मेचेरी तमिलनाडु के सलेम जिले की मध्यम आकार की, हल्के भूरे रंग की भेड़ है, जिसे मांस के लिए पाला जाता है; इसका नाम मेट्टूर के पास के मेचेरी ब्लॉक पर पड़ा है। न मेढ़ों के सींग होते हैं, न भेड़ों के; इसके शरीर पर ऊन नहीं, छोटे बाल होते हैं, और इसकी खाल से अच्छी गुणवत्ता का चमड़ा बनता है। कट्टुतरै पर भेड़ें ‘बकरी’ श्रेणी में हैं।
इसे कैसे पहचानें
- रंग: हल्का भूरा (हल्का बादामी), गर्दन पर अक्सर ज़्यादा गहरा; कई भेड़ों पर सफ़ेद चकत्ते भी होते हैं (NBAGR डेटाबेस)।
- सींग नहीं: मेढ़े और भेड़ें, दोनों बिना सींग के होते हैं (NBAGR डेटाबेस, TANUVAS)।
- बाल: बहुत छोटे बाल, जिन्हें कतरा नहीं जाता (TANUVAS)।
- बनावट: मध्यम आकार और लंबी टाँगें; गठीला शरीर, चौड़ी छाती, थोड़ी मेहराब जैसी (रोमन) नाक, मध्यम आकार के कान और सीधे पैर; खुर भूरे या काले होते हैं।
- वज़न: वयस्क मेढ़े का वज़न करीब 32 किलो और भेड़ का करीब 28 किलो होता है (NBAGR डेटाबेस, TANUVAS)।
यह किस काम आती है
- मांस। मेचेरी मांस की नस्ल है, जिससे अपने वज़न के हिसाब से ज़्यादा मांस मिलता है — ड्रेसिंग प्रतिशत करीब 54% (NBAGR डेटाबेस)।
- खाल। जाँच में मेचेरी की खाल से बना चमड़ा मिली-जुली नस्ल की भेड़ों के चमड़े से ज़्यादा मज़बूत, मुलायम और एक-सा निकला, इतना अच्छा कि उससे कीमती कपड़ों का चमड़ा बन सके (TANUVAS)।
- मेमने। भेड़ आम तौर पर एक बार में एक मेमना देती है (NBAGR डेटाबेस)। भेड़ों का पहला मेल करीब 12 महीने की उम्र में होता है और पहला मेमना करीब 17 महीने पर, फिर वे करीब हर 7–8 महीने में ब्याती हैं; वे हर मौसम में गाभिन होती हैं और 6–7 साल तक मेमने देती रहती हैं (TANUVAS)।
- बढ़वार। जन्म के समय मेमनों का वज़न करीब 2 किलो, 6 महीने पर 11–12 किलो और 1 साल पर 15–18 किलो होता है; जल्दी जवान होना इस नस्ल की जानी-मानी खूबियों में से एक है (TANUVAS)।
यह मुख्य रूप से कहाँ मिलती है
NBAGR ने मेचेरी को तमिलनाडु की नस्ल के रूप में पंजीकृत किया है (नस्ल रजिस्टर)। इसका मूल इलाका सलेम, नामक्कल, इरोड, करूर और धर्मपुरी जिले हैं, और नस्ल के सबसे ठेठ पशु सलेम जिले के तारमंगलम, ओमलूर, कोलत्तूर और मेचेरी ब्लॉकों में और इरोड के पेरुंदुरै तालुका में मिलते हैं (NBAGR डेटाबेस); TANUVAS इसमें डिंडीगुल के कुछ हिस्से भी जोड़ता है। इसका नाम मेट्टूर तालुका के मेचेरी ब्लॉक से पड़ा है — कहा जाता है कि यह नाम मेचल एरी से बना है, यानी एक तालाब, जहाँ भेड़ें चरती हैं — और इस नस्ल को कन्निवाडी और मैलम्बाडी भी कहते हैं (TANUVAS)। सरकार के 2013 के नस्ल सर्वेक्षण में करीब 12.1 लाख भेड़ें मेचेरी के रूप में दर्ज हुई थीं (NBAGR डेटाबेस)।
मेचेरी भेड़ चाहिए?
