वह पशु चुनें जिसे आपका चारा, पानी और आपके इलाके की जलवायु सँभाल सके, न कि वह जिसका दूध कागज़ पर सबसे ज़्यादा लिखा हो। संकर गाय सबसे ज़्यादा दूध तब देती है, जब उसे अच्छा खिलाया जाए और ठंडक में रखा जाए; देसी गायें और भैंसें कम चारे-पानी में भी बेहतर निभ जाती हैं। इस अध्याय में गाय और भैंस, देसी और संकर पशुओं, और हमारे पेजों पर दी गई दुधारू नस्लों की तुलना है, और अच्छे दुधारू पशु की पहचान दी गई है।
गाय या भैंस?
दोनों से डेयरी चलाई जा सकती है। तालिका दिखाती है कि आम भारतीय फ़ार्मों पर ये कैसे अलग हैं; आपके अपने पशुओं में चारे-दाने और देखभाल के हिसाब से फ़र्क होगा।
| देसी गाय | संकर गाय | भैंस | |
|---|---|---|---|
| दूध में फ़ैट | 4.5–5.5% | कम: शुद्ध HF में 3–4%, शुद्ध जर्सी में 3.5–4.5% | औसतन 5–6%; हमारे पेजों की नस्लों में करीब 7–8% |
| 305 दिन के एक ब्यांत में दूध | 1,000–1,500 किलो | 2,500–4,500 किलो | 1,800–3,500 किलो |
| गरम मौसम | करीब 40.5 °C तक सह लेती है | गरम मौसम में परेशान होती है; छाया और ठंडक चाहिए | गरम मौसम में सबसे ज़्यादा परेशान होती है; छाया और पानी में बैठने की जगह या फव्वारा चाहिए |
| पहली बार ब्याने की लक्ष्य उम्र | 30–36 महीने | 24–30 महीने | 30–36 महीने |
| हर कितने समय में एक बच्चा | 12–14 महीने | 12–14 महीने | 13–15 महीने |
स्रोत: NDDB; भैंस के दूध का फ़ैट — TNAU और ICAR-NBAGR; भैंसें और गरम मौसम — ICAR-CIRB। पहली बार ब्याने की उम्र अच्छे खान-पान के साथ NDDB के लक्ष्य हैं; NBAGR के नस्ल रिकॉर्ड में भैंसें पहली बार करीब 3.5–4 साल की उम्र में ब्याती हैं।
- जहाँ समिति फ़ैट के हिसाब से पैसे देती है, वहाँ भैंसें अच्छी रहती हैं। NDDB उन जगहों पर भैंस पालने का सुझाव देता है, जहाँ दूध की कीमत मुख्य रूप से फ़ैट पर तय होती है (NDDB)। दूध की कीमत देखें।
- गरम मौसम में और गाभिन कराने के समय भैंसों को ज़्यादा देखभाल चाहिए। उनकी खाल काली होती है और पसीने की ग्रंथियाँ कम होती हैं (ICAR-CIRB), और वे अक्सर गर्मी (हीट) के लक्षण बहुत हल्के दिखाती हैं या बिल्कुल नहीं दिखातीं (ICAR-CIRB)। गाय-भैंस को गाभिन कराना: गर्मी के लक्षण, AI और ब्याना देखें।
- अयन का संक्रमण (थनैला)। यह सबसे ज़्यादा शुद्ध विदेशी नस्ल की गायों को होता है, फिर संकर गायों को; स्थानीय गायों को कम, और भैंसों को सबसे कम (NDDB)।
देसी या संकर?
