजीकरण कराने को कहा गया; कैसे कराएं, यह अपने पशु औषधालय से पूछें। बड़े फ़ार्मों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति भी चाहिए।
देसी मुर्गियों को कितनी जगह चाहिए?
शेड में मांस वाले हर पक्षी के लिए करीब 1 वर्ग फुट और अंडे देने वाली हर मुर्गी के लिए 2 वर्ग फुट। घर-आँगन के पक्षी दिन में बाहर चुगते हैं और उन्हें रात के लिए सुरक्षित मुर्गी घर चाहिए।
आगे क्या करें
अब पढ़ें: देसी मुर्गी की नस्लें: अंडे या मांस के लिए पक्षी कैसे चुनें। आपके आसपास के किसान क्या बेच रहे हैं और कितनी कीमत माँग रहे हैं, यह देखने के लिए बिकाऊ मुर्गियाँ देखें।
