नेल्लोर आंध्र प्रदेश की ऊँची, लंबी टाँगों वाली भेड़ है, जिसके शरीर पर ऊन नहीं, बाल होते हैं; इसे मांस के लिए पाला जाता है। ICAR-NBAGR ने इसे आंध्र प्रदेश की नस्ल के रूप में पंजीकृत किया है (ICAR-NBAGR), और रंग के हिसाब से इसकी तीन किस्में हैं: पल्ला, जोडिपी और भूरी (SVVU)।
इसे कैसे पहचानें
- ऊँची और लंबी टाँगों वाली, और छाती, कंधे के उभार और पिछले हिस्से को छोड़कर शरीर पर बाल कम (ICAR-NBAGR, TNAU), इसलिए कतरने के लिए ऊन होती ही नहीं।
- कान: लंबे (करीब 15 सेमी) और लटकते हुए (ICAR-NBAGR)।
- गले की लटकन: करीब 86% भेड़ों के गले में लटकन होती है (ICAR-NBAGR)।
- सींग: सिर्फ़ मेढ़ों के सींग होते हैं (ICAR-NBAGR, TNAU)।
- वज़न: मेढ़े का वज़न करीब 36–37 किलो और भेड़ का करीब 28–30 किलो होता है (ICAR-NBAGR, TNAU); जन्म के समय मेमने का वज़न करीब 2.7 किलो होता है (ICAR-NBAGR)।
रंग के हिसाब से तीन किस्में:
| किस्म | रंग | आज ज़्यादातर कहाँ मिलती है |
|---|---|---|
| पल्ला | पूरी सफ़ेद, या सफ़ेद, जिसके सिर, गर्दन, पीठ और पैरों पर हल्के भूरे धब्बे हों | नेल्लोर जिले का आत्मकूर इलाका |
| जोडिपी | सफ़ेद; होंठों, आँखों और निचले जबड़े के आसपास काला, और अक्सर कानों, पेट और पैरों पर भी | अविभाजित चित्तूर और नेल्लोर जिले |
| भूरी (डोरा) | पूरी भूरी | वाईएसआर कडपा, कुरनूल और अनंतपुर के कुछ हिस्से |
रंग: ICAR-NBAGR, SVVU अध्ययन, FAO। इलाके: SVVU अध्ययन।
यह किस काम आती है
- मांस। NBAGR ने इसका उपयोग मांस बताया है (ICAR-NBAGR), और SVVU के वैज्ञानिक इसे मांस की लोकप्रिय नस्लों में से एक बताते हैं (SVVU)।
- एक बार में एक मेमना: NBAGR के रिकॉर्ड के अनुसार हर ब्यांत में 1 मेमना होता है (ICAR-NBAGR)।
- गाँवों के झुंडों में पहला मेमना देर से: NBAGR के रिकॉर्ड में पहला मेमना करीब 28 महीने की उम्र में होता है, और दो ब्यांतों के बीच करीब 14 महीने का अंतर रहता है (ICAR-NBAGR)। SVVU के पलमनेर केंद्र पर भेड़ों का पहला मेल 15 महीने की उम्र के बाद कराया जाता है, जब उनका वज़न 25 किलो हो जाए (SVVU)।
- बहुत आम नस्ल: 2013 के नस्ल सर्वेक्षण में करीब 69 लाख नेल्लोर भेड़ों का अनुमान लगाया गया (ICAR-NBAGR)।
यह मुख्य रूप से कहाँ मिलती है
NBAGR के नस्ल रिकॉर्ड के अनुसार इसका मूल इलाका आंध्र प्रदेश के नेल्लोर और ओंगोल (प्रकाशम) जिले हैं (ICAR-NBAGR); TNAU भी नेल्लोर, प्रकाशम और ओंगोल का नाम लेता है (TNAU)। जिलों में हाल के बदलावों के बाद यह इलाका आज के श्री पोट्टि श्रीरामुलु नेल्लोर, प्रकाशम और मार्कापुरम जिलों में आता है। कुछ झुंड एक ही जगह रहते हैं, और कुछ चराई के साथ जगह बदलते रहते हैं (ICAR-NBAGR)। जैसा ऊपर की तालिका में दिखता है, रंग वाली किस्में इससे बड़े इलाके में फैल चुकी हैं (SVVU अध्ययन)।
नेल्लोर भेड़ चाहिए?
