बकरी की नस्ल कैसे चुनें: दक्षिण भारत की नस्लों की तुलना

अपने इलाके, खरीदारों और चारे के हिसाब से बकरी की नस्ल चुनें: कन्नी, कोडी, सलेम ब्लैक, टेलीचेरी, बोअर और दूसरी नस्लों की तालिका, भेड़ की नस्लें भी।

अपडेट: 23 अक्टूबर 2026जाँचा गया: 23 अक्टूबर 2026कट्टुतरै टीम ने लिखा

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  1. पहले तय करें कि किस लिए पालना है
  2. अपने इलाके के हिसाब से नस्ल चुनें
  3. खिलाने के तरीके के हिसाब से नस्ल चुनें
  4. देखें कि आपके पास के खरीदार क्या चाहते हैं
  5. आम नस्लों की तुलना
  6. शुद्ध नस्ल, संकर और विदेशी नस्लें
  7. आम गलतियाँ
  8. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
  9. आगे क्या करें

ऐसी नस्ल चुनें जो आपके इलाके में पहले से पलती हो, जो आपके खिलाने के तरीके के हिसाब से ठीक हो, और जिसकी माँग आपके पास के खरीदार करते हों। दूर से लाई गई मशहूर नस्ल नई जलवायु में अक्सर धीरे बढ़ती है और ज़्यादा बीमार पड़ती है। यह अध्याय बताता है कि फ़ैसला कैसे करें, और दक्षिण भारत के बाज़ारों में मिलने वाली बकरी और भेड़ की नस्लों की तुलना करता है।

पहले तय करें कि किस लिए पालना है

  • मांस (ज़्यादातर फ़ार्म)। आप मेमने और कम उम्र के बकरे बेचेंगे। दक्षिण भारत की ज़्यादातर नस्लें — कन्नी, कोडी, सलेम ब्लैक, मालाबारी और अट्टपाडी ब्लैक — मुख्य रूप से मांस के लिए पाली जाती हैं।
  • दूध। मांस वाली स्थानीय नस्लें कम दूध देती हैं: कन्नी बकरियों ने ब्यांत की शुरुआत में करीब 0.7 लीटर रोज़ दूध दिया, जो तीसरे महीने तक घटकर करीब 0.4 लीटर रह गया (ICAR-NBAGR)। मालाबारी बकरियाँ रोज़ करीब 0.5–1.5 लीटर दूध देती हैं (नस्ल पर अध्ययन)। अगर दूध आपके लिए ज़रूरी है, तो बकरियों की तुलना उनके दूध के रिकॉर्ड से करें, आकार से नहीं।
  • प्रजनन के लिए पशु। अगर आप प्रजनन के लिए पशु बेचना चाहते हैं, तो खरीदार किसी तय नस्ल के ऐसे पशु चाहेंगे जिनमें उस नस्ल के सारे लक्षण हों, इसलिए किसी भरोसेमंद जगह से शुद्ध नस्ल के पशुओं से शुरुआत करें।

अपने इलाके के हिसाब से नस्ल चुनें

बकरियाँ उसी जलवायु में सबसे ज़्यादा फलती-फूलती हैं जिसमें उनकी नस्ल पली-बढ़ी है। ICAR-CIRG चेतावनी देता है कि भारत के उत्तर-पश्चिम की नस्लें गर्म और नम दक्षिण और पूर्व में कम अच्छा प्रदर्शन करती हैं और उनमें से कम बचती हैं (ICAR-CIRG), और सलाह देता है कि दूसरे इलाके से नस्ल लाने के बजाय अपनी स्थानीय बकरियों को अपने इलाके के हिसाब से सही नस्ल के अच्छे बकरों से सुधारें (ICAR-CIRG)। NABARD की मॉडल योजना भी यही कहती है: पालने के लिए वही नस्लें सबसे उपयुक्त हैं जो अपने मूल इलाके में हों (NABARD)।

इस क्षेत्र की नस्लें कहाँ से आती हैं:

