पुंगनूर दुनिया की सबसे नाटी गाय-बैल नस्लों में से एक है, जो आंध्र प्रदेश के दक्षिण-पश्चिमी कोने में पुंगनूर और आसपास के तालुकों की है (SVVU पलमनेर)। इसे खेती के हल्के काम और थोड़े-से गाढ़े दूध के लिए पाला जाता है। NBAGR इसे आंध्र प्रदेश की नस्ल के रूप में पंजीकृत करता है (ICAR-NBAGR), पर असली पुंगनूर गाय-बैल अब दुर्लभ हैं (NBAGR–SVVU अध्ययन)।
पहचान कैसे करें
- कद: बहुत नाटा। NBAGR के औसत आँकड़ों के अनुसार कंधे तक ऊँचाई बैलों की करीब 107 सेमी और गायों की 97 सेमी होती है। बड़े बैलों का वज़न करीब 240 किलो और गायों का करीब 170 किलो होता है (NBAGR डेटाबेस); जन्म के समय बछड़ों का वज़न सिर्फ़ 10–13 किलो होता है (NBAGR डेटाबेस, SVVU अध्ययन)।
- रंग: सफ़ेद, स्लेटी, हल्के से गहरा भूरा, या लाल; कुछ पशु सफ़ेद के साथ लाल या काले मिले रंग के होते हैं, या सफ़ेद पर भूरे या काले चकत्तों वाले (NBAGR डेटाबेस)। चमड़ी, थूथन, पलकें और खुर काले होते हैं (NBAGR–SVVU अध्ययन)।
- सींग: अर्धचंद्राकार, और छोटे से मध्यम। बैलों के सींग छोटे, ठूँठ जैसे होते हैं, जो पीछे और फिर आगे की ओर मुड़ते हैं; गायों के सींग लंबे होते हैं और बगल में और आगे की ओर फैले होते हैं (NBAGR डेटाबेस, NBAGR–SVVU अध्ययन)।
- सिर और पूँछ: चौड़ा, बीच से थोड़ा धँसा माथा और ज़मीन तक पहुँचने वाली लंबी पूँछ (NBAGR–SVVU अध्ययन)।
- बछड़े अक्सर सफ़ेद और भूरे पैदा होते हैं, काले थूथन, काले खुर और पूँछ के काले गुच्छे के साथ (SVVU अध्ययन)।
किस काम आती है
- खेती का हल्का काम। NBAGR इसके उपयोगों में दूध के साथ भारवाही (खेती और गाड़ी का) काम और ढुलाई बताता है: बैल हल्की मिट्टी में काम करते हैं और छोटी गाड़ियाँ खींचते हैं (NBAGR डेटाबेस)।
- गाढ़ा दूध। SVVU के पलमनेर झुंड में गायों ने रोज़ करीब 3 लीटर दूध दिया, सबसे ज़्यादा दूध के दिनों में करीब 4 लीटर तक, और करीब 5 महीने के ब्यांत में कुल करीब 458 लीटर, जिसमें करीब 5.4% फ़ैट था (SVVU अध्ययन)। NBAGR के रिकॉर्ड में एक ब्यांत में करीब 546 किलो दर्ज है, जो 194 से 1,100 किलो तक होता है (NBAGR डेटाबेस)।
- कम देखरेख। SVVU के अनुसार यह नस्ल अपने छोटे कद, कम रख-रखाव और ठीक-ठाक दूध के लिए जानी जाती है (SVVU पलमनेर)।
- बछड़े। एक बार में एक। गायें पहली बार करीब 37 महीने की उम्र में ब्याती हैं, और फिर करीब हर 15 महीने में, हालाँकि यह अंतर 10 से 27 महीने तक होता है (NBAGR डेटाबेस)।
मुख्य रूप से कहाँ मिलती है
NBAGR के नस्ल रिकॉर्ड के अनुसार इसका मूल इलाका पुंगनूर तालुका और उससे लगे वायलपाड, मदनपल्ले और पलमनेर तालुके हैं, जो तब सभी चित्तूर जिले में थे (NBAGR डेटाबेस)। आंध्र प्रदेश में जिलों के नए बँटवारे के बाद पुंगनूर, मदनपल्ले और वायलपाड (अब वाल्मीकिपुरम) अन्नमय्या जिले में हैं, और पलमनेर अब भी चित्तूर में है। इस नस्ल का नाम पुंगनूर पर पड़ा है, जिसके स्थानीय शासकों ने इसे तैयार किया था (NBAGR डेटाबेस)।
शुद्ध पशु बहुत कम हैं। 1997 में पलमनेर केंद्र ने इलाके के 150 गाँवों का सर्वे किया, तो सिर्फ़ 21 पुंगनूर गायें मिलीं; 2013 के नस्ल सर्वे में 2,772 गिनी गईं (NBAGR डेटाबेस)। NBAGR की 2022 की नस्ल निगरानी सूची (ब्रीड वॉचलिस्ट) पुंगनूर को असुरक्षित नस्लों में रखती है (नस्ल निगरानी सूची), और इसकी मुख्य वजह इलाके में बड़े पैमाने पर हो रहा संकरण है (NBAGR–SVVU अध्ययन)। पलमनेर में SVVU का पशुधन अनुसंधान केंद्र 1954 में इस नस्ल को फिर से बढ़ाने के लिए शुरू हुआ था, और यह इसके मूल इलाके में इसे बचाने का कार्यक्रम चलाता है (SVVU पलमनेर)।
पुंगनूर गाय-बैल चाहिए?
