सिरोही दक्षिणी राजस्थान की अरावली पहाड़ियों की मध्यम से बड़े आकार की, ज़्यादातर भूरी बकरी है, जिसे मांस और दूध के लिए पाला जाता है। यह सूखे, कठिन इलाके में मज़बूती से टिकी रहती है, लेकिन आम तौर पर एक बार में एक ही मेमना देती है, और ICAR-CIRG ने इसे उन नस्लों में गिना है जिन्हें चलने और चरने के लिए खुली जगह चाहिए (NBAGR नस्ल रिकॉर्ड, ICAR-CIRG)।
सिरोही बकरी कैसे पहचानें
- रंग: ज़्यादातर भूरा, हल्के या गहरे भूरे धब्बों के साथ; बहुत कम बकरियाँ पूरी सफ़ेद होती हैं (NBAGR नस्ल रिकॉर्ड, FAO)।
- कान: चपटे, पत्ते जैसे और लटकते हुए, मध्यम लंबाई के।
- सींग: छोटे, हल्के ऐंठे हुए, ऊपर और पीछे की ओर मुड़े; आम तौर पर बकरों और बकरियों, दोनों के सींग होते हैं।
- शरीर: गठीला और सुडौल; ज़्यादातर के गले में लटकन होती है — गर्दन के नीचे खाल के दो फुंदने (FAO)।
- वज़न: वयस्कों का औसत वज़न करीब 43 किलो (बकरे) और 35 किलो (बकरियाँ) होता है (NBAGR नस्ल रिकॉर्ड)।
- दूसरे नाम: राजस्थान में इसे मजीठी, परबतसरी या देवगढ़ी भी कहते हैं।
सिरोही बकरियाँ किस लिए पाली जाती हैं
- मांस और दूध। गाँवों के झुंडों में एक बकरी 5–6 महीने के एक ब्यांत में करीब 70–90 लीटर दूध देती है (NBAGR नस्ल रिकॉर्ड, FAO, ICAR-CIRG); अविकानगर में ICAR-CSWRI के फ़ार्म पर 2024–25 में औसत करीब 130 लीटर रहा (ICAR-CIRG)।
- बढ़वार। ICAR की बकरी सुधार परियोजना के गाँवों के झुंडों में मेमनों का वज़न 6 महीने पर करीब 15 किलो और 12 महीने पर 24 किलो था; अविकानगर फ़ार्म पर करीब 20 किलो और 31 किलो (ICAR-CIRG)। इसी संस्थान में भरपूर चारा-दाना देकर पाले गए नर मेमने 6 महीने में करीब 26 किलो के हो गए (ICAR-CIRG)।
- आम तौर पर एक मेमना। NBAGR के रिकॉर्ड में हर ब्यांत में औसतन 1.0 मेमना दर्ज है, और अविकानगर फ़ार्म पर 2024 के प्रजनन मौसम से ब्याई 105 बकरियों में से सिर्फ़ 17 के जुड़वाँ हुए (NBAGR नस्ल रिकॉर्ड, ICAR-CIRG)।
- देर से जवान होती है। बकरियाँ औसतन 2 साल से थोड़ी ज़्यादा उम्र में पहली बार ब्याती हैं, और ब्यांतों के बीच करीब 10 महीने का अंतर होता है (NBAGR नस्ल रिकॉर्ड)।
- नस्ल सुधारने वाली नस्ल। ICAR-CIRG ने सिरोही को कठिन, अर्ध-शुष्क इलाकों के लिए नस्ल सुधारने वाली (सुधारक) नस्ल बताया है (ICAR-CIRG)।
सिरोही बकरियाँ कहाँ से आती हैं