  • दक्षिणी तमिलनाडु (विरुधुनगर, थूथुकुडी, तिरुनेलवेली, रामनाथपुरम): कन्नी और कोडी।
  • उत्तर-पश्चिमी तमिलनाडु (सलेम, धर्मपुरी, कृष्णगिरि): सलेम ब्लैक।
  • उत्तरी केरल (कोझिकोड, कन्नूर, वायनाड, मलप्पुरम): मालाबारी, जो अक्सर टेलीचेरी के नाम से बिकती है।
  • अट्टपाडी की पहाड़ियाँ, पलक्कड़ (केरल): अट्टपाडी ब्लैक।
  • कर्नाटक: बिदरी और नंदीदुर्गा इस राज्य की पंजीकृत बकरी नस्लें हैं। NBAGR की सूची में आंध्र प्रदेश या तेलंगाना की कोई बकरी नस्ल नहीं है (ICAR-NBAGR); आंध्र प्रदेश अपनी नेल्लोर भेड़ के लिए जाना जाता है।

खिलाने के तरीके के हिसाब से नस्ल चुनें

  • चराई। जो स्थानीय नस्लें लंबी दूरी तक चलती हैं और सूखे महीने झेल लेती हैं, वे चराई के लिए ठीक हैं। तनुवास (TANUVAS) के अनुसार सलेम ब्लैक कठिन, अर्ध-शुष्क हालात में अच्छी तरह ढल जाती है (TANUVAS), और अट्टपाडी ब्लैक बकरियाँ ज़्यादातर पहाड़ियों में खुली चराई पर पाली जाती हैं (KAU अध्ययन)।
  • बाड़े में चारा-दाना। ICAR-CIRG के अनुसार कई नस्लें बाड़े में बंद रखकर खिलाने पर ठीक से नहीं पनपतीं, और कुछ को चलने-चरने के लिए खुली जगह चाहिए (ICAR-CIRG)। बड़ी नस्लों और विदेशी नस्ल की संकर बकरियों को ज़्यादा और बेहतर चारा-दाना चाहिए: केरल में बोअर संकर बकरियों को स्थानीय मालाबारी बकरियों से ज़्यादा देखभाल की ज़रूरत पड़ी (KVASU समीक्षा)।
  • पूछें कि पशु कैसे पाले गए। ऐसे फ़ार्म से खरीदें जो वैसे ही खिलाता हो जैसे आप खिलाएंगे: चराई पर पली बकरी को दिन भर बाड़े में रखने पर दिक्कत हो सकती है।

देखें कि आपके पास के खरीदार क्या चाहते हैं

अलग-अलग जिलों के खरीदारों को अलग-अलग नस्ल, रंग और आकार पसंद होते हैं। चुनने से पहले:

  • अपने हफ़्तेवार हाट जाएं और देखें कि कौन-सी बकरियाँ सबसे जल्दी बिकती हैं, और उन्हें कौन खरीदता है।
  • व्यापारियों और बकरी पालकों से पूछें कि वे त्योहारों के लिए और प्रजनन के लिए कौन-सी नस्लें खरीदते हैं।
  • अपने जिले में बिकाऊ बकरियों के किसानों के विज्ञापनों में माँगी गई कीमतें देखें।

वज़न के हिसाब से बेचने और बिक्री का सही समय चुनने के लिए पढ़ें: बकरी कैसे बेचें: सही समय, सही दाम और सुरक्षित पेमेंट।

आम नस्लों की तुलना

आँकड़े नस्लों पर हुए सर्वेक्षणों के औसत हैं; आपके फ़ार्म के पशु चारे और देखभाल के हिसाब से अलग हो सकते हैं।