- अपने साधनों के हिसाब से तय करें। NDDB की सलाह: जहाँ चारा-दाना, पानी और पशु चिकित्सा की सुविधा कम हो, वहाँ देसी गाय-बैल या भैंसें पालें; साधन ठीक-ठाक से अच्छे हों, तो संकर गायें (NDDB)।
- देसी गाय-बैल हमारी जलवायु के अनुकूल हैं और कम अच्छे चारे से भी दूध बनाते हैं। वे किलनी (चिचड़ी) से होने वाले बुखारों का भी बेहतर सामना करते हैं, जबकि संकर पशु चिचड़ी बुखार (थेलेरियोसिस) से, जो किलनी से फैलने वाला रोग है, गंभीर रूप से बीमार पड़ सकते हैं (NDDB); संकर पशुओं को इसका टीका चाहिए। गाय-भैंस की सेहत: टीकाकरण कैलेंडर और खतरे के लक्षण देखें।
- आम सलाह आधे विदेशी खून की है। TNAU करीब 50% विदेशी खून वाले संकर पशुओं को बेहतर मानता है, क्योंकि उनमें देसी गाय की तरह गरम मौसम और रोग सहने की क्षमता बनी रहती है (TNAU)।
- मैदानों के लिए जर्सी संकर, पहाड़ों के लिए HF संकर। जर्सी संकर मध्यम आकार के होते हैं, गरम मौसम बेहतर सहते हैं और अपनी स्थानीय माँओं से 2–3 गुना दूध दे सकते हैं; HF संकर ज़्यादा दूध देते हैं, पर उसमें फ़ैट कम होता है, और वे गरम मौसम और गरम इलाकों के रोग कम सह पाते हैं (TNAU)। तमिलनाडु में जर्सी संकर ज़्यादातर मैदानों में और HF संकर उपयुक्त ठंडे इलाकों में पाले जाते हैं (तमिलनाडु पशुपालन विभाग)।
- बड़े संकर पशुओं को ज़्यादा खिलाना पड़ता है। HF संकर बड़े होते हैं और उन्हें ज़्यादा चारा-दाना चाहिए; कम खिलाने पर उनमें गाभिन होने की समस्याएँ ज़्यादा होती हैं (TNAU)।
- अपनी गायों को खुद गाभिन करा रहे हैं? कृत्रिम गर्भाधान (AI) कार्यकर्ता से पूछें कि वीर्य किस नस्ल का है और उसमें कितना विदेशी खून है; NDDB की सलाह है कि अपने राज्य की प्रजनन नीति का पालन करें (NDDB)। गाय-भैंस को गाभिन कराना: गर्मी के लक्षण, AI और ब्याना देखें।
दुधारू नस्लों की तुलना
हर नाम पर दबाने से उस नस्ल का पेज खुलता है, जिसमें नस्ल रजिस्टर से दूध के आँकड़े हैं। विज्ञापन में नस्ल विक्रेता की बताई हुई होती है, इसलिए नस्ल की पहचान खुद जाँचें।
| गाय की नस्ल | मूल इलाका | किस लिए पालते हैं | जानने लायक |
|---|---|---|---|
| गिर | सौराष्ट्र, गुजरात | दूध | लाल या लाल चित्तीदार; लंबे, मुड़े हुए कान |
| साहीवाल | पंजाब और राजस्थान | दूध | लाल-भूरी, ढीली खाल वाली |
| रेड सिंधी | पाकिस्तान; भारत में संगठित फ़ार्मों पर, कुछ तमिलनाडु और केरल में | दूध | लाल, गहरे लाल से पीलापन लिए लाल तक |
| थारपारकर | पश्चिमी राजस्थान और कच्छ | दूध, खेती का काम | सफ़ेद या हल्की स्लेटी; रेगिस्तान की नस्ल |
| देवनी | बीदर (कर्नाटक) और लातूर (महाराष्ट्र) | दूध, खेती का काम | काले-सफ़ेद धब्बों वाली |
| मालनाद गिद्दा | मालनाद के पहाड़ी जिले, कर्नाटक | दूध, खेती का काम, खाद | छोटी, ज़्यादातर काली; भारी बारिश वाले पहाड़ |