अपने पास बिकाऊ नेल्लोर भेड़ें ढूँढने के लिए कट्टुतरै ऐप में “नेल्लोर” खोजें (कट्टुतरै पर भेड़ें ‘बकरी’ श्रेणी में हैं)। नस्ल विक्रेता बताता है और कट्टुतरै उसकी जाँच नहीं करता, इसलिए पैसे देने से पहले पशु को खुद देखें।
पालने के सुझाव
- चराई। नेल्लोर के झुंड चराई पर पलते हैं, और कई झुंड इसके लिए जगह-जगह घूमते हैं (ICAR-NBAGR)। अपनी चराई और सूखे मौसम के चारे की योजना बनाएं: देखें बकरी का चारा-दाना: हरा-सूखा चारा, दाना मिश्रण और पानी।
- वज़न देखकर गाभिन कराएं। भेड़ों का मेल उम्र के साथ-साथ वज़न देखकर भी कराएं: SVVU का पलमनेर केंद्र, जहाँ झुंड को आधी चराई, आधा बाड़े में रखकर खिलाया जाता है, भेड़ों का पहला मेल 15 महीने की उम्र और 25 किलो वज़न के बाद कराता है (SVVU)। बकरियों के लिए यही नियम यहाँ देखें: पहली बार गाभिन कराने की उम्र और वज़न।
- रात का आसरा: देखें बकरी का बाड़ा (शेड): हर बकरी की जगह, फ़र्श और छत।
- मेढ़े: मेढ़ों की अदला-बदली सिर्फ़ उसी नस्ल और उसी किस्म के भीतर करें। SVVU के शोधकर्ता यह सलाह देते हैं, ताकि नस्लें बिना सोचे-समझे आपस में न मिलें (SVVU अध्ययन); यह भी देखें: नज़दीकी रिश्ते में प्रजनन से बचें।
- सेहत: भेड़ों को भी बकरियों जैसी ही रोज़ की जाँच, टीकाकरण और कृमिनाशन (पेट के कीड़ों की दवा देना) चाहिए। बकरी की सेहत: टीकाकरण कैलेंडर और कृमिनाशन में बताई गई बातें अपनाएं, और अपने पशु चिकित्सक से पूछें कि आपके इलाके में भेड़ों को कौन-से टीके चाहिए।
खरीदने के सुझाव
- नस्ल की पहचान जाँचें: लंबे लटकते कानों और छोटे बालों वाली ऊँची भेड़, अक्सर गले में लटकन के साथ; मादा भेड़ों के सींग नहीं होते, और रंग तीनों में से किसी एक किस्म से मिलता है (ICAR-NBAGR)।
- मिले-जुले झुंड आम हैं। SVVU के एक आनुवंशिक अध्ययन में इस इलाके की जाँची गई हर भेड़ आबादी में मिली-जुली नस्लों का खून पाया गया (SVVU अध्ययन)। झुंड दिखाने को कहें: एक ही किस्म और मिलती-जुलती बनावट की भेड़ें अच्छा संकेत हैं।
- विज्ञापन में नस्ल का नाम विक्रेता का बताया हुआ होता है। कट्टुतरै उसकी जाँच नहीं करता, इसलिए पैसे देने से पहले भेड़ को खुद देखें।
- उम्र और सेहत: बकरियों की तरह आगे के बड़े दाँत गिनें (दाँतों की तालिका), पर उससे निकली उम्र को मोटा अंदाज़ा ही मानें, और बकरी सुरक्षित कैसे खरीदें: सेहत, उम्र और ठगी से बचाव में बताई गई बातें अपनाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
जोडिपी, पल्ला और भूरी नेल्लोर क्या हैं?
ये एक ही नस्ल की रंग वाली किस्में हैं: पल्ला सफ़ेद होती है, जोडिपी सफ़ेद पर काले निशानों वाली, और भूरी (जिसे डोरा भी कहते हैं) पूरी भूरी (SVVU अध्ययन, FAO)।
नेल्लोर भेड़ का वज़न कितना होता है?
मेढ़े का वज़न करीब 36–37 किलो और भेड़ का करीब 28–30 किलो होता है।
क्या नेल्लोर भेड़ से ऊन मिलती है?
नहीं। इनके शरीर पर थोड़े ही बाल होते हैं, और इन्हें मांस के लिए पाला जाता है।
क्या नेल्लोर नए भेड़ पालक के लिए ठीक है?
हाँ, अगर आपके पास चराई है। यह बहुत जगह पाली जाती है, इसलिए पशु आसानी से मिल जाते हैं, पर भेड़ एक बार में एक ही मेमना देती है, और गाँवों के झुंडों में पहला मेमना अक्सर करीब 28 महीने की उम्र में जाकर होता है।
आगे पढ़ें
इसकी तुलना मद्रास रेड और दक्कनी भेड़ों से, या तमिलनाडु की मेचेरी से करें। बाड़ा तैयार करने के लिए देखें: बकरी का बाड़ा (शेड): हर बकरी की जगह, फ़र्श और छत। सभी नस्लों की गाइड देखें, और बिकाऊ बकरियाँ और भेड़ें देखें।