नस्ल मूल इलाका किस लिए पालते हैं जानने लायक बातें
कन्नी विरुधुनगर, थूथुकुडी और तेनकासी (पहले तिरुनेलवेली का हिस्सा), तमिलनाडु मांस काली, चेहरे के दोनों तरफ़ ऊपर से नीचे एक-एक सफ़ेद धारी; बड़े होने पर करीब 34 किलो (नर) और 28 किलो (मादा); हर ब्यांत में औसतन करीब 1.9 मेमने
कोडी थूथुकुडी और रामनाथपुरम, तमिलनाडु मांस बहुत ऊँची और लंबे शरीर वाली; दो रंग-किस्में, चेम-पोरै और करुम-पोरै; 1 साल पर करीब 23 किलो
सलेम ब्लैक सलेम, धर्मपुरी, कृष्णगिरि, और पास के इरोड और नामक्कल, तमिलनाडु मांस पूरी काली, ऊँची और छरहरी; बड़े होने पर करीब 38 किलो (नर) और 30 किलो (मादा); करीब आधे ब्यांत में जुड़वाँ या ज़्यादा मेमने
मालाबारी (टेलीचेरी के नाम से बिकती है) कोझिकोड, कन्नूर, वायनाड और मलप्पुरम, केरल मांस, कुछ दूध रंग सफ़ेद से लेकर मिला-जुला और काला तक; बड़े होने पर करीब 41 किलो (नर) और 31 किलो (मादा); जुड़वाँ और तीन मेमने आम हैं
अट्टपाडी ब्लैक अट्टपाडी की पहाड़ियाँ, पलक्कड़, केरल मांस पूरी काली, काँसे के रंग की आँखें; बड़े होने पर करीब 35 किलो (नर) और 31 किलो (मादा)
उस्मानाबादी उस्मानाबाद और सोलापुर का इलाका, महाराष्ट्र मांस ज़्यादातर काली; 1.5 साल पर करीब 34 किलो (नर) और 33 किलो (मादा); जल्दी जवान होती है
जमुनापारी इटावा जिला, उत्तर प्रदेश दूध और मांस बहुत ऊँची, ज़्यादातर सफ़ेद, उभरी हुई नाक, लंबे लटकते कान; रोज़ करीब 1.75 किलो दूध; बड़े होने पर करीब 45 किलो (नर) और 38 किलो (मादा)
बोअर दक्षिण अफ़्रीका (विदेशी); भारत में ज़्यादातर संकर के रूप में मांस अच्छे चारे-दाने पर संकर बकरियाँ तेज़ी से बढ़ती हैं, लेकिन उन्हें ज़्यादा देखभाल चाहिए; नीचे देखें

स्रोत: कन्नी, उस्मानाबादी और जमुनापारी — ICAR-NBAGR; कोडी — TANUVAS अध्ययन; सलेम ब्लैक — TANUVAS; मालाबारी — नस्ल पर अध्ययन और TNAU; अट्टपाडी ब्लैक — KAU अध्ययन; बोअर — KVASU समीक्षा।

कट्टुतरै पर ‘बकरी’ श्रेणी में भेड़ें भी आती हैं। तमिलनाडु के बाज़ारों में मिलने वाली भेड़ की आम नस्लें:

नस्ल मूल इलाका किस लिए पालते हैं जानने लायक बातें
मेचेरी सलेम, नामक्कल, इरोड, करूर और धर्मपुरी, तमिलनाडु मांस हल्का भूरा रंग, बहुत छोटे बाल, नर-मादा दोनों में सींग नहीं; मेढ़े करीब 32 किलो, भेड़ें करीब 28 किलो
मद्रास रेड चेन्नई और कांचीपुरम, तमिलनाडु मांस भूरा, हल्के बादामी से गहरे तक; मेढ़ों के सींग मुड़े हुए, भेड़ों के सींग नहीं; मेढ़े करीब 35 किलो, भेड़ें करीब 23 किलो
रामनाड व्हाइट रामनाथपुरम और शिवगंगा, तमिलनाडु मांस ज़्यादातर सफ़ेद; मेढ़ों के सींग मुड़े हुए, भेड़ों के सींग नहीं; मेढ़े करीब 31 किलो, भेड़ें करीब 22 किलो
नेल्लोर नेल्लोर और प्रकाशम, आंध्र प्रदेश मांस ऊँची, लंबे लटकते कान और बहुत कम बाल; मेढ़े करीब 36 किलो, भेड़ें करीब 28 किलो

स्रोत: TNAU; मेचेरी — ICAR-NBAGR। इस क्षेत्र की दूसरी पंजीकृत भेड़ नस्लों में तमिलनाडु की किलाकरसल, वेम्बूर, तिरुचि ब्लैक और कोयंबटूर, और कर्नाटक की बेल्लारी, मांड्या, हासन और केंगुरी शामिल हैं (ICAR-NBAGR)।

तालिकाओं में हर नस्ल के नाम पर दबाने से उसका अपना पेज खुलता है। राज्यों के हिसाब से सभी नस्लें: बकरी और भेड़।