| वेचूर | कोट्टयम, आलप्पुझा, पत्तनमतिट्टा और कासरगोड, केरल | दूध, खाद | बहुत छोटी |
| पुंगनूर | पुराना चित्तूर जिला, आंध्र प्रदेश | खेती का काम, दूध | बहुत नाटी |
| जर्सी | जर्सी द्वीप, ब्रिटेन (विदेशी) | दूध | सबसे छोटी दुधारू नस्ल, लाल-बादामी; इसके संकर मैदानों के लिए ठीक |
| होल्स्टीन फ़्रीशियन (HF) | फ़्रीसलैंड, नीदरलैंड्स (विदेशी) | दूध | सबसे बड़ी दुधारू नस्ल, काली-सफ़ेद; इसके संकर ठंडे पहाड़ों के लिए ठीक |
| भैंस की नस्ल | मूल इलाका | किस लिए पालते हैं | जानने लायक |
|---|---|---|---|
| मुर्रा | हरियाणा | दूध, कुछ ढुलाई | गहरी काली, छोटे मुड़े हुए सींग; पूरे भारत में स्थानीय भैंसों को सुधारने के लिए इस्तेमाल होती है |
| सुरती | मध्य और दक्षिण गुजरात | दूध | मध्यम आकार, भूरी से चाँदी जैसी स्लेटी; भारी नस्लों से कम खाती है |
| मेहसाना | उत्तर गुजरात | दूध | ज़्यादातर काली; लगातार दूध देती है और नियमित ब्याती है |
| जाफराबादी | सौराष्ट्र, गुजरात | दूध, भारी ढुलाई | सबसे भारी भारतीय नस्ल; भारी, नीचे लटकते सींग |
| पंढरपुरी | सोलापुर, सांगली और कोल्हापुर, महाराष्ट्र | दूध, कुछ ढुलाई | काली, बहुत लंबे सींग |
| धारवाड़ी | उत्तर कर्नाटक, धारवाड़ के आसपास | दूध | काली; इसके दूध से धारवाड़ पेड़ा बनता है |
| टोडा | नीलगिरि, तमिलनाडु | दूध, ढुलाई | बादामी से राख जैसी स्लेटी, चराई पर पलने वाली पहाड़ी भैंस; बहुत गाढ़ा दूध |
| बारगुर भैंस | बारगुर की पहाड़ियाँ, इरोड, तमिलनाडु | दूध, खाद | छोटी और भूरी; जंगल में चराई; दूध ज़्यादातर घर में इस्तेमाल होता है |
स्रोत: देसी गायें और भैंसें — ICAR-NBAGR; जर्सी और HF — TNAU, TNAU; धारवाड़ी — ICAR-CIRB।
तमिलनाडु की अपनी पंजीकृत गाय-बैल नस्लें — कांगेयम, अम्बलाचेरी, पुलिकुलम और बारगुर — मुख्य रूप से खेती के काम के लिए तैयार की गई थीं, और हल्लिकर, अमृतमहल, खिल्लारी, कृष्णा वैली, ओंगोल और पोडा थुर्पु भी: तमिलनाडु के देसी गाय-बैल देखें।
कट्टुतरै पर अपने पास गाय और बैल खोजें
अपने गाँव के पास के किसानों की बिकाऊ गायें, बछड़े और बैल सीधे देखें — फ़ोटो, गाँव के नाम और दूरी के साथ। कोई दलाल नहीं। किसान को कॉल या चैट करें, फिर पैसे देने से पहले अपने सामने हाथ से दूध निकलवाकर देखें और पशु को खुद जाँचें।
कोई खास नस्ल चाहिए? कट्टुतरै ऐप में उसका नाम खोजें, जैसे गिर, साहीवाल या थारपारकर।
अच्छे दुधारू पशु की पहचान
- बनावट: चौकस और कोमल, मादा जैसा रूप; कील जैसा शरीर (आगे से पतला, पीछे से चौड़ा), चमकदार आँखें और पतली गर्दन (TNAU)।
- अयन: शरीर से अच्छी तरह जुड़ा और आगे तक फैला हुआ, दूध की नसों के जाल के साथ; लटका हुआ नहीं, बहुत मोटा नहीं, और चलते समय ज़्यादा इधर-उधर न झूले (TNAU, NDDB)।