इस नस्ल का नाम राजस्थान के सिरोही जिले के नाम पर पड़ा है। NBAGR के रजिस्टर में इसका मूल इलाका राजस्थान और गुजरात लिखा है (NBAGR रजिस्टर); उसका नस्ल रिकॉर्ड सिरोही, उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा और अजमेर जिलों के नाम देता है — मध्य और दक्षिणी राजस्थान की अरावली पहाड़ियों में फैला सूखा और अर्ध-शुष्क इलाका (NBAGR नस्ल रिकॉर्ड)। FAO के एक पुराने सर्वेक्षण के अनुसार यह नस्ल गुजरात के पालनपुर तक मिलती है (FAO)। 2013 के राष्ट्रीय नस्ल सर्वेक्षण में करीब 18.2 लाख सिरोही बकरियाँ दर्ज हुईं (NBAGR नस्ल रिकॉर्ड)। ICAR की बकरी सुधार परियोजना के तहत अविकानगर में ICAR-CSWRI सिरोही बकरियों का एक झुंड रखता है, जिससे किसानों और संस्थाओं को बकरियाँ दी जाती हैं, और एक दूसरी इकाई उदयपुर के पास वल्लभनगर के आसपास गाँवों के झुंडों के साथ काम करती है (ICAR-CIRG)। तमिलनाडु में TANUVAS चेन्नई के अपने अनुसंधान फ़ार्म पर जिन नस्लों को रखता है, उनमें सिरोही भी है (TANUVAS)।
सिरोही बकरी चाहिए?
कट्टुतरै पूरे भारत में चलता है। सिरोही बकरियों के लिए ऐप में “सिरोही” खोजें, या अपने पास की बिकाऊ बकरियाँ देखें। नस्ल विक्रेता बताता है और कट्टुतरै उसकी जाँच नहीं करता, इसलिए पैसे देने से पहले पशु को खुद देखें।
सिरोही बकरियों का पालन
- इसे घूमने की जगह दें। ICAR-CIRG ने सिरोही को उन नस्लों में गिना है जिन्हें चलने और चरने के लिए खुली जगह चाहिए, जबकि बरबरी जैसी नस्लें बाड़े में चारा-दाना देकर भी अच्छी तरह पलती हैं (ICAR-CIRG)। अपने मूल इलाके में इसे चराई पर पाला जाता है — खुली चराई में या आधी चराई–आधे बाड़े वाले तरीके से (NBAGR नस्ल रिकॉर्ड), और ICAR अपना सिरोही झुंड भी आधी चराई–आधे बाड़े वाले तरीके से रखता है (ICAR-CIRG)।
- अगर आप बाड़े में चारा-दाना देकर फ़ार्म चलाना चाहते हैं, तो बाड़े के साथ एक खुला अहाता बनाएं, जैसा ICAR-CIRG के बाड़ों के नक्शों में होता है (ICAR-CIRG), और भरपूर चारा उगाएं। अच्छे चारे-दाने पर सिरोही के मेमने अच्छे बढ़ते हैं (ऊपर बढ़वार के आँकड़े देखें); देखें खिलाने के तरीके और हर बकरी के लिए जगह।
- जलवायु। ICAR-CIRG सिरोही को भारत के उत्तर-पश्चिम की नस्लों में रखता है (ICAR-CIRG), और चेतावनी देता है कि ऐसी नस्लें गर्म, नमी वाले दक्षिण और पूर्व में कम पनपती हैं और उनमें मौतें ज़्यादा होती हैं (ICAR-CIRG)। इसका मूल इलाका सूखा और अर्ध-शुष्क है, इसलिए यह सूखी गर्मी की आदी है (NBAGR नस्ल रिकॉर्ड)।
- कम मेमनों के हिसाब से योजना बनाएं। ज़्यादातर बकरियाँ एक बार में एक ही मेमना देती हैं और पहली बार देर से ब्याती हैं, इसलिए सिरोही का झुंड उस नस्ल के झुंड से धीरे बढ़ता है जिसके अक्सर जुड़वाँ होते हैं। योजना बनाते समय इसका हिसाब रखें — देखें बकरी पालन की लागत और आमदनी: एक उदाहरण से हिसाब।
सिरोही बकरी खरीदना