मेचेरी भेड़ें जिन जिलों से आती हैं, वहाँ के विज्ञापन देखें (कट्टुतरै पर भेड़ें ‘बकरी’ श्रेणी में हैं), या अपने पास ढूँढने के लिए ऐप में “मेचेरी” खोजें। नस्ल विक्रेता बताता है और कट्टुतरै उसकी जाँच नहीं करता, इसलिए पैसे देने से पहले पशु को खुद देखें।
1 नवंबर 2026 को इसके मूल जिलों में बकरी और भेड़ के विज्ञापन:
पालने के सुझाव
- चरने वाले झुंड। मेचेरी के झुंड एक ही इलाके में रहते हैं और रोज़ करीब 7–8 घंटे बिना खेती वाली ज़मीन पर चरते हैं; उगाया हुआ चारा या दाना सिर्फ़ तब दिया जाता है जब चराई कम हो, और रात में भेड़ों को बाड़े में रखा जाता है (NBAGR डेटाबेस)। एक झुंड में औसतन करीब 24 भेड़ें होती हैं (TANUVAS–NBAGR अध्ययन)।
- आसरे और सूखे मौसम के चारे की योजना बनाएं। शुरुआत इनसे करें: बकरी का बाड़ा (शेड): हर बकरी की जगह, फ़र्श और छत और अपना चारा खुद उगाएं; और अपने पशु चिकित्सालय से पूछें कि भेड़ों के लिए क्या बदलना है।
- समय पर कृमिनाशन और टीकाकरण कराएं। मूल इलाके के किसान नियमित अंतराल पर कृमिनाशन (पेट के कीड़ों की दवा देना) कराते हैं (NBAGR डेटाबेस)। अपने इलाके की भेड़ों के लिए टीकाकरण तालिका अपने पशु चिकित्सक से लें; आम तरीका यहाँ समझाया गया है: बकरी की सेहत: टीकाकरण कैलेंडर और कृमिनाशन।
- हर मेमना कीमती है। हर ब्यांत में एक ही मेमना होता है, इसलिए उसे जल्दी खीस पिलाएं और मेमनों को सूखा और गर्म रखें: देखें बकरी के मेमनों की देखभाल: खीस, क्रीप फ़ीड और दूध छुड़ाना।
- अच्छे मेढ़े। पोट्टनेरी में TANUVAS का मेचेरी भेड़ अनुसंधान केंद्र किसानों को बेहतर पशु देने के लिए मेचेरी भेड़ों का एक झुंड रखता है (TANUVAS केंद्र)। मेढ़े हर 2–3 साल में बदलें: देखें नज़दीकी रिश्ते में प्रजनन से बचें।
खरीदने के सुझाव
- नस्ल की पहचान देखें: हल्का भूरा रंग, छोटे बाल, मेढ़ों और भेड़ों, दोनों के सींग नहीं, और थोड़ी मेहराब जैसी नाक। सींग वाला मेढ़ा, ऊन वाला शरीर या ज़्यादातर सफ़ेद शरीर संकर होने की ओर इशारा करता है।
- प्रजनन वाले मेढ़े के अंडकोष जाँचें। TANUVAS ने करीब 9% मेचेरी नरों में ऐसे अंडकोष दर्ज किए जो नीचे नहीं उतरे थे, इसलिए प्रजनन के लिए मेढ़ा तभी खरीदें जब दोनों अंडकोष नीचे उतरे हों और बराबर आकार के हों (TANUVAS)।
- संकर आम हैं, इसलिए मेचेरी कहकर बेची जा रही भेड़ संकर भी हो सकती है। विज्ञापन में नस्ल का नाम विक्रेता का बताया हुआ होता है, और कट्टुतरै उसकी जाँच नहीं करता। झुंड देखें, पूछें कि उसके माँ-बाप कहाँ से आए थे, और ऊपर बताए निशान खुद जाँचें।
- पैसे देने से पहले सेहत और उम्र जाँचें: देखें बकरी सुरक्षित कैसे खरीदें: सेहत, उम्र और ठगी से बचाव।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या मेचेरी नए भेड़ पालक के लिए अच्छी भेड़ है?
हो सकती है, अगर आप इसके मूल जिलों में या उनके पास रहते हैं, आपके पास चराई की ज़मीन है, और आपके आसपास के खरीदार इसे माँगते हैं। बकरियों की तरह भेड़ों को भी रोज़ चराने ले जाना और देखभाल चाहिए: देखें नए लोगों के लिए बकरी पालन: क्या यह आपके लिए सही है?।
वयस्क मेचेरी भेड़ का वज़न कितना होता है?
औसतन मेढ़े का करीब 32 किलो और भेड़ का 28 किलो, और 1 साल की उम्र में करीब 15–18 किलो (NBAGR डेटाबेस, TANUVAS)। आपकी अपनी भेड़ों का वज़न चारे और देखभाल के हिसाब से कम-ज़्यादा होगा।
क्या मेचेरी भेड़ों के सींग होते हैं?
नहीं। मेढ़े और भेड़ें, दोनों कुदरती तौर पर बिना सींग के होते हैं, और यही इस नस्ल को पहचानने के सबसे आसान तरीकों में से एक है (TANUVAS)।
मेचेरी की खाल की कद्र क्यों होती है?
TANUVAS की बताई जाँचों में मेचेरी का चमड़ा मिली-जुली नस्ल की भेड़ों के चमड़े से ज़्यादा मज़बूत निकला; वह छूने में ज़्यादा मुलायम था, उसकी सतह (ग्रेन) ज़्यादा कसी हुई थी और रंग ज़्यादा एक-सा था, इसलिए यह कीमती कपड़ों के चमड़े के लिए ठीक है (TANUVAS)।
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मेचेरी की तुलना तमिलनाडु की दो और भेड़ नस्लों, मद्रास रेड और रामनाड व्हाइट से करें, या बकरी और भेड़ की सभी नस्लें देखें। अपने पास मेचेरी भेड़ें ढूँढने के लिए बिकाऊ बकरियाँ और भेड़ें देखें।
