टेलीचेरी उत्तरी केरल की मालाबारी बकरी का बाज़ार का नाम है: मध्यम आकार की बकरी, जो मुख्य रूप से मांस के लिए पाली जाती है और जुड़वाँ और तीन बच्चे एक साथ देने के लिए जानी जाती है। ICAR-NBAGR ने इस नस्ल को मालाबारी नाम से पंजीकृत किया है (ICAR-NBAGR), और इसके दूसरे नामों में टेलीचेरी, थलस्सेरी और मालाबार गिनाए हैं (ICAR-NBAGR)।
इसे कैसे पहचानें
- रंग अलग-अलग होता है। ज़्यादातर मालाबारी बकरियाँ पूरी सफ़ेद होती हैं, लेकिन कुछ काली, भूरी या मिले-जुले रंग की होती हैं (ICAR-NBAGR); नस्ल पर एक अध्ययन में सफ़ेद से लेकर मिले-जुले रंगों और काले तक हर रंग मिला (नस्ल पर अध्ययन)। सिर्फ़ रंग से नस्ल का पता नहीं चलता।
- सींग: छोटे और हल्के ऐंठे हुए, बाहर और ऊपर की ओर; कुछ बकरियों में ये पीछे और नीचे की ओर मुड़ते हैं (ICAR-NBAGR)।
- कान: मध्यम आकार के, बाहर और नीचे की ओर, लगभग नाक तक पहुँचते हुए (ICAR-NBAGR)।
- वज़न: वयस्क बकरों का वज़न करीब 39–41 किलो और बकरियों का करीब 31 किलो होता है (ICAR-NBAGR, नस्ल पर अध्ययन)।
- मेमने: जन्म के समय करीब 2 किलो, 6 महीने पर 9 किलो और 1 साल पर 21 किलो (ICAR-NBAGR, नस्ल पर अध्ययन)।
यह किस काम आती है
- पहले मांस, थोड़ा दूध। NBAGR के रिकॉर्ड में यह दूध और मांस, दोनों की नस्ल है (ICAR-NBAGR), लेकिन बकरी पालक इसे मुख्य रूप से मांस के लिए पालते हैं। बकरियाँ रोज़ करीब 0.5–1.5 लीटर दूध देती हैं (नस्ल पर अध्ययन), या एक ब्यांत में करीब 44 किलो (ICAR-NBAGR)।
- ज़्यादा मेमने। NBAGR इस नस्ल को बहुत ज़्यादा बच्चे देने वाली बताता है (ICAR-NBAGR)। नस्ल पर अध्ययन में आधे ब्यांत में जुड़वाँ और एक-चौथाई में तीन बच्चे एक साथ हुए (नस्ल पर अध्ययन)। KVASU की एक समीक्षा के अनुसार मालाबारी हर ब्यांत में 1.76–1.97 मेमने देती है, जबकि बोअर बकरियाँ 1.63 (KVASU समीक्षा)।
- प्रजनन: बकरियाँ औसतन करीब 20 महीने की उम्र में (16–23 महीने) पहली बार ब्याती हैं, और फिर करीब हर 9 महीने में ब्याती हैं (ICAR-NBAGR)।
- नम गर्मी के लिए बनी। यह नस्ल केरल की गर्म, नम जलवायु में ढली हुई है (ICAR-NBAGR), और विदेशी नस्लों के साथ इसकी संकर बकरियों से बेहतर इसे झेल लेती है; KVASU इसके मांस की गुणवत्ता और कम चर्बी का भी ज़िक्र करता है (KVASU समीक्षा)।
यह मुख्य रूप से कहाँ मिलती है
NBAGR के नस्ल रिकॉर्ड के अनुसार इसका मूल इलाका उत्तरी केरल के चार जिले हैं: कोझिकोड (कालीकट), कन्नूर, वायनाड और मलप्पुरम — पुराना मालाबार इलाका (ICAR-NBAGR)।
इतने नाम क्यों? “मालाबारी” नाम मालाबार इलाके से आया है। थलस्सेरी कन्नूर जिले का एक कस्बा है, और टेलीचेरी उसी नाम का पुराना अंग्रेज़ी रूप है; NBAGR इन दोनों को नस्ल के दूसरे नामों में गिनता है (ICAR-NBAGR), और TNAU इसे “मालाबार या टेलीचेरी” कहता है (TNAU)। विज्ञापन में चाहे जो भी नाम लिखा हो, नस्ल एक ही है।
केरल की 2024 की बकरी प्रजनन नीति में मालाबारी बकरियों को उनके मूल इलाके के अंदर ही, चुने हुए बकरों से, प्राकृतिक मेल और फ़्रोज़न सीमन (जमाए हुए वीर्य) के ज़रिए सुधारने की, और राज्य के बाकी हिस्सों में बिना खास नस्ल वाली बकरियों को सुधारने के लिए मालाबारी बकरों का इस्तेमाल करने की योजना है (KVASU समीक्षा)।
टेलीचेरी बकरी चाहिए?