- सारे लक्षण जाँचें: भूरा रंग, हल्के या गहरे धब्बों के साथ, चपटे लटकते कान, ऊपर और पीछे की ओर मुड़े छोटे सींग, और गठीला शरीर, अक्सर गले में लटकन के साथ। सिर्फ़ भूरा रंग होने से कोई बकरी सिरोही नहीं हो जाती।
- पूछें कि माता-पिता कहाँ से आए, और बकरी को क्या खिलाया जाता था। चराई पर पली बकरी को अगर अचानक दिन भर बाड़े में रखा जाए तो उसे दिक्कत हो सकती है, इसलिए शुरुआत उसी चारे से करें (देखें पूछने लायक सवाल)।
- संकर बकरियाँ मिल सकती हैं। संकर बकरी भी किसी मशहूर नस्ल के नाम से बेची जा सकती है। विज्ञापन में नस्ल का नाम विक्रेता का बताया हुआ होता है; कट्टुतरै उसकी जाँच नहीं करता। बकरी को खुद देखें, और हो सके तो उसकी माँ को भी।
- प्रजनन के लिए ऐसे पशु चुनें जो नस्ल की पहचान से मेल खाते हों, और ऐसे झुंड से जिसका आपके झुंड से कोई रिश्ता न हो (ICAR-CIRG)।
इसके बाद सेहत और उम्र जाँचने और सुरक्षित तरीके से पैसे देने के लिए बकरी सुरक्षित कैसे खरीदें: सेहत, उम्र और ठगी से बचाव देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या सिरोही बाड़े में चारा-दाना देकर पालने के लिए ठीक है?
अच्छे चारे-दाने के साथ इसे बाड़े में रखा जा सकता है — ICAR-CSWRI में भरपूर चारा-दाना देकर पाले गए नर मेमने अच्छे बढ़े (ICAR-CIRG) — लेकिन ICAR-CIRG ने सिरोही को उन नस्लों में गिना है जिन्हें चलने और चरने के लिए खुली जगह चाहिए (ICAR-CIRG)। अपनी बकरियों को खुला अहाता दें, या रोज़ घुमाने ले जाएं।
सिरोही बकरी कितने मेमने देती है?
आम तौर पर एक बार में एक (NBAGR नस्ल रिकॉर्ड)।
सिरोही बकरी कितना दूध देती है?
गाँवों के झुंडों में एक ब्यांत में करीब 70–90 लीटर, और अच्छी तरह चलाए जा रहे फ़ार्मों पर इससे ज़्यादा — ICAR-CSWRI के फ़ार्म पर करीब 130 लीटर (ICAR-CIRG)।
क्या सिरोही गर्म, नमी वाले दक्षिण में ठीक रहेगी?
यह सूखी गर्मी में मज़बूती से टिकी रहती है, लेकिन ICAR-CIRG चेतावनी देता है कि उत्तर-पश्चिम की नस्लें गर्म, नमी वाले इलाकों में कम पनपती हैं और उनमें मौतें ज़्यादा होती हैं (ICAR-CIRG)। नमी वाले जिले में पहले इसकी तुलना स्थानीय नस्लों से करें — देखें बकरी की नस्ल कैसे चुनें: दक्षिण भारत की नस्लों की तुलना।
आगे पढ़ें
सिरोही की तुलना जमुनापारी और उस्मानाबादी से करें, या बकरी की नस्ल कैसे चुनें: दक्षिण भारत की नस्लों की तुलना में दक्षिण भारत की नस्लों से। बकरी का चारा-दाना: हरा-सूखा चारा, दाना मिश्रण और पानी की मदद से अपने चारे की योजना बनाएं, बिकाऊ बकरियाँ देखें, और बकरी सुरक्षित कैसे खरीदें: सेहत, उम्र और ठगी से बचाव साथ रखें।