- थन: अयन के चारों हिस्से साफ़ अलग दिखें, और चारों थन सही जगह पर हों (TNAU)।
- शरीर की हालत: 5 अंकों के पैमाने पर 3–4 अंक, न दुबली न मोटी, और वह आसानी से चलती और उठती हो (NDDB)।
- स्वभाव: शांत, और किसी अनजान व्यक्ति को भी दूध निकालने दे (TNAU)।
- उम्र: पहले पाँच ब्यांत में दूध सबसे ज़्यादा होता है, इसलिए पहले या दूसरे ब्यांत की गाय चुनें (TNAU)। दाँतों से उसकी उम्र जाँचें: दाँतों से उम्र देखें।
आम गलतियाँ
- ज़्यादा दूध वाली संकर गाय खरीद लेना, जबकि उसके लिए ज़रूरी हरा चारा, पशु आहार और पानी न हो।
- गरम मैदानों में HF संकर गायें बिना छाया और ठंडक के रखना।
- गाय को उसके अयन के आकार से परखना।
- ऐसे पशु के लिए नस्ल वाली कीमत देना, जिसकी नस्ल आप पक्की न कर सकें।
- गर्मियों में पानी में बैठने या नहलाने लायक पानी न होने पर भी भैंसें चुनना।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कौन-सी दुधारू नस्ल सबसे अच्छी है?
इसका कोई एक जवाब नहीं है। NDDB के अनुसार अच्छे दुधारू पशु की कसौटी है: हर साल एक बच्चा, रोगों से लड़ने की क्षमता, और कम से कम खर्च में ज़्यादा से ज़्यादा दूध (NDDB)। कौन-सी नस्ल इस कसौटी पर खरी उतरेगी, यह आपके चारे, पानी और जलवायु पर निर्भर करता है।
क्या भैंसों से गायों के मुकाबले ज़्यादा कमाई होती है?
हमेशा नहीं। समिति गाढ़े दूध के लिए प्रति लीटर ज़्यादा पैसे देती है, और भैंस के दूध में फ़ैट ज़्यादा होता है। पर भैंस आम तौर पर अच्छी तरह खिलाई गई संकर गाय से कम लीटर दूध देती है, और देर से और कम बार ब्याती है (NDDB)। अपनी समिति के रेट चार्ट से पूरे साल के दूध से होने वाली कमाई की तुलना करें।
क्या दूध बेचने के लिए देसी गायें ठीक हैं?
गिर और साहीवाल जैसी देसी दुधारू नस्लें खेती के काम वाली स्थानीय नस्लों से कहीं ज़्यादा दूध देती हैं (ICAR-NBAGR), और देसी गायें गरम मौसम और कम अच्छे चारे को बेहतर सह लेती हैं। पर भारतीय फ़ार्मों पर वे अच्छी तरह खिलाई गई संकर गायों से कम दूध देती हैं (NDDB), इसलिए वे कम चारे और पानी वाले फ़ार्मों के लिए ठीक हैं।
क्या मैदानी इलाके में HF संकर गाय रख सकते हैं?
यह ज़्यादा मुश्किल है। TNAU ठंडे पहाड़ों के लिए HF संकर की सलाह देता है, क्योंकि वे गरम मौसम कम सह पाते हैं, और मैदानों के लिए जर्सी संकर की (TNAU)। अगर आप किसी गरम जिले में HF संकर रखते हैं, तो छाया, ठंडक और भरपूर पानी का इंतज़ाम करें: पशुओं को ठंडा रखना देखें।
आगे पढ़ें
पैसे देने से पहले पशु को जाँचने के लिए आगे दुधारू गाय-भैंस कैसे खरीदें: जाँच और ज़रूरी कागज़ पढ़ें। आपके पास के किसान कौन-सी नस्लें बेच रहे हैं, यह देखने के लिए बिकाऊ गायें और बिकाऊ भैंसें देखें।