अपने पास बिकाऊ टेलीचेरी बकरियाँ ढूँढने के लिए कट्टुतरै ऐप में “टेलीचेरी” खोजें, या सभी बिकाऊ बकरियाँ देखें। नस्ल विक्रेता बताता है और कट्टुतरै उसकी जाँच नहीं करता, इसलिए पैसे देने से पहले पशु को खुद देखें।
पालने के सुझाव
- चराई के साथ दाना। आम तरीका आधी चराई–आधे बाड़े वाला है: दिन में चराई, साथ में थोड़ा दाना (ICAR-NBAGR)। देखें बकरी का चारा-दाना: हरा-सूखा चारा, दाना मिश्रण और पानी।
- बकरियों को सूखा रखें। भारी बारिश में मचान वाला बाड़ा बकरियों को गीली ज़मीन से दूर रखता है; देखें मचान वाला या ज़मीन पर बाड़ा।
- जुड़वाँ के हिसाब से खिलाएं। जिस बकरी के पेट में जुड़वाँ या तीन बच्चे हों, उसे गाभिन रहने के आखिरी दिनों में अच्छा चारा-दाना चाहिए, और हर मेमने को जन्म के तुरंत बाद खीस मिलनी चाहिए: देखें गाभिन होने पर देखभाल और खीस।
- बकरा बदलते रहें। नस्ल पर अध्ययन में नज़दीकी रिश्ते में प्रजनन के लक्षणों को अच्छे बकरों की कमी और बिना योजना के मिलान से जोड़ा गया (नस्ल पर अध्ययन)। ऐसा बकरा रखें जिसका आपकी बकरियों से कोई रिश्ता न हो, और उसे समय पर बदलें: नज़दीकी रिश्ते में प्रजनन से बचें।
- सेहत: बकरी की सेहत: टीकाकरण कैलेंडर और कृमिनाशन में दी गई टीकाकरण और कृमिनाशन (पेट के कीड़ों की दवा देना) की सलाह मानें।
खरीदने के सुझाव
- रंग सबूत नहीं है। ऊपर बताए आकार, छोटे सींग और कान देखें, और पूछें कि माँ ने हर बार कितने मेमने दिए: इस नस्ल में जुड़वाँ और तीन बच्चे एक साथ होना आम बात है।
- केरल में संकर बकरियाँ आम हैं। मालाबारी बकरियों को लंबे समय से दूध के लिए सानेन और अल्पाइन बकरों से, और मांस के लिए बोअर बकरों से मिलाया जाता रहा है (KVASU समीक्षा)। बोअर × मालाबारी मेमने अच्छे चारे-दाने पर तेज़ी से बढ़े, लेकिन जिन संकर बकरियों का अध्ययन हुआ, जिनमें बोअर संकर भी थीं, उनमें मालाबारी बकरियों के मुकाबले ज़्यादा मौतें हुईं और साँस की दिक्कतें ज़्यादा हुईं (KVASU समीक्षा)। पूछें कि मेमना किस बकरे से हुआ है, और उसकी माँ को देखें।
- मूल इलाके से या किसी जाने-माने बकरी पालक से खरीदें। मन्नुथी में KVASU का यूनिवर्सिटी बकरी और भेड़ फ़ार्म मालाबारी बकरियों को चुनिंदा देसी नस्ल के पशुओं के रूप में रखता है (KVASU)। अपने नज़दीकी पशु चिकित्सालय से पूछें कि कौन-से सरकारी या यूनिवर्सिटी फ़ार्म प्रजनन के लिए बकरियाँ बेचते हैं।
- विज्ञापन में नस्ल का नाम विक्रेता का बताया हुआ होता है। कट्टुतरै उसकी जाँच नहीं करता, इसलिए बकरी को खुद देखें, उसके दाँत देखें और बकरी सुरक्षित कैसे खरीदें: सेहत, उम्र और ठगी से बचाव में बताई बातें अपनाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या टेलीचेरी और मालाबारी एक ही हैं?
हाँ। मालाबारी पंजीकृत नस्ल का नाम है; टेलीचेरी और थलस्सेरी इसी बकरी के दूसरे नाम हैं (ICAR-NBAGR)।
टेलीचेरी बकरी कितने मेमने देती है?
अक्सर दो या तीन। नस्ल पर अध्ययन में आधे ब्यांत में जुड़वाँ और एक-चौथाई में तीन बच्चे एक साथ हुए (नस्ल पर अध्ययन)।
क्या टेलीचेरी नए किसान के लिए ठीक है?
हो सकती है, चराई और थोड़े दाने वाले छोटे फ़ार्म पर। कुछ बकरियों से शुरू करें, और किसी जाने-पहचाने झुंड से ऐसा बकरा लें जिसका उनसे कोई रिश्ता न हो; देखें नए लोगों के लिए बकरी पालन: क्या यह आपके लिए सही है?।
क्या टेलीचेरी दूध की नस्ल है?
मुख्य रूप से नहीं। बकरियाँ रोज़ करीब 0.5–1.5 लीटर दूध देती हैं, लेकिन यह नस्ल मुख्य रूप से मांस के लिए पाली जाती है (नस्ल पर अध्ययन)।
आगे पढ़ें
केरल की दूसरी पंजीकृत बकरी नस्ल अट्टपाडी ब्लैक है। तमिलनाडु की सलेम ब्लैक से तुलना करें, और संकर आज़माने से पहले बोअर बकरियों के बारे में पढ़ें। फिर बकरी सुरक्षित कैसे खरीदें: सेहत, उम्र और ठगी से बचाव, सभी नस्लों की गाइड और बिकाऊ बकरियाँ देखें।