कट्टुतरै पर अपने पास बकरियाँ खोजें

अपने गाँव के पास के किसानों की बिकाऊ बकरियाँ सीधे देखें — फ़ोटो, गाँव के नाम और दूरी के साथ। कोई दलाल नहीं। किसान को कॉल या चैट करें, फिर पैसे देने से पहले बकरी को खुद देखें और उसकी सेहत जाँचें।

कोई खास नस्ल चाहिए? कट्टुतरै ऐप में उसका नाम खोजें, जैसे जमुनापारी, सिरोही या उस्मानाबादी।

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शुद्ध नस्ल, संकर और विदेशी नस्लें

  • नस्ल का नाम विक्रेता का बताया हुआ होता है। विज्ञापन में लिखा “टेलीचेरी”, “सलेम ब्लैक” या “बोअर संकर” एक दावा है, सबूत नहीं। NBAGR के रजिस्टर में केरल की यह नस्ल मालाबारी नाम से दर्ज है; टेलीचेरी इसका बाज़ार का नाम है (ICAR-NBAGR)। तालिका में दिए नस्ल के लक्षण जाँचें, पूछें कि माता-पिता कहाँ से आए, और हो सके तो माँ को देखें।
  • शुद्ध जमुनापारी कम मिलती है। NBAGR के अनुमान में इसके मूल इलाके में 5,000 से भी कम पशु थे (ICAR-NBAGR), इसलिए पूछें कि विक्रेता को कैसे पता है कि पशु शुद्ध नस्ल का है।
  • बोअर और दूसरी विदेशी नस्लों की संकर बकरियाँ। केरल में अच्छी देखभाल में बोअर × मालाबारी संकर बकरियाँ तेज़ी से बढ़ीं, लेकिन वहाँ जिन संकर बकरियों का अध्ययन हुआ, जिनमें बोअर संकर भी थीं, उनमें मालाबारी बकरियों के मुकाबले ज़्यादा मौतें हुईं और साँस की दिक्कतें ज़्यादा हुईं; मालाबारी बकरियाँ गर्म, नम जलवायु को बेहतर झेल पाईं (KVASU समीक्षा)। संकर बकरियाँ तभी आज़माएं जब आप अच्छा चारा-दाना, बाड़ा और देखभाल दे सकें।
  • स्थानीय बकरियों का सुधार। अगर शुद्ध नस्ल की मादाएं मिलना मुश्किल हो, तो ICAR-CIRG की सलाह है कि अच्छी स्थानीय बकरियों का मेल अपनी जलवायु के हिसाब से सही नस्ल के उम्दा बकरों से कराएं, पीढ़ी दर पीढ़ी — लेकिन कभी उनके अपने पिता से नहीं (ICAR-CIRG)।

आम गलतियाँ

  • यह देखे बिना सबसे बड़ी या सबसे मशहूर नस्ल चुन लेना कि वह आपके इलाके की गर्मी, बारिश और चारे के हिसाब से ठीक है या नहीं।
  • ऐसे पशु के लिए नस्ल वाली कीमत देना, जिसकी नस्ल आप पक्की नहीं कर सकते।
  • कम खर्च वाली चराई में विदेशी संकर बकरियाँ ले आना।
  • सालों तक एक ही बकरा रखना, जिससे वह अपनी ही बेटियों से मेल करता है — उसे हर 2–3 साल में बदलें (ICAR-CIRG)।
  • ऐसी नस्ल चुनना जिसकी माँग आपके इलाके के खरीदार नहीं करते।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

तमिलनाडु के लिए बकरी की कौन-सी नस्ल सबसे अच्छी है?

कोई एक सबसे अच्छी नस्ल नहीं है। तमिलनाडु की पंजीकृत नस्लें — कन्नी, कोडी और सलेम ब्लैक — राज्य के गर्म, सूखे जिलों के हिसाब से ढली हुई हैं। वह नस्ल चुनें जिसका मूल इलाका आपके सबसे पास हो, या ऐसी नस्ल के अच्छे बकरे से अपनी स्थानीय बकरियों को सुधारें।

क्या नए बकरी पालक के लिए बोअर ठीक है?