पुंगनूर गाय-बैल जिन जिलों से आते हैं, वहाँ के गाय के विज्ञापन देखें, या अपने पास ढूँढने के लिए कट्टुतरै ऐप में “पुंगनूर” खोजें। नस्ल विक्रेता बताता है और कट्टुतरै उसकी जाँच नहीं करता, इसलिए पैसे देने से पहले पशु को खुद देखें।
1 नवंबर 2026 को इसके मूल जिलों में गाय के विज्ञापन:
पालने के सुझाव
- दिन में चराई, रात में छोटा बाड़ा। मूल इलाके में परिवार की महिलाएँ और बच्चे पशुओं की देखभाल करते हैं। पशु जंगल के पास की बंजर ज़मीन पर, और फ़सल कटने के बाद धान के ठूँठों वाले खेतों में चरते हैं, और रात बाँस और पत्थर के खंभों पर बने छोटे बाड़ों में बिताते हैं, जिनकी छत धान के पुआल या मूँगफली की सूखी बेलों के ढेर से बनी होती है (NBAGR डेटाबेस)।
- पुआल और फ़सल के बचे हिस्से। धान का पुआल मुख्य चारा है, साथ में गन्ने का अगोला, मूँगफली की सूखी बेलें, रागी का भूसा और शहतूत की पत्तियाँ; दूध देने वाली गायों को दुहते समय थोड़ा दाना मिलता है (NBAGR डेटाबेस)। मात्रा के लिए देखें गाय-बैल कैसे पाले जाते हैं।
- बछड़ों की नस्ल शुद्ध रखें। SVVU का संरक्षण झुंड अपनी गायों का प्रजनन सिर्फ़ पुंगनूर साँड़ों से करवाता है (SVVU अध्ययन)। आप भी ऐसा ही करें, या अपने पशु चिकित्सालय में पुंगनूर साँड़ के वीर्य से कृत्रिम गर्भाधान के बारे में पूछें।
- सेहत। समय पर टीके लगवाएं, और पेट के कीड़ों और किलनी (चिचड़ी) के बारे में अपने पशु चिकित्सक से पूछें: देखें गाय-बैल को स्वस्थ कैसे रखें।
खरीदने के सुझाव
- पहचान के निशान देखें: बहुत नाटा पशु (गाय कंधे तक करीब 97 सेमी), अर्धचंद्राकार सींग, चौड़ा, बीच से थोड़ा धँसा माथा, काला थूथन, काली पलकें और काले खुर, और ज़मीन तक पहुँचने वाली पूँछ।
- छोटा कद सबूत नहीं है। इलाके में बड़े पैमाने पर संकरण होता है (NBAGR–SVVU अध्ययन), और SVVU के अपने पलमनेर केंद्र ने कभी पुंगनूर गायों का ब्रिटेन से लाए गए केरी साँड़ों से संकरण किया था (SVVU पलमनेर)। विज्ञापन में नस्ल का नाम विक्रेता का बताया हुआ होता है, और कट्टुतरै उसकी जाँच नहीं करता। पशु की माँ को देखें, पूछें कि उसके माँ-बाप कहाँ से आए थे, और पहचान के निशान खुद जाँचें।
- पहले से पैसे कभी न दें। शुद्ध पशु दुर्लभ हैं, इसलिए दो बार जाँचें, और जो गाय आपने देखी नहीं, उसके पैसे कभी न दें: देखें पैसे सुरक्षित तरीके से देना।
- जाने-माने झुंड। जाने-माने झुंडों के पशुओं के बारे में पलमनेर में SVVU के केंद्र से, या अपने नज़दीकी पशु चिकित्सालय से पूछें (SVVU पलमनेर)।
- उम्र, सेहत और कागज़: पैसे देने से पहले दाँत गिनें और सेहत जाँचें: देखें गाय या बैल खरीदना।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पुंगनूर गाय कितनी ऊँची होती है?
औसतन कंधे तक करीब 97 सेमी, और बैल करीब 107 सेमी। गायों का वज़न करीब 170 किलो और बैलों का करीब 240 किलो होता है (NBAGR डेटाबेस)।
पुंगनूर गाय कितना दूध देती है?
SVVU के झुंड में रोज़ करीब 3 लीटर, और एक ब्यांत में करीब 458 लीटर, जिसमें करीब 5.4% फ़ैट होता है (SVVU अध्ययन)।
शुद्ध पुंगनूर गाय-बैल इतने दुर्लभ क्यों हैं?
ज़्यादातर मूल इलाके में हो रहे संकरण की वजह से (NBAGR–SVVU अध्ययन)। 1997 में 150 गाँवों के एक सर्वे में सिर्फ़ 21 पुंगनूर गायें मिलीं (NBAGR डेटाबेस)।
क्या पुंगनूर नए पालक के लिए ठीक है?
इसे पालना आसान है: इसे थोड़ा चारा और थोड़ी जगह चाहिए, और यह घर के लिए गाढ़ा दूध देती है। पर शुद्ध पशु दुर्लभ हैं, इसलिए खरीदने से पहले पशु और उसके माँ-बाप को बहुत ध्यान से जाँचें।
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पुंगनूर की तुलना दूसरी छोटी देसी नस्लों — केरल की वेचूर और कर्नाटक की मालनाद गिद्दा — से करें, या आंध्र प्रदेश की बड़ी ओंगोल से। खरीदने और देखभाल के लिए गाय-बैल पालन: देसी नस्लें, संकर, खरीद और देखभाल पढ़ें, और बिकाऊ गायें और बिकाऊ बैल देखें।