पहले कदम के तौर पर आम तौर पर नहीं। बोअर संकर बकरियाँ तेज़ी से बढ़ सकती हैं, लेकिन उन्हें बेहतर चारा-दाना, बाड़ा और देखभाल चाहिए, और केरल में संकर बकरियों में स्थानीय बकरियों से ज़्यादा मौतें हुईं। पहले किसी स्थानीय नस्ल के साथ सीखें।

क्या टेलीचेरी और मालाबारी एक ही हैं?

हाँ। उत्तरी केरल की मालाबारी नस्ल की बकरियों का बाज़ार का नाम टेलीचेरी है; TNAU इन्हें “मालाबार या टेलीचेरी” लिखता है (TNAU), और NBAGR में यह नस्ल मालाबारी नाम से पंजीकृत है।

आगे क्या करें

पैसे देने से पहले बकरी की सेहत और उम्र जाँचने के लिए अब पढ़ें: बकरी सुरक्षित कैसे खरीदें: सेहत, उम्र और ठगी से बचाव। आपके पास के किसान कौन-सी नस्लें बेच रहे हैं, यह देखने के लिए बिकाऊ बकरियाँ देखें।

स्रोत

  1. ICAR-National Bureau of Animal Genetic Resources (NBAGR), Karnal — Registered Breeds of Goat · पढ़ा गया 23 अक्टूबर 2026
  2. ICAR-National Bureau of Animal Genetic Resources (NBAGR), Karnal — Registered Breeds of Sheep · पढ़ा गया 23 अक्टूबर 2026
  3. ICAR-NBAGR, Indian Journal of Animal Sciences 82 (2), February 2012 — Breed descriptors (special feature): Kanni Adu, Jamunapari and Osmanabadi goats · पढ़ा गया 23 अक्टूबर 2026
  4. Indian Journal of Veterinary and Animal Sciences Research, vol. 49 no. 3 (2020) — Thiruvenkadan A K, Saravanan R (TANUVAS, Namakkal), Chellapandian M — Characterization of Kodi Adu goats of Tamil Nadu, India · पढ़ा गया 23 अक्टूबर 2026
  5. Tamil Nadu Veterinary and Animal Sciences University (TANUVAS), Mecheri Sheep Research Station — Goat Unit: Salem Black · पढ़ा गया 23 अक्टूबर 2026
  6. Indian Journal of Animal Sciences 79 (8), 2009 — Verma N K, Dixit S P, Dangi P S, Aggarwal R A K, Kumar S, Joshi B K — Malabari goats: Characterization, management, performance and genetic variability · पढ़ा गया 23 अक्टूबर 2026
  7. Animal Genetic Resources (FAO) 37: 43–52, 2005 — Stephen M, Raja T V, Sosamma I, College of Veterinary and Animal Sciences, Kerala Agricultural University, Mannuthy — Survey and characterization of Attappady Black goats of Kerala, India · पढ़ा गया 23 अक्टूबर 2026
  8. Journal of Livestock Biodiversity 15 (1) — Devadharshini K, Dinesh C N (Kerala Veterinary and Animal Sciences University), Thirupathy Venkatachalapathy R — Kerala's Goat Breeding Policy (2024): Implications for Indigenous Goat Genetic Resources · पढ़ा गया 23 अक्टूबर 2026
  9. TNAU Agritech Portal, Tamil Nadu Agricultural University — Goat: Breeds of Goat · पढ़ा गया 23 अक्टूबर 2026
  10. TNAU Agritech Portal, Tamil Nadu Agricultural University — Sheep: Breeds · पढ़ा गया 23 अक्टूबर 2026
  11. ICAR-Central Institute for Research on Goats (CIRG), Makhdoom — Tips for Commercial Goat Farming (December 2019) · पढ़ा गया 23 अक्टूबर 2026
  12. ICAR-Central Institute for Research on Goats (CIRG), Makhdoom — Good Management Practices for Profitable Goat Farming · पढ़ा गया 23 अक्टूबर 2026
  13. National Bank for Agriculture and Rural Development (NABARD) — Model Bankable Scheme on Goat · पढ़ा गया 23 अक्टूबर 2026
  14. ICAR-National Bureau of Animal Genetic Resources (NBAGR), Karnal — Information System of Animal Genetic Resources of India (AnGR database): Breed Descriptor of Mecheri (Sheep) · पढ़ा गया 23 अक्टूबर 2026

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